फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   तो कस्ता विधानसभा में भी हुआ रेखा के साथ भीतराघात

तो कस्ता विधानसभा में भी हुआ रेखा के साथ भीतराघात

Mon, 27 May 2019 01:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 May 2019 01:35 AM IST
विज्ञापन
तो कस्ता विधानसभा में भी हुआ रेखा के साथ भीतराघात
लखीमपुर खीरी। धौरहरा लोकसभा से दोबारा सांसद बनने में कामयाब रहीं रेखा वर्मा के सामने चुनाव के प्रारंभ से ही चुनौतियां आती रहीं। इसके बावजूद उन्हें टिकट मिला और चुनाव भी जीती। चुनाव परिणामों के साथ ही भितरघात की कहानियां सामने आने लगी हैं, जो भाजपा नेतृत्व के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। कस्ता विधानसभा के भाजपा विधायक सौरभ सिंह सोनू और उनके पिता/भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता जुगुल किशोर के गांव और क्षेत्र में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। पिता-पुत्र के प्रभाव वाले गांवों में भाजपा प्रत्याशी को बहुत ही कम वोट मिले, जबकि गठबंधन प्रत्याशी अरशद इलियास सिद्दीकी और कांग्रेस प्रत्याशी जितिन प्रसाद को अधिक वोट मिले हैं।
विज्ञापन

धौरहरा लोकसभा की पांच विधानसभाओं में कस्ता विधानसभा से भाजपा विधायक सौरभ सिंह सोनू और उनके पिता पूर्व राज्य सभा सदस्य जुगुल किशोर पहले बसपा में थे, जो विधानसभा चुनाव 2017 से पहले भाजपा में शामिल हुए। विधायक मूलरूप से ग्राम पंचायत भिरावां ग्रंट के मजरा चुरईपुरवा के निवासी है, जिनका परिवार आज भी गांव में रहता है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी विधायक और उनके पिता चुनाव प्रचार से दूर ही रहे। सूत्रों की माने तो विधायक के कार्यकर्ताओं ने विपक्षी प्रत्याशी का समर्थन किया था, जिसके सोशल मीडिया पर कई बार फोटो भी वायरल हुए थे। इससे क्षेत्र में सांसद रेखा वर्मा की जीत को लेकर संशय भी जताया गया था। भिरावां ग्रंट में तीन बूथों पर मतदान कराया गया था। भिरावां ग्रंट के एक बूथ पर भाजपा प्रत्याशी को 90 वोट मिले, जबकि गठबंधन प्रत्याशी को 462 और कांग्रेस को 75 वोट मिले। दूसरे बूथ पर भाजपा को 147 वोट, गठबंधन को 321 और कांग्रेस को 91 वोट मिले हैं। इसी तरह तीसरे बूथ पर भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ तीन वोट मिले, जबकि गठबंधन उम्मीदवार को 130 और कांग्रेस को 125 वोट मिले हैं।
विज्ञापन


हमारे गांव में दलित बिरादरी के मतदाता ज्यादा हैैं। इसके अलावा पाल बिरादरी के लोग रहते हैं। भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए गांव में प्रचार किया था। वोट कैसे कम रह गए, इसकी जानकारी नहीं है। वैसे हमें भी चुनाव में एक बूथ पर कम वोट मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- सौरभ सिंह सोनू, विधायक, कस्ता विधानसभा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed