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बांदीपुर नेशलन पार्क से मैलानी पहुंचे 10 हाथी
Updated Sun, 06 May 2018 12:24 AM IST
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बांदीपुर नेशनल पार्क से मैलानी पहुंचे 10 हाथी
अनुमानित समय से कम समय में ही पूरा किया सफर
ढोल नगाड़े के बीच पूजा अर्चना से हुआ हाथियों का स्वागत
फिलहाल कुछ समय तक मैलानी में रहेंगे ये हाथी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से 10 हाथियों का दल शनिवार शाम मैलानी पहुंच गया। अनुमानित समय से पहले पहुंचे हाथियों के इस दल का दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक महावीर कौजलगि, बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल, वन्यजीव प्रतिपालक डीके चतुर्वेदी समेत कई वनाधिकारियों ने ढोल नगाड़े के बीच स्वागत किया। हाथियों को अभी कुछ दिनों तक मैलानी में ही वन निगम के डिपो परिसर में विशेष रूप से बनाए गए एलीफैंट शेड में रखा जाएगा।
जिले की धरती पर सबसे पहले पार्वती ने शाम 5.35 बजे कदम रखा। इसके बाद अन्य हाथियों को एक-एक कर ट्रकों से उतारा गया। दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक महावीर कौजलगि और उनकी पत्नी ने इन हाथियों को तिलक लगाकर और आरती उतार कर स्वागत किया। उन्होंने इन हाथियों को गुड़ और लड्डू खिलाया। इससे पहले इटकुटी गांव में भी डीडी महावीर कौजलगि, बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल और वनाधिकारियों ने ढोल नगाड़े के बीच हाथियों का स्वागत किया।
जो दस हाथी कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से लाए गए हैं उनमें दो नर हाथी नकुल और भाष्कर हैं जबकि आठ मादा हाथी काबिनी, डायना, टेरेसा, केराना, अम्रूटा और पार्वती हैं। मादा हाथियों में डायना और टेरेसा की एक-एक बच्ची भी शामिल हैं। इन हाथियों के अगले सप्ताह पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन लगातार सफर करते हुए यह हाथी अनुमानित समय से काफी पहले ही यहां पहुंच गए। हाथियों को लाने की प्रक्रिया लंबे अरसे से चल रही थी। इन हाथियों को ट्रकों से लाया गया है।
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हाथियों के सफर में साथ रही डाक्टरों की टीम
कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से खीरी जिले के मैलानी तक आने के सफर में हाथियों के साथ डाक्टरों की तीन सदस्यीय टीम भी शामिल रही। इस टीम में कर्नाटक के पशु चिकित्सक डॉ. परीक्षित काकोटी, डॉ. विनय श्रीमूर्ति के अलावा कानपुर के डॉ. मोहम्मद नासिर शामिल रहे। इन्होंने रास्ते में कई बार हाथियों के स्वास्थ्य की कई बार जांच की और सेहत पर निगरानी रखी।
इंसेट......
मैलानी में हाथियों के रहने की है यह व्यवस्था
कर्नाटक से आए हाथियों को रहने के लिए मैलानी स्थित वन निगम के डिपो परिसर में 28 मीटर लंबे और आठ मीटर चौड़ा छप्पर का शेड बनाया गया है, जबकि नहाने के लिए 25 मीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा पूल बनाया गया है। हाथियों को पानी पीने के लिए तीन मीटर लंबा और दो मीटर चौड़ा वाटर होल बनाया गया है।
इंसेट.......
मैलानी में ही होगी हाथियों की ट्रेनिंग
कर्नाटक से लाए गए हाथियों को फिलहाल कुछ दिनों तक मैलानी में ही रखकर उनको यहां की आबोहवा में ढालने का प्रयास किया जाएगा। महावत इन हाथियों को अपनी भाषा और संकेतों में कार्य करना सिखाएंगे और उनसे मेलजोल बढ़ाकर दोस्ताना कायम करेंगे। इसके बाद इन हाथियों को दुधवा नेशनल पार्क ले जाकर काम पर लगाया जाएगा। कर्नाटक से 10 हाथियों के आने के बाद अब दुधवा नेशनल पार्क में पालतू हाथियों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।
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बांदीपुर नेशनल पार्क से मैलानी पहुंचे 10 हाथी
अनुमानित समय से कम समय में ही पूरा किया सफर
ढोल नगाड़े के बीच पूजा अर्चना से हुआ हाथियों का स्वागत
फिलहाल कुछ समय तक मैलानी में रहेंगे ये हाथी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से 10 हाथियों का दल शनिवार शाम मैलानी पहुंच गया। अनुमानित समय से पहले पहुंचे हाथियों के इस दल का दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक महावीर कौजलगि, बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल, वन्यजीव प्रतिपालक डीके चतुर्वेदी समेत कई वनाधिकारियों ने ढोल नगाड़े के बीच स्वागत किया। हाथियों को अभी कुछ दिनों तक मैलानी में ही वन निगम के डिपो परिसर में विशेष रूप से बनाए गए एलीफैंट शेड में रखा जाएगा।
जिले की धरती पर सबसे पहले पार्वती ने शाम 5.35 बजे कदम रखा। इसके बाद अन्य हाथियों को एक-एक कर ट्रकों से उतारा गया। दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक महावीर कौजलगि और उनकी पत्नी ने इन हाथियों को तिलक लगाकर और आरती उतार कर स्वागत किया। उन्होंने इन हाथियों को गुड़ और लड्डू खिलाया। इससे पहले इटकुटी गांव में भी डीडी महावीर कौजलगि, बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल और वनाधिकारियों ने ढोल नगाड़े के बीच हाथियों का स्वागत किया।
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जो दस हाथी कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से लाए गए हैं उनमें दो नर हाथी नकुल और भाष्कर हैं जबकि आठ मादा हाथी काबिनी, डायना, टेरेसा, केराना, अम्रूटा और पार्वती हैं। मादा हाथियों में डायना और टेरेसा की एक-एक बच्ची भी शामिल हैं। इन हाथियों के अगले सप्ताह पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन लगातार सफर करते हुए यह हाथी अनुमानित समय से काफी पहले ही यहां पहुंच गए। हाथियों को लाने की प्रक्रिया लंबे अरसे से चल रही थी। इन हाथियों को ट्रकों से लाया गया है।
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हाथियों के सफर में साथ रही डाक्टरों की टीम
कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से खीरी जिले के मैलानी तक आने के सफर में हाथियों के साथ डाक्टरों की तीन सदस्यीय टीम भी शामिल रही। इस टीम में कर्नाटक के पशु चिकित्सक डॉ. परीक्षित काकोटी, डॉ. विनय श्रीमूर्ति के अलावा कानपुर के डॉ. मोहम्मद नासिर शामिल रहे। इन्होंने रास्ते में कई बार हाथियों के स्वास्थ्य की कई बार जांच की और सेहत पर निगरानी रखी।
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मैलानी में हाथियों के रहने की है यह व्यवस्था
कर्नाटक से आए हाथियों को रहने के लिए मैलानी स्थित वन निगम के डिपो परिसर में 28 मीटर लंबे और आठ मीटर चौड़ा छप्पर का शेड बनाया गया है, जबकि नहाने के लिए 25 मीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा पूल बनाया गया है। हाथियों को पानी पीने के लिए तीन मीटर लंबा और दो मीटर चौड़ा वाटर होल बनाया गया है।
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मैलानी में ही होगी हाथियों की ट्रेनिंग
कर्नाटक से लाए गए हाथियों को फिलहाल कुछ दिनों तक मैलानी में ही रखकर उनको यहां की आबोहवा में ढालने का प्रयास किया जाएगा। महावत इन हाथियों को अपनी भाषा और संकेतों में कार्य करना सिखाएंगे और उनसे मेलजोल बढ़ाकर दोस्ताना कायम करेंगे। इसके बाद इन हाथियों को दुधवा नेशनल पार्क ले जाकर काम पर लगाया जाएगा। कर्नाटक से 10 हाथियों के आने के बाद अब दुधवा नेशनल पार्क में पालतू हाथियों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।