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तेंदुए के हमले में युवक घायल
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ममरी/संसारपुर। वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर ग्रंट के मजरा गंगापुर गांव में कठिना नदी के किनारे खेत में गन्ने की सिंचाई कर रहे 18 वर्षीय युवक पर बाघ ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया। खेतों में मौजूद लोगों के शोर मचाने पर बाघ युवक को छोड़कर सहजनियां बीट जंगल की ओर चला गया। घायल युवक का संसारपुर में एक निजी चिकित्सक से इलाज कराने के बाद गोला सीएचसी भर्ती कराया गया।
गांव गंगापुर निवासी रामसनेही का 18 वर्षीय पुत्र गुलशन कुमार गुरुवार दोपहर बाद कठिना नदी से सटे अपने खेत में गन्ने की सिंचाई कर रहा था, तभी पड़ोस की झाड़ी से निकलकर बाघ ने उस पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया। पड़ोस के खेतों में काम कर रहे अजीत कुमार, रामदीन, रंजीत कुमार, मलिखान, वीरपाल आदि ने चीख पुकार सुन शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे बाघ युवक को छोड़कर सहजनियां बीट के जंगल की ओर चला गया। लोगों ने बताया कि घटनास्थल से जंगल की दूरी महज 100 मीटर रही होगी। सूचना पर फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजेश आदि वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने हमले की पुष्टि कर बताया कि बाघ कठिना नदी के निकट जंगल की झाड़ियों में मौजूद है। घायल युवक का संसारपुर के एक निजी क्लीनिक पर इलाज कराने के बाद गोला सीएचसी भेजा गया है। बाघ के बढ़ते हमलों से क्षेत्र के लोगों में दहशत फैल गई है।
रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि युवक पर हमला बाघ ने नहीं तेंदुए ने किया है जो सहजनियां बीट जंगल के किनारे बनाए गए वाटर होल में पानी पीने आया था। वहीं पर युवक गन्ने की सिंचाई कर रहा था। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। वनकर्मियों को निगरानी में लगाया गया है साथ ही लोगों को सतर्क रहने, खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।
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कम नहीं हो रहे बाघ के हमले, दहशत में लोग
घमहाघाट के सरदार लालसिंह, मक्खनसिंह, सुंदरपुर के रामकुमार वर्मा, सुरेश वर्मा, रामस्वरूप, प्रधान रामबिलास आदि का कहना है कि बाघ के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व क्षेत्र में बाघ ने 27 अगस्त वर्ष 2017 में पसियापुर के 48 वर्षीय नरायनलाल, 18 जून 2018 में सुंदरपुर के बालकराम को बाघ ने हमला कर मार डाला था। एक जून को दूलीपुर के युवक गजराज, 19सिंतंबर को नया गांव के बसरुद्दीन, 27 सितंबर को अयोध्यापुर के कंधईलाल बाघ के हमले में घायल हो चुके हैं। साथ ही क्षेत्र में बाघ और तेंदुआ दर्जनों पशुओं को अपना निवाला बना चुके हैं। लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्र में दहशत है।
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गांव गंगापुर निवासी रामसनेही का 18 वर्षीय पुत्र गुलशन कुमार गुरुवार दोपहर बाद कठिना नदी से सटे अपने खेत में गन्ने की सिंचाई कर रहा था, तभी पड़ोस की झाड़ी से निकलकर बाघ ने उस पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया। पड़ोस के खेतों में काम कर रहे अजीत कुमार, रामदीन, रंजीत कुमार, मलिखान, वीरपाल आदि ने चीख पुकार सुन शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे बाघ युवक को छोड़कर सहजनियां बीट के जंगल की ओर चला गया। लोगों ने बताया कि घटनास्थल से जंगल की दूरी महज 100 मीटर रही होगी। सूचना पर फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजेश आदि वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने हमले की पुष्टि कर बताया कि बाघ कठिना नदी के निकट जंगल की झाड़ियों में मौजूद है। घायल युवक का संसारपुर के एक निजी क्लीनिक पर इलाज कराने के बाद गोला सीएचसी भेजा गया है। बाघ के बढ़ते हमलों से क्षेत्र के लोगों में दहशत फैल गई है।
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रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि युवक पर हमला बाघ ने नहीं तेंदुए ने किया है जो सहजनियां बीट जंगल के किनारे बनाए गए वाटर होल में पानी पीने आया था। वहीं पर युवक गन्ने की सिंचाई कर रहा था। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। वनकर्मियों को निगरानी में लगाया गया है साथ ही लोगों को सतर्क रहने, खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।
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कम नहीं हो रहे बाघ के हमले, दहशत में लोग
घमहाघाट के सरदार लालसिंह, मक्खनसिंह, सुंदरपुर के रामकुमार वर्मा, सुरेश वर्मा, रामस्वरूप, प्रधान रामबिलास आदि का कहना है कि बाघ के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व क्षेत्र में बाघ ने 27 अगस्त वर्ष 2017 में पसियापुर के 48 वर्षीय नरायनलाल, 18 जून 2018 में सुंदरपुर के बालकराम को बाघ ने हमला कर मार डाला था। एक जून को दूलीपुर के युवक गजराज, 19सिंतंबर को नया गांव के बसरुद्दीन, 27 सितंबर को अयोध्यापुर के कंधईलाल बाघ के हमले में घायल हो चुके हैं। साथ ही क्षेत्र में बाघ और तेंदुआ दर्जनों पशुओं को अपना निवाला बना चुके हैं। लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्र में दहशत है।