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अब कृषक वृक्ष धन योजना से जिले में लाएंगे हरियाली
Updated Fri, 13 Apr 2018 07:27 PM IST
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कृषक वृक्ष धन योजना से जिले में लाएंगे हरियाली
किसानों की बढ़ेगी आमदनी, मनरेगा के तहत लगेंगे पौधे
शासन ने तीन साल के लिए शुरू की अनूठी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में हरियाली लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना और सामुदायिक वानिकी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों की खेतों की मेड़ पर फलदार इमारती लकड़ी वाले और औषधियों में इस्तेमाल होने वाले पौधे रोपने की योजना है। इसके जरिए जिले को हरा भरा बनाने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। यह पौधरोपण मनरेगा के तहत होगा। सरकार ने यह योजना तीन साल के लिए शुरू की है। इसकी कामयाबी देखकर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। वन विभाग इस योजना के लिए पौध उपलब्ध कराएगा। इसी तरह सड़कों और नहरों के किनारे, सार्वजनिक स्थलों, स्कूल परिसरों में मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना के तहत पौधरोपण होगा।
आम जामुन आदि की बागों के कटने से जंगल छोड़ अन्य क्षेत्रों में हरियाली का संकट बढ़ता जा रहा है। यह बाग किसानों की आय का एक बड़ा जरिया भी होती थीं। कृषि वानिकी का भी उतना विस्तार नहीं हो सका है जितना कि होना चाहिए था। प्रदेश सरकार ने प्रदेश में हरियाली के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों की खेतों की मेड़ पर मनरेगा के तहत पौधे लगाए जाएंगे जिसकी देखरेख की जिम्मदारी किसान की होगी।
योजना में इन्हें मिलेगी वरीयता
इस योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले, भूमि सुधार के तहत दी गई भूमि, पट्टे की भूमि या फारेस्ट से ग्रांट की गई भूमि के स्वामियों के अलावा महिला प्रधान वाली पंचायतों के किसानों को वरीयता दी जाएगी। इच्छुक भूस्वामी को अपने ब्लॉक में आवेदन करना होगा। आवेदन मंजूर होने के बाद ब्लॉक के जरिए मनरेगा के तहत आवेदक किसान की मेड़ पर पौधे रोपित किए जाएंगे। इन पेड़ों का स्वामित्व किसान का होगा।
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खेतों की मेड़ पर लगेंगे यह पौधे रोपित होगे
मुख्यमंत्री कृषक धन योजना के तहत किसानों की मेंड़ पर शीशम, नीम, खैर, बबूल, सहजन, कदम, सागौन, यूकेलिप्टस, पापुलर, आम कटहल, जामुन गमहार आदि के पौधों के लिए औषधियों में इस्तेमाल होने वाले पौधे भी रोपित किए जाएंगे। निम्न जलस्तर वाले इलाकों में वही पौधे रोपित किए जाएंगे जो पानी का कम शोषण करते हैं। पौध वन विभाग की नर्सरी से क्रय किए जाएंगेे।
मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना
मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना की तरह ही मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के तहत सड़कों, नहरों के किनारे, स्कूल, कॉलेज परिसर, सार्वजनिक स्थलों पर फलदार और छायादार पेड़ लगाए जाएंगेे। जिनकी सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
प्रदेश में हरियाली और किसानों की आय बढ़ाने के लिए शासन ने मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना और मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना तीन साल के लिए शुरू की है जो किसानों और पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। वन विभाग ने इसके लिए किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
- डॉ. अनिल पटेल, उपनिदेशक, बफर जोन, दुधवा टाइगर रिजर्व
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किसानों की बढ़ेगी आमदनी, मनरेगा के तहत लगेंगे पौधे
शासन ने तीन साल के लिए शुरू की अनूठी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में हरियाली लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना और सामुदायिक वानिकी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों की खेतों की मेड़ पर फलदार इमारती लकड़ी वाले और औषधियों में इस्तेमाल होने वाले पौधे रोपने की योजना है। इसके जरिए जिले को हरा भरा बनाने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। यह पौधरोपण मनरेगा के तहत होगा। सरकार ने यह योजना तीन साल के लिए शुरू की है। इसकी कामयाबी देखकर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। वन विभाग इस योजना के लिए पौध उपलब्ध कराएगा। इसी तरह सड़कों और नहरों के किनारे, सार्वजनिक स्थलों, स्कूल परिसरों में मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना के तहत पौधरोपण होगा।
आम जामुन आदि की बागों के कटने से जंगल छोड़ अन्य क्षेत्रों में हरियाली का संकट बढ़ता जा रहा है। यह बाग किसानों की आय का एक बड़ा जरिया भी होती थीं। कृषि वानिकी का भी उतना विस्तार नहीं हो सका है जितना कि होना चाहिए था। प्रदेश सरकार ने प्रदेश में हरियाली के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों की खेतों की मेड़ पर मनरेगा के तहत पौधे लगाए जाएंगे जिसकी देखरेख की जिम्मदारी किसान की होगी।
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योजना में इन्हें मिलेगी वरीयता
इस योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले, भूमि सुधार के तहत दी गई भूमि, पट्टे की भूमि या फारेस्ट से ग्रांट की गई भूमि के स्वामियों के अलावा महिला प्रधान वाली पंचायतों के किसानों को वरीयता दी जाएगी। इच्छुक भूस्वामी को अपने ब्लॉक में आवेदन करना होगा। आवेदन मंजूर होने के बाद ब्लॉक के जरिए मनरेगा के तहत आवेदक किसान की मेड़ पर पौधे रोपित किए जाएंगे। इन पेड़ों का स्वामित्व किसान का होगा।
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खेतों की मेड़ पर लगेंगे यह पौधे रोपित होगे
मुख्यमंत्री कृषक धन योजना के तहत किसानों की मेंड़ पर शीशम, नीम, खैर, बबूल, सहजन, कदम, सागौन, यूकेलिप्टस, पापुलर, आम कटहल, जामुन गमहार आदि के पौधों के लिए औषधियों में इस्तेमाल होने वाले पौधे भी रोपित किए जाएंगे। निम्न जलस्तर वाले इलाकों में वही पौधे रोपित किए जाएंगे जो पानी का कम शोषण करते हैं। पौध वन विभाग की नर्सरी से क्रय किए जाएंगेे।
मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना
मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना की तरह ही मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के तहत सड़कों, नहरों के किनारे, स्कूल, कॉलेज परिसर, सार्वजनिक स्थलों पर फलदार और छायादार पेड़ लगाए जाएंगेे। जिनकी सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
प्रदेश में हरियाली और किसानों की आय बढ़ाने के लिए शासन ने मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना और मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना तीन साल के लिए शुरू की है जो किसानों और पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। वन विभाग ने इसके लिए किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
- डॉ. अनिल पटेल, उपनिदेशक, बफर जोन, दुधवा टाइगर रिजर्व