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Lakhimpur Kheri News: कोरोना काल में ली गई फीस का 15 फीसदी अंश करना होगा वापस

Mon, 01 May 2023 12:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 01 May 2023 12:58 AM IST
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15 percent of the fees taken during the Corona period will have to be returned
लखीमपुर खीरी। कोरोना काल के दौरान शैक्षिक सत्र 2020-21 में छात्रों से ली गई फीस की 15 प्रतिशत धनराशि किन स्कूलों ने वापस की है और किसने नहीं, डीआईओएस ने इसका रिकॉर्ड तलब किया है। प्रारूप जारी कर सात बिंदुओं पर सूचना मांगी है।
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कोरोना संक्रमण की पहली लहर में करीब तीन से चार माह तक विद्यालय बंद रहे। इसके बावजूद स्कूलों ने अभिभावकों से पूरी फीस वसूल की। इस पर अभिभावकों ने एतराज जताते हुए कोर्ट की शरण ली। अभिभावकों का तर्क था कि कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा सके, सिर्फ आनलाइन पढ़ाई हुई। इसलिए स्कूलों के तमाम खर्च बच गए। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं के नाम पर शुल्क वसूल किया था।
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छह जनवरी को हुआ था आदेश
हाईकोर्ट ने छह जनवरी 2023 को आदेश जारी कर स्कूलों को सत्र 2020-21 में ली गई फीस का 15 प्रतिशत स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को वापस करने और पढ़ने वालों से लिए जाने वाले शुल्क में में समायोजित करने का आदेश दिया था।
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40 हजार से लेकर एक लाख तक है शुल्क
यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा छह से लेकर इंटर तक का शुल्क 10 से 35 हजार रुपये है तो सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के स्कूल इन कक्षाओं के लिए 30 हजार से लेकर करीब एक लाख रुपये तक का शुल्क सालाना वसूलते हैं। ऐसे में यूपी बोर्ड के विद्यालयों के बजाय अंग्रेजी माध्यम के स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है।

इन बिंदुओं पर देनी है सूचना
विद्यालय का नाम, कक्षा वार सूची, सत्र 2020-21 में पंजीकृत छात्रों की संख्या, कितने छात्रों के 15 प्रतिशत शुल्क का समायोजन किया गया, स्कूल छोड़ने वाले कितने छात्रों को शुल्क वापस किया गया, जिन छात्रों का शुल्क वापस व समायोजन नहीं किया गया है उनकी सूची।


हाईकोर्ट के आदेश का अक्षरश: पालन कराया जाएगा। शुल्क वापसी एवं समायोजन को लेकर समस्त बोर्ड के स्कूलों को प्रारूप जारी कर सात बिंदुओं पर सूचनाएं तलब की हैं। पांच मई तक सूचना न देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को सूची भेज दी जाएगी।
-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस
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