{"_id":"5c6313c4bdec224db8526d39","slug":"131549996996-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसील में महिलाओं ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसील में महिलाओं ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निघासन (लखीमपुर खीरी)। फरेंदा फार्म की महिलाओं ने तहसील में पहुंचकर दुधवा नेशनल पार्क में तैनात वन दरोगा पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तिकुनियां प्रभारी निरीक्षक और दुधवा नेशनल पार्क के डीडी ने एसडीओ (उप प्रभागीय वनाधिकारी) को मामले की जांच सौंपी है।
फरेंदा फार्म निवासी रूपा पत्नी गरभू, पूनम पत्नी रामनरायण, सारता पत्नी दुखराम, सीतारानी पत्नी जीतराम, बीना पत्नी हरीराम, सरस्वती पत्नी मंसाराम, धनदेवी पत्नी मंगल, चमेली पत्नी सुखराम, कृष्ण मुरारी पत्नी कमल सिंह आदि ने बताया कि उनके खेत दुधवा नेशनल पार्क के किनारे हैं। हाथी, बंदर आदि जानवर खेत में बोई गेहूं और गन्ने की फसल नष्ट कर देते हैं। फसलें बचाने के लिए खेत की मेड़ पर झोपड़ी डालकर रहते हैैं। आरोप है कि वन दरोगा और उसके साथी रात में उनके पतियों को तंग करते हैं। दिन में झोपड़ी में घुसकर वहां पर पड़ी चारपाई आदि सामान को पलट कर अश्लील बातें करने के साथ अश्लील हरकतें भी करता हैं। आरोप है कि वह झोपड़ी डालने और खेत बचाने के नाम पर प्रत्येक किसान से 19 हजार रुपये की मांग करते हैं। न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देते हैं।
आरोप है कि इसके पहले भी आरोपी दरोगा कई बार महिलाओं से अभद्रता कर चुका है। शिकायत के बाद पंचायत में उस दरोगा ने दोबारा ऐसा न करने की बात कही थी। आरोप है कि यह वन दरोगा लालबहादुर और परदेशी की बेरहमी से पिटाई भी कर चुका है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर वन दरोगा ने बताया कि मेरे पास काम अधिक है। मैंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। इस तरह से आरोप लगते रहते हैं।
विज्ञापन
महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में दुधवा के डीडी से बात करके मामले की जांच कराई जाएगी। फिलहाल इसकी जांच तिकुनियां प्रभारी निरीक्षक को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- केशवनाथ गुप्ता, एसडीएम, निघासन
फोन से मामले की जानकारी मिली है। जानकारी के अनुसार मामला गंभीर है। जांच एसडीओ को सौंपी गई है। लिखित शिकायत आने पर स्वयं जांच करूंगा।
- महावीर कौजलगि, डीडी, दुधवा नेशनल पार्क
विज्ञापन
फरेंदा फार्म निवासी रूपा पत्नी गरभू, पूनम पत्नी रामनरायण, सारता पत्नी दुखराम, सीतारानी पत्नी जीतराम, बीना पत्नी हरीराम, सरस्वती पत्नी मंसाराम, धनदेवी पत्नी मंगल, चमेली पत्नी सुखराम, कृष्ण मुरारी पत्नी कमल सिंह आदि ने बताया कि उनके खेत दुधवा नेशनल पार्क के किनारे हैं। हाथी, बंदर आदि जानवर खेत में बोई गेहूं और गन्ने की फसल नष्ट कर देते हैं। फसलें बचाने के लिए खेत की मेड़ पर झोपड़ी डालकर रहते हैैं। आरोप है कि वन दरोगा और उसके साथी रात में उनके पतियों को तंग करते हैं। दिन में झोपड़ी में घुसकर वहां पर पड़ी चारपाई आदि सामान को पलट कर अश्लील बातें करने के साथ अश्लील हरकतें भी करता हैं। आरोप है कि वह झोपड़ी डालने और खेत बचाने के नाम पर प्रत्येक किसान से 19 हजार रुपये की मांग करते हैं। न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देते हैं।
विज्ञापन
आरोप है कि इसके पहले भी आरोपी दरोगा कई बार महिलाओं से अभद्रता कर चुका है। शिकायत के बाद पंचायत में उस दरोगा ने दोबारा ऐसा न करने की बात कही थी। आरोप है कि यह वन दरोगा लालबहादुर और परदेशी की बेरहमी से पिटाई भी कर चुका है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर वन दरोगा ने बताया कि मेरे पास काम अधिक है। मैंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। इस तरह से आरोप लगते रहते हैं।
विज्ञापन
महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में दुधवा के डीडी से बात करके मामले की जांच कराई जाएगी। फिलहाल इसकी जांच तिकुनियां प्रभारी निरीक्षक को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- केशवनाथ गुप्ता, एसडीएम, निघासन
फोन से मामले की जानकारी मिली है। जानकारी के अनुसार मामला गंभीर है। जांच एसडीओ को सौंपी गई है। लिखित शिकायत आने पर स्वयं जांच करूंगा।
- महावीर कौजलगि, डीडी, दुधवा नेशनल पार्क