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मोतीपुर के दो घर, नौ वीघा जमीन निगल गई जौराहा नदी
Updated Sat, 08 Jul 2017 05:03 PM IST
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बेलरायां। थाना सिंगाही क्षेत्र में बह रही जौराहा नदी ने मोतीपुर गांव के पास कटान तेज कर दिया है। नदी जहां दो घरों को निगल गई वहीं एक किसान के नौ बीघा खेत को भी धीरे-धीरे अपने आगोश में ले लिया। गांव की ओर नदी के बढ़ते रुख से कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची हुई है।
बेलरायां-पनवारी मार्ग पर स्थित गांव मोतीपुर के निकट से जौराहा नदी बह रही है। कई सालों से नदी धीरे-धीरे कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और अफसरों से कटान को रोकने के लिए कई बार मांग की, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस बार नदी ने गांव निवासी गोकुल प्रसाद का नौ बीघा खेत काटकर अपने आगोश में समा लिया। कटान पीड़ित गोकुल प्रसाद ने बताया की वर्ष 2015 से कटान कर रही नदी ने उसके करीब नौ बीघा खेत को अपनी आगोश में ले लिया है। इसके अलावा उसका और गांव के ही रामू का घर शुक्रवार को नदी में समा गया। बेघर होने के कारण पत्नी और उनके बच्चे खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। गांव निवासी नारायन, कुंतीलाल, रामू, भल्लू, गोकुल प्रसाद, रामचंद्र, रहमत अली ने बताया कि कटान को रोकने के ठोस उपाय न होने से करीब 12 से अधिक घरों पर संकट छा गया है। कटान पीड़ितों को कोई राहत नहीं मिली है। एसडीएम अखिलेश कुमार यादव ने बताया कि ग्राम मोतीपुर में अधिकारियों की टीम भेज कर जौराहा नदी के पड़ोस लोगों के घरों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद कटान पीड़तों की हर संभव मदद की जाएगी।
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बेलरायां-पनवारी मार्ग पर स्थित गांव मोतीपुर के निकट से जौराहा नदी बह रही है। कई सालों से नदी धीरे-धीरे कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और अफसरों से कटान को रोकने के लिए कई बार मांग की, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस बार नदी ने गांव निवासी गोकुल प्रसाद का नौ बीघा खेत काटकर अपने आगोश में समा लिया। कटान पीड़ित गोकुल प्रसाद ने बताया की वर्ष 2015 से कटान कर रही नदी ने उसके करीब नौ बीघा खेत को अपनी आगोश में ले लिया है। इसके अलावा उसका और गांव के ही रामू का घर शुक्रवार को नदी में समा गया। बेघर होने के कारण पत्नी और उनके बच्चे खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। गांव निवासी नारायन, कुंतीलाल, रामू, भल्लू, गोकुल प्रसाद, रामचंद्र, रहमत अली ने बताया कि कटान को रोकने के ठोस उपाय न होने से करीब 12 से अधिक घरों पर संकट छा गया है। कटान पीड़ितों को कोई राहत नहीं मिली है। एसडीएम अखिलेश कुमार यादव ने बताया कि ग्राम मोतीपुर में अधिकारियों की टीम भेज कर जौराहा नदी के पड़ोस लोगों के घरों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद कटान पीड़तों की हर संभव मदद की जाएगी।
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