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एमडी ने जीएम और सीसीओ से मांगा स्पष्टीकरण
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निघासन। क्षमता से अधिक पर्चियों का इंडेंट जारी करने के मामले में एमडी विमल दुबे ने सरयू सहकारी चीनी मिल बेलरायां के जीएम और सीसीओ को आरोप पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा हैं। सही जवाब न मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।
करीब दो सप्ताह पहले चीनी मिल जीएम सुशील कुमार गौढ़ और गन्ना सीसीओ दमनेश राय ने प्रतिदिन करीब 50 हजार क्विंटल की पेराई करने वाली चीनी मिल में छह गुना से अधिक पर्चियों का इंडेंट जारी कर दिया था। इसमें चीनी मिल से लेकर 40 गन्ना क्रय केंद्रों पर जाम लग गया। क्रय केंद्रों पर अब भी जाम की स्थित बनीं हुई है। चीनी मिल उपाध्यक्ष अमन दीप सिंह और प्रदेश चीनी मिल संघ उपाध्यक्ष साधना पांडेय ने मामले की शिकायत एमडी और गन्ना आयुक्त से की थी। एमडी के आदेश पर सीसीडीए ने मामले की जांच की। जांच में किसानों के लगाए गए आरोप सही पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी ने जीएम और सीसीओ को आरोप पत्र देते हुए स्पष्टीकरण मांगा हैं। आरोप है कि सीसीडीए ने इस मामले में लीपापोती का पूरा प्रयास किया है। उधर चीनी मिल के सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर जाम टूटने का नाम नहीं ले रही है। किसानों का आरोप है कि मई का महीना समाप्त होने वाला है। इसके बावजूद मिल चल रहा है। गन्ना अब भी खेतों में खड़ा हुआ है। ऐसी स्थित में यदि गन्ना छिलवाकर क्रय केंद्रों पर भेजा जाता है तो वहां पर भी गन्ना सूख जाएगा। अगले सीजन में देर से गन्ना निकलने के कारण पेंडी होने में समस्या से जूझना पड़ेगा। चीनी मिल के संचालक विनोद वर्मा, केडी वर्मा, श्यामू पांडेय, रमाकांत जायसवाल, इशरार खां, गोविंदर सिंह, गुरमीत सिंह समेत 13 लोगों ने जीएम और सीसीओ पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
मेरी रिपोर्ट पर एमडी साहब ने जीएम और सीसीओ से स्पष्टीकरण मांगा है। सही जवाब न मिलने पर दोनों के खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट एकदम सही है।
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- रामचंद्र पाठक, सीसीडीए
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करीब दो सप्ताह पहले चीनी मिल जीएम सुशील कुमार गौढ़ और गन्ना सीसीओ दमनेश राय ने प्रतिदिन करीब 50 हजार क्विंटल की पेराई करने वाली चीनी मिल में छह गुना से अधिक पर्चियों का इंडेंट जारी कर दिया था। इसमें चीनी मिल से लेकर 40 गन्ना क्रय केंद्रों पर जाम लग गया। क्रय केंद्रों पर अब भी जाम की स्थित बनीं हुई है। चीनी मिल उपाध्यक्ष अमन दीप सिंह और प्रदेश चीनी मिल संघ उपाध्यक्ष साधना पांडेय ने मामले की शिकायत एमडी और गन्ना आयुक्त से की थी। एमडी के आदेश पर सीसीडीए ने मामले की जांच की। जांच में किसानों के लगाए गए आरोप सही पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी ने जीएम और सीसीओ को आरोप पत्र देते हुए स्पष्टीकरण मांगा हैं। आरोप है कि सीसीडीए ने इस मामले में लीपापोती का पूरा प्रयास किया है। उधर चीनी मिल के सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर जाम टूटने का नाम नहीं ले रही है। किसानों का आरोप है कि मई का महीना समाप्त होने वाला है। इसके बावजूद मिल चल रहा है। गन्ना अब भी खेतों में खड़ा हुआ है। ऐसी स्थित में यदि गन्ना छिलवाकर क्रय केंद्रों पर भेजा जाता है तो वहां पर भी गन्ना सूख जाएगा। अगले सीजन में देर से गन्ना निकलने के कारण पेंडी होने में समस्या से जूझना पड़ेगा। चीनी मिल के संचालक विनोद वर्मा, केडी वर्मा, श्यामू पांडेय, रमाकांत जायसवाल, इशरार खां, गोविंदर सिंह, गुरमीत सिंह समेत 13 लोगों ने जीएम और सीसीओ पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
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मेरी रिपोर्ट पर एमडी साहब ने जीएम और सीसीओ से स्पष्टीकरण मांगा है। सही जवाब न मिलने पर दोनों के खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट एकदम सही है।
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- रामचंद्र पाठक, सीसीडीए