{"_id":"5c645ca3bdec224df422e079","slug":"141550081187-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकार की तलाश में निकला बाघ गोबर गैस प्लांट में फंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकार की तलाश में निकला बाघ गोबर गैस प्लांट में फंसा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ममरी। मंगलवार रात देवीपुर बीट के जंगल से शिकार की तलाश में निकला बाघ मौठीखेड़ा निवासी सिख किसानों के झालों पर चक्कर लगाता रहा जहां बाघ एक गोबर गैस प्लांट में जा धंसा। किसानों के आग जलाने, शोर मचाने पर बाघ प्लांट से किसी तरह निकलकर जंगल की ओर चला गया। इसकी पुष्टि वनकर्मियों ने भी की है।
मौठीखेड़ा फार्म के किसानों ने बताया कि मंगलवार की रात वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर की देवीपुर बीट जंगल से निकलकर बाघ ने बलविंदर सिंह के ट्यूबबेल पर बनी हौजिया में पानी पिया उसके बाद करनैल सिंह, सतपाल सिंह, जनरैल सिंह, बलविंदर सिंह के झालों के चारों ओर चक्कर लगाता रहा। इरादे में विफल रहने पर बाघ काफी देर घूरे पर बैठा शिकार का इंतजार करता रहा। इसके बाद बलविंदर सिंह के पशुओं पर हमला करने के लिए झाले में घुसने का प्रयास किया। जहां बने गोबर गैस प्लांट के गड्ढे में बाघ फंस गया और दहाड़ने लगा। झालावासियों के आग जलाने, शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर चला गया। किसानों का कहना है कि बाघ कई दिनों से झालों के पास आ रहा है जिससे लोगों में दहशत है। सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक विनीत सिंह, राजेश, बेचेलाल ने बाघ के प्लांट में फंसने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि शिकार की तलाश में बाघ आया होगा, जिसकी सूचना अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने झालावासियों से सतर्क रहने को कहा है।
विज्ञापन
मौठीखेड़ा फार्म के किसानों ने बताया कि मंगलवार की रात वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर की देवीपुर बीट जंगल से निकलकर बाघ ने बलविंदर सिंह के ट्यूबबेल पर बनी हौजिया में पानी पिया उसके बाद करनैल सिंह, सतपाल सिंह, जनरैल सिंह, बलविंदर सिंह के झालों के चारों ओर चक्कर लगाता रहा। इरादे में विफल रहने पर बाघ काफी देर घूरे पर बैठा शिकार का इंतजार करता रहा। इसके बाद बलविंदर सिंह के पशुओं पर हमला करने के लिए झाले में घुसने का प्रयास किया। जहां बने गोबर गैस प्लांट के गड्ढे में बाघ फंस गया और दहाड़ने लगा। झालावासियों के आग जलाने, शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर चला गया। किसानों का कहना है कि बाघ कई दिनों से झालों के पास आ रहा है जिससे लोगों में दहशत है। सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक विनीत सिंह, राजेश, बेचेलाल ने बाघ के प्लांट में फंसने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि शिकार की तलाश में बाघ आया होगा, जिसकी सूचना अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने झालावासियों से सतर्क रहने को कहा है।
विज्ञापन