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गन्ने के खेत में पड़ी मिलीं सरकारी दवाएं

Sun, 10 Sep 2017 12:16 AM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:16 AM IST
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गन्ने के खेत में पड़ी मिलीं सरकारी दवाएं
गन्ने के खेत में पड़ी मिलीं सरकारी दवाएं - फोटो : बरेली, अमर उजाला
निघासन (लखीमपुर खीरी)।
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एक तरफ जहां सरकारी अस्पतालों में दवाएं पाने के लिए मरीज परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ छेदुई पतिया पीएचसी क्षेत्र में एक गन्ने के खेत में करीब ढाई सौ सरकारी दवाएं (सीरप की बोतलें) पड़ी मिली हैं। सीरप की बोतलें मिलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। डिप्टी सीएमओ ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा है।
स्थानीय सीएचसी से करीब 18 किलोमीटर दूर छेदुई पतिया में पीएचसी है। यहां पर न कोई डॉक्टर है और न ही कोई फार्मेसिस्ट तैनात है। यह पीएचसी वार्ड ब्वॉय रामलखन के सहारे चल रही है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे सेमरहिया गांव निवासी अनिल कुमार गांव के दक्षिण में स्थित गन्ने के खेत की देखरेख करने गया था। गन्ने की मेड़ के पास उसने करीब दो सौ से ढाई सौ सीरप की बोतलें पड़ी देखीं। दवाइयां देख वह घबरा गया। उसने इसकी सूचना प्रधान प्रतिनिधि हसरत को दी। हसरत ने मौके पर जाकर देखा तो वहां पर बड़ी संख्या में सीरप की बोतले पड़ी हुई थीं। हसरत ने बताया कि आयरन सीरप की बोतलें थीं। इन पर सरकारी मोहर लगी थी। उन्होंने मामले की सूचना सीएमओ और डिप्टी सीएमओ को दी। डिप्टी सीएमओ बीबीराम ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग
बड़े पैमाने पर दवाई मिलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। यह दवाएं कब आई थीं, किसने दीं? इस बात का जवाब किसी के पास नहीं। दवाएं मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग हरकत में नहीं आया है।
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