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गरीब बेटियों की शादी में अफसरों की लापरवाही!
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:12 PM IST
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गरीब बेटियों की शादी में
अफसरों की लापरवाही!
775 शादियों के लिए आई रकम कर दी वापस
- पिछली सरकार की योजना के भी 1.8 करोड़ लौटाए
---सामूहिक विवाह योजना---
- 4.84 करोड़ में 2.13 करोड़ खर्च कर पाए, 2.71 करोड़ रुपये वापस
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
775 बेटियों की शादी के लिए आए करीब दो करोड़ 71 लाख रुपये खर्च कर सकने में जिला समाज कल्याण कार्यालय के अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे यह रकम लौटा दी गई है। इतना ही नहीं पिछली सरकार की योजना में आए एक करोड़ आठ लाख रुपये भी लौटा दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रत्येक गरीब जोड़े के लिए 35 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसमें 20 हजार रुपये कन्या के खाते में, दस हजार रुपये का सामान और पांच हजार रुपये टेंट, जलपान आदि पर व्यय किए जाने का प्राविधान है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सैकड़ों परिवार अपनी बेटियों के हाथ पीले करने के लिए तंगी में गुजर कर रहे हैं, किंतु महकमे के अधिकारी उन्हें योजना का लाभ तक नहीं दिला पाते।
बीते वित्तीय सत्र में सरकार ने इस योजना के लिए दो बार में करीब चार करोड़ 84 लाख 75 हजार रुपये की रकम कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने को दी थी। इस बजट में जिले में 610 शादियां कराई गईं, जिस पर दो करोड़ 13 लाख 50 हजार रुपये का खर्चा बैठा।
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31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्ति के कारण जिला समाज कल्याण कार्यालय को 775 शादियों के लिए अवशेष पड़े करीब दो करोड़ 71 लाख 25 हजार रुपये लौटा दिए गए, जिससे 775 बेटियों के हाथ पीले होने से रह गए, जबकि अभी करीब एक हजार से अधिक आवेदन अवशेष बताए जा रहे हैं। हालांकि जिला समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह कहते हैं कि जल्द बजट मिल जाएगा। इसी महीने से विवाह समारोह आयोजित कराने की योजना है।
पिछली सरकार की योजना
के 1.8 करोड़ भी लौटाए
पिछली सरकार की विवाह योजना में समाज कल्याण विभाग से 20 हजार रुपये कन्या पक्ष को दिए जाते थे। योगी सरकार आई तो उस समय करीब दस हजार आवेदन लंबित थे। बजट न मिलने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन साल की शुरुआत में सरकार ने एक करोड़ आठ लाख रुपये लंबित आवेदनों के लिए भेजे, किंतु अधिकारी पशोपेश में रहे। आखिर 31 मार्च को यह पूरी रकम वापस करनी पड़ गई।
क्लोजिंग के कारण शेष धनराशि वापस करने की प्रतिबद्घता थी। आगामी साल में 11 सौ से अधिक सामूहिक विवाह समारोह करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। उम्मीद है कि महीने के दूसरे सप्ताह तक बजट मिल जाएगा। महीने के अंत में सामूहिक विवाह समारोह कराने की योजना है।
- ओपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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गरीब बेटियों की शादी में
अफसरों की लापरवाही!
775 शादियों के लिए आई रकम कर दी वापस
- पिछली सरकार की योजना के भी 1.8 करोड़ लौटाए
---सामूहिक विवाह योजना---
- 4.84 करोड़ में 2.13 करोड़ खर्च कर पाए, 2.71 करोड़ रुपये वापस
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
775 बेटियों की शादी के लिए आए करीब दो करोड़ 71 लाख रुपये खर्च कर सकने में जिला समाज कल्याण कार्यालय के अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे यह रकम लौटा दी गई है। इतना ही नहीं पिछली सरकार की योजना में आए एक करोड़ आठ लाख रुपये भी लौटा दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रत्येक गरीब जोड़े के लिए 35 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसमें 20 हजार रुपये कन्या के खाते में, दस हजार रुपये का सामान और पांच हजार रुपये टेंट, जलपान आदि पर व्यय किए जाने का प्राविधान है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सैकड़ों परिवार अपनी बेटियों के हाथ पीले करने के लिए तंगी में गुजर कर रहे हैं, किंतु महकमे के अधिकारी उन्हें योजना का लाभ तक नहीं दिला पाते।
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बीते वित्तीय सत्र में सरकार ने इस योजना के लिए दो बार में करीब चार करोड़ 84 लाख 75 हजार रुपये की रकम कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने को दी थी। इस बजट में जिले में 610 शादियां कराई गईं, जिस पर दो करोड़ 13 लाख 50 हजार रुपये का खर्चा बैठा।
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31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्ति के कारण जिला समाज कल्याण कार्यालय को 775 शादियों के लिए अवशेष पड़े करीब दो करोड़ 71 लाख 25 हजार रुपये लौटा दिए गए, जिससे 775 बेटियों के हाथ पीले होने से रह गए, जबकि अभी करीब एक हजार से अधिक आवेदन अवशेष बताए जा रहे हैं। हालांकि जिला समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह कहते हैं कि जल्द बजट मिल जाएगा। इसी महीने से विवाह समारोह आयोजित कराने की योजना है।
पिछली सरकार की योजना
के 1.8 करोड़ भी लौटाए
पिछली सरकार की विवाह योजना में समाज कल्याण विभाग से 20 हजार रुपये कन्या पक्ष को दिए जाते थे। योगी सरकार आई तो उस समय करीब दस हजार आवेदन लंबित थे। बजट न मिलने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन साल की शुरुआत में सरकार ने एक करोड़ आठ लाख रुपये लंबित आवेदनों के लिए भेजे, किंतु अधिकारी पशोपेश में रहे। आखिर 31 मार्च को यह पूरी रकम वापस करनी पड़ गई।
क्लोजिंग के कारण शेष धनराशि वापस करने की प्रतिबद्घता थी। आगामी साल में 11 सौ से अधिक सामूहिक विवाह समारोह करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। उम्मीद है कि महीने के दूसरे सप्ताह तक बजट मिल जाएगा। महीने के अंत में सामूहिक विवाह समारोह कराने की योजना है।
- ओपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी