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वनविभाग के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा, हुई झड़प
Updated Mon, 18 Jun 2018 11:52 PM IST
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18एलकेएच 201, 202, 204, 206, 208 और 209
वनविभाग के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा, झड़प
पुलिस न संभालती तो हो सकता था बड़ा बवाल
गुस्साई भीड़ ने वनकर्मियों को दौड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
ममरी। बाघ के हमले में मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के 35 वर्षीय बालकराम की मौत की खबर फैलते ही लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। कई गांवों के लोग एकत्र होकर हंगामा करने लगे। भीड़ का कहना था कि जब तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं आता तब तक शव उठाने और सील करने नहीं दिया जाएगा। मूड़ा निजाम चौकी इंचार्ज पुनीत सिंह समेत पुलिस कर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने।
फारेस्टर ओपी वर्मा और अन्य वनकर्मियों को उत्तेजित भीड़ ने दौड़ा लिया। एक वनकर्मी की राइफल छीनकर फारेस्टर के सिर पर बट से वार कर दिया। इससे ओपी वर्मा गंभीर घायल हो गए। जिन्हें सीएचसी मोहम्मदी ले जाया गया है। इतना सब होने के बाद भी रेंजर एसएन यादव वहां नहीं पहुंचे। इससे भीड़ और ज्यादा उत्तेजित हो गई। पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे इंस्पेक्टर मोहम्मदी डीके सिंह, इंस्पेक्टर हैदराबाद एसके सिंह ने उत्तेजित भीड़ को खदेड़ कर स्थित पर काबू पाया। आक्रोशित भीड़ का कहना था कि जब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं आता और बाघ को पकड़वाने का आश्वासन नहीं देता तब तक शव उठने नहीं दिया जाएगा।
सीओ मोहम्मदी विजय आनंद और एसडीएम मोहम्मदी बीडी वर्मा के वहां पहुंचने पर पुलिस ने शव सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना से क्षेत्रवासियों में दहशत फैल गई है।
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इंसेट......
अविवाहित था बालकराम, नाममात्र को थी जमीन
ममरी। मौके पर पहुंचे प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा, परिवार वालों और ग्रामीणों ने बताया कि मृतक बालकराम तीन भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। तीनों भाइयों पर पांच बीघा जमीन है। वह भी राजस्व विभाग में उनकी वृद्धा मां रामदुलारी के नाम दर्ज है। भाई रामासरे, रामऔतार ने बताया कि खेती का काम बालकराम और भतीजा प्रवीण देखता था।
इंसेट......
अधिकारियों ने दिया मदद का आश्वासन
ममरी। सीओ विजय आनंद, एसडीएम, बीडी वर्मा पीड़ित परिवारवालों से भी मिले और उनसे घटना के बारे में पूछताछ कर उन्हें विभाग से मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर ढांढस बंधाया। फारेस्टर ओपी वर्मा पर उत्तेजित भीड़ द्वारा किए गए हमले के बारे में पूछने पर सीओ ने बताया कि इसकी छानबीन कराने के बाद दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराके कार्रवाई की जाएगी। बताया कि हमलावरों का पता लगाया जा रहा है। उधर सीएचसी मोहम्मदी में इलाज करा रहे फारेस्टर ओपी वर्मा कहना है कि छीनाझपटी में राइफल से फायर भी हो गया था। गनीमत रही गोली हवा में चली वरना किसी की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
..................
इंसेट......
18 एलकेएच 205
भारतीय किसान यूनियन ने जताया विरोध
ममरी। बाघ के हमले में किसान की मौत की सूचना पर भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश गौतम, राजाराम भारती आदि कार्यकर्ताओं ने बाघ के बढ़ते हमलों की निंदा कर वन विभाग के रवैये पर विरोध जताया। साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि विभागीय अधिकारी अब भी नहीं चेते तो अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
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बाक्स.
परिवार में मचा कोहराम
फोटो.18एलकेएच 203
ममरी। बाघ के हमले में हुई जवान बेटे की मौत की सूचना पाते ही वृद्ध मां रामदुलारी गश खाकर खेत में गिर गई। बहन रेनू देवी, कांती देवी, मामी रेशमा देवी, भतीजे प्रवीण भाई रामासरे, रामऔतार आदि परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है।
.............
इंसेट....
बाघ के हमलों से थर्राए लोग
ममरी। प्रधान रामविलास, बीडीसी रामकुमार वर्मा, लालसिंह, बलिहार सिंह आदि का कहना है कि क्षेत्र के गांव दूलीपुर निवासी युवक गजराज और 17 जून को बछड़े पर हुए बाघ के हमले को अभी भुला नहीं पाए थे कि तब तक बाघ की पुन: घटना सामने आ गई। हालत यह है कि लोग खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। जिनकी खेती बाघ की दहशत में चौपट हो रही है। फिर भी महकमा बाघ को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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वनविभाग के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा, झड़प
पुलिस न संभालती तो हो सकता था बड़ा बवाल
गुस्साई भीड़ ने वनकर्मियों को दौड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
ममरी। बाघ के हमले में मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के 35 वर्षीय बालकराम की मौत की खबर फैलते ही लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। कई गांवों के लोग एकत्र होकर हंगामा करने लगे। भीड़ का कहना था कि जब तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं आता तब तक शव उठाने और सील करने नहीं दिया जाएगा। मूड़ा निजाम चौकी इंचार्ज पुनीत सिंह समेत पुलिस कर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने।
फारेस्टर ओपी वर्मा और अन्य वनकर्मियों को उत्तेजित भीड़ ने दौड़ा लिया। एक वनकर्मी की राइफल छीनकर फारेस्टर के सिर पर बट से वार कर दिया। इससे ओपी वर्मा गंभीर घायल हो गए। जिन्हें सीएचसी मोहम्मदी ले जाया गया है। इतना सब होने के बाद भी रेंजर एसएन यादव वहां नहीं पहुंचे। इससे भीड़ और ज्यादा उत्तेजित हो गई। पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे इंस्पेक्टर मोहम्मदी डीके सिंह, इंस्पेक्टर हैदराबाद एसके सिंह ने उत्तेजित भीड़ को खदेड़ कर स्थित पर काबू पाया। आक्रोशित भीड़ का कहना था कि जब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं आता और बाघ को पकड़वाने का आश्वासन नहीं देता तब तक शव उठने नहीं दिया जाएगा।
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सीओ मोहम्मदी विजय आनंद और एसडीएम मोहम्मदी बीडी वर्मा के वहां पहुंचने पर पुलिस ने शव सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना से क्षेत्रवासियों में दहशत फैल गई है।
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अविवाहित था बालकराम, नाममात्र को थी जमीन
ममरी। मौके पर पहुंचे प्रधान रामबिलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा, परिवार वालों और ग्रामीणों ने बताया कि मृतक बालकराम तीन भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। तीनों भाइयों पर पांच बीघा जमीन है। वह भी राजस्व विभाग में उनकी वृद्धा मां रामदुलारी के नाम दर्ज है। भाई रामासरे, रामऔतार ने बताया कि खेती का काम बालकराम और भतीजा प्रवीण देखता था।
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अधिकारियों ने दिया मदद का आश्वासन
ममरी। सीओ विजय आनंद, एसडीएम, बीडी वर्मा पीड़ित परिवारवालों से भी मिले और उनसे घटना के बारे में पूछताछ कर उन्हें विभाग से मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर ढांढस बंधाया। फारेस्टर ओपी वर्मा पर उत्तेजित भीड़ द्वारा किए गए हमले के बारे में पूछने पर सीओ ने बताया कि इसकी छानबीन कराने के बाद दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराके कार्रवाई की जाएगी। बताया कि हमलावरों का पता लगाया जा रहा है। उधर सीएचसी मोहम्मदी में इलाज करा रहे फारेस्टर ओपी वर्मा कहना है कि छीनाझपटी में राइफल से फायर भी हो गया था। गनीमत रही गोली हवा में चली वरना किसी की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
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18 एलकेएच 205
भारतीय किसान यूनियन ने जताया विरोध
ममरी। बाघ के हमले में किसान की मौत की सूचना पर भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश गौतम, राजाराम भारती आदि कार्यकर्ताओं ने बाघ के बढ़ते हमलों की निंदा कर वन विभाग के रवैये पर विरोध जताया। साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि विभागीय अधिकारी अब भी नहीं चेते तो अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
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बाक्स.
परिवार में मचा कोहराम
फोटो.18एलकेएच 203
ममरी। बाघ के हमले में हुई जवान बेटे की मौत की सूचना पाते ही वृद्ध मां रामदुलारी गश खाकर खेत में गिर गई। बहन रेनू देवी, कांती देवी, मामी रेशमा देवी, भतीजे प्रवीण भाई रामासरे, रामऔतार आदि परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है।
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इंसेट....
बाघ के हमलों से थर्राए लोग
ममरी। प्रधान रामविलास, बीडीसी रामकुमार वर्मा, लालसिंह, बलिहार सिंह आदि का कहना है कि क्षेत्र के गांव दूलीपुर निवासी युवक गजराज और 17 जून को बछड़े पर हुए बाघ के हमले को अभी भुला नहीं पाए थे कि तब तक बाघ की पुन: घटना सामने आ गई। हालत यह है कि लोग खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। जिनकी खेती बाघ की दहशत में चौपट हो रही है। फिर भी महकमा बाघ को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।