{"_id":"5abe44344f1c1bcc618b484f","slug":"131522418740-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद में गड़बड़ी पर हुई कार्रवाई से हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद में गड़बड़ी पर हुई कार्रवाई से हड़कंप
Updated Fri, 30 Mar 2018 07:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लीड
एएमओ समेत दो विपणन निरीक्षक सस्पेंड
धान खरीद में गड़बड़ी पर हुई कार्रवाई से हड़कंप
- जिला खाद्य एवं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई के साथ तबादले की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
सरकारी धान खरीद में करोड़ों की गड़बड़ी होने के मामले में खाद्य एवं रसद विभाग ने विपणन शाखा के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और दो विपणन निरीक्षकों सहित तीन कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कौशल देव पर विभागीय कार्रवाई के साथ तबादले की संस्तुति की है। इसके अलावा तीन विपणन निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में खाद्य आयुक्त ने परिवहन ठेकेदार और राइस मिलर के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई और क्षतिपूर्ति के निर्देश संभागीय खाद्य नियंत्रक को दिए हैं।
खरीफ क्रय वर्ष 2017-18 में अक्तूबर 2017 से 31 जनवरी 2018 तक नौ एजेंसियों ने मिलकर लक्ष्य 2,94,190 मीट्रिक टन के सापेक्ष 1,66,053.953 मीट्रिक टन धान खरीद की थी। कुल धान खरीद के सापेक्ष 67 प्रतिशत 1,11,256.149 मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी केंद्रीय एजेंसी एफसीआई को करनी थी, लेकिन कुछ एजेंसियों, विपणन शाखा, पीसीएफ, यूपीपीसीयू और कल्याण निगम, ने पूरी फरवरी बीतने के बाद मार्च में भी चावल की आपूर्ति एफसीआई को नहीं की। इससे गड़बड़ी की आशंका जताए जाने पर खाद्य एवं रसद विभाग ने मामले की जांच कराई, जिसके बाद खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी विजय सिंह को राइस मिलर और हैंडलिंग ठेकेदार के साथ मिलकर 4252.83 क्विंटल चावल की हेराफेरी करने के आरोप में निलंबित किया है। वहीं मंडी राजापुर के क्रय केंद्र द्वितीय की प्रभारी/विपणन निरीक्षक रेनू मिश्रा को 2723 क्विंटल चावल की गड़बड़ी पर सस्पेंड किया गया है।
इसके अलावा विपणन निरीक्षक एवं राजापुर मंडी के क्रय केंद्र तृतीय की प्रभारी रुचि सिंह को 449.45 क्विंटल चावल, मझिगवां क्रय केंद्र प्रभारी शशि सिंह पर 1080 क्विंटल चावल और शंकरपुर क्रय केंद्र प्रभारी कौशलेंद्र वर्मा पर 203.24 क्विंटल चावल की हेराफेरी करने के आरोप में विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि गेहूं खरीद 2017-18 में 773.96 क्विंटल गेहूं की गड़बड़ी के लिए आरोपी विपणन निरीक्षक अवनीश कुमार को निलंबित किया गया है।
विज्ञापन
अन्य एजेंसियों पर भी
हो सकती है कार्रवाई
चावल की आपूर्ति एफसीआई को न करने वाली सूची में विपणन शाखा के अलावा पीसीएफ, पीसीयू और कल्याण निगम का भी नाम है। अभी पीसीएफ पर 1296.54 मीट्रिक टन, यूपीपीसीयू पर 81.11 और कल्याण निगम पर 186.32 मीट्रिक टन चावल की देनदारी (23 मार्च 2018 तक) बकाया है। वहीं विपणन शाखा पर 559 मीट्रिक टन चावल की देनदारी है। इस तरह कुल 2122.95 मीट्रिक टन चावल एफसीआई को डिलीवरी किया जाना शेष है। लिहाजा अन्य एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटकी है।
पहले भी हुए कई घोटाले
पर बचते रहे आरोपी
रबी सीजन 2017 में हुई गेहूं खरीद में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी, जिसमें राजापुर मंडी में आढ़तियों के फड़ से 1214 बोरा सरकारी गेहूं बरामद किया गया था। तब इस मामले में लीपापोती करते हुए गेहूं को लावारिस मानकर दाखिल किया गया, जिसके कई दिनों बाद सदर कोतवाली में जिला खाद्य एवं विपणन निरीक्षक ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं तत्कालीन डीएम आकाशदीप ने एडीएम न्यायिक से जांच कराई थी। मामला जांच के बीच ही दबा रहा, जिससे अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सुंदरवल केंद्र पर हो चुका
है 36 लाख का घोटाला
वर्ष 2017 में ही सुंदरवल क्रय केंद्र पर 2205.92 क्विंटल गेहूं का गबन कर लिया गया था, जिसकी कीमत करीब 36 लाख रुपये है। इस मामले में जिला खाद्य एवं विपणन निरीक्षक कौशल देव ने केंद्र प्रभारी/विपणन निरीक्षक पंकज त्रिपाठी और परिवहन ठेकेदार टीएन मिश्रा के खिलाफ फूलबेहड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच सुंदरवल चौकी इंचार्ज के पास है, लेकिन एक साल बीतने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला और न ही कोई गिरफ्तार हुआ।
चावल में गड़बड़ी के मामले में विपणन शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई हुई है। अभी मामले में कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
अरुण कुमार, एडीएम
विज्ञापन
एएमओ समेत दो विपणन निरीक्षक सस्पेंड
धान खरीद में गड़बड़ी पर हुई कार्रवाई से हड़कंप
- जिला खाद्य एवं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई के साथ तबादले की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
सरकारी धान खरीद में करोड़ों की गड़बड़ी होने के मामले में खाद्य एवं रसद विभाग ने विपणन शाखा के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और दो विपणन निरीक्षकों सहित तीन कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कौशल देव पर विभागीय कार्रवाई के साथ तबादले की संस्तुति की है। इसके अलावा तीन विपणन निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में खाद्य आयुक्त ने परिवहन ठेकेदार और राइस मिलर के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई और क्षतिपूर्ति के निर्देश संभागीय खाद्य नियंत्रक को दिए हैं।
खरीफ क्रय वर्ष 2017-18 में अक्तूबर 2017 से 31 जनवरी 2018 तक नौ एजेंसियों ने मिलकर लक्ष्य 2,94,190 मीट्रिक टन के सापेक्ष 1,66,053.953 मीट्रिक टन धान खरीद की थी। कुल धान खरीद के सापेक्ष 67 प्रतिशत 1,11,256.149 मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी केंद्रीय एजेंसी एफसीआई को करनी थी, लेकिन कुछ एजेंसियों, विपणन शाखा, पीसीएफ, यूपीपीसीयू और कल्याण निगम, ने पूरी फरवरी बीतने के बाद मार्च में भी चावल की आपूर्ति एफसीआई को नहीं की। इससे गड़बड़ी की आशंका जताए जाने पर खाद्य एवं रसद विभाग ने मामले की जांच कराई, जिसके बाद खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी विजय सिंह को राइस मिलर और हैंडलिंग ठेकेदार के साथ मिलकर 4252.83 क्विंटल चावल की हेराफेरी करने के आरोप में निलंबित किया है। वहीं मंडी राजापुर के क्रय केंद्र द्वितीय की प्रभारी/विपणन निरीक्षक रेनू मिश्रा को 2723 क्विंटल चावल की गड़बड़ी पर सस्पेंड किया गया है।
विज्ञापन
इसके अलावा विपणन निरीक्षक एवं राजापुर मंडी के क्रय केंद्र तृतीय की प्रभारी रुचि सिंह को 449.45 क्विंटल चावल, मझिगवां क्रय केंद्र प्रभारी शशि सिंह पर 1080 क्विंटल चावल और शंकरपुर क्रय केंद्र प्रभारी कौशलेंद्र वर्मा पर 203.24 क्विंटल चावल की हेराफेरी करने के आरोप में विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि गेहूं खरीद 2017-18 में 773.96 क्विंटल गेहूं की गड़बड़ी के लिए आरोपी विपणन निरीक्षक अवनीश कुमार को निलंबित किया गया है।
विज्ञापन
अन्य एजेंसियों पर भी
हो सकती है कार्रवाई
चावल की आपूर्ति एफसीआई को न करने वाली सूची में विपणन शाखा के अलावा पीसीएफ, पीसीयू और कल्याण निगम का भी नाम है। अभी पीसीएफ पर 1296.54 मीट्रिक टन, यूपीपीसीयू पर 81.11 और कल्याण निगम पर 186.32 मीट्रिक टन चावल की देनदारी (23 मार्च 2018 तक) बकाया है। वहीं विपणन शाखा पर 559 मीट्रिक टन चावल की देनदारी है। इस तरह कुल 2122.95 मीट्रिक टन चावल एफसीआई को डिलीवरी किया जाना शेष है। लिहाजा अन्य एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटकी है।
पहले भी हुए कई घोटाले
पर बचते रहे आरोपी
रबी सीजन 2017 में हुई गेहूं खरीद में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी, जिसमें राजापुर मंडी में आढ़तियों के फड़ से 1214 बोरा सरकारी गेहूं बरामद किया गया था। तब इस मामले में लीपापोती करते हुए गेहूं को लावारिस मानकर दाखिल किया गया, जिसके कई दिनों बाद सदर कोतवाली में जिला खाद्य एवं विपणन निरीक्षक ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं तत्कालीन डीएम आकाशदीप ने एडीएम न्यायिक से जांच कराई थी। मामला जांच के बीच ही दबा रहा, जिससे अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सुंदरवल केंद्र पर हो चुका
है 36 लाख का घोटाला
वर्ष 2017 में ही सुंदरवल क्रय केंद्र पर 2205.92 क्विंटल गेहूं का गबन कर लिया गया था, जिसकी कीमत करीब 36 लाख रुपये है। इस मामले में जिला खाद्य एवं विपणन निरीक्षक कौशल देव ने केंद्र प्रभारी/विपणन निरीक्षक पंकज त्रिपाठी और परिवहन ठेकेदार टीएन मिश्रा के खिलाफ फूलबेहड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच सुंदरवल चौकी इंचार्ज के पास है, लेकिन एक साल बीतने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला और न ही कोई गिरफ्तार हुआ।
चावल में गड़बड़ी के मामले में विपणन शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई हुई है। अभी मामले में कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
अरुण कुमार, एडीएम