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Lakhimpur Kheri News: दूध, पनीर, मिठाई और नमकीन में मिलावट पर 10 कारोबारियों पर 1.30 लाख का जुर्माना
Fri, 13 Feb 2026 10:59 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Feb 2026 10:59 PM IST
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लखीमपुर खीरी। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट पाए जाने पर 10 कारोबारियों पर कुल 1.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीएम कोर्ट के जरिये की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिलावट के मामलों में एडीएम कोर्ट में 43 वाद दायर किए गए थे। इनमें से 10 मामलों का निस्तारण करते हुए दंड लगाया गया। संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर 30 दिन के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में राशि जमा न करने पर आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
सहायक आयुक्त ब्रजेंद्र शर्मा ने बताया कि चार दूध के नमूने फेल होने पर 45 हजार रुपये, एक पनीर के मामले में 20 हजार रुपये, मिठाई पर 20 हजार रुपये और नमकीन के दो मामलों में 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा बिना पंजीकरण दुकान संचालित करने वाले एक कारोबारी पर 15 हजार रुपये का दंड लगाया गया है।
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-- -- पिछले माह 25 पर लगा था 2.90 लाख रुपये का जुर्माना-- --
जनवरी में 25 कारोबारियों पर कुल 2.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसमें दूध के छह नमूनों पर 75 हजार रुपये, पनीर के तीन मामलों में 30 हजार रुपये, मिठाई के दो मामलों में 20 हजार रुपये तथा बिना दूध की मिठाई, बेकरी व नमकीन के मामलों में 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बिना पंजीकरण दुकान संचालन के सात मामलों में 85 हजार रुपये का दंड निर्धारित किया गया था।
-- -त्योहारी सीजन में ज्यादा होती है मिलावटखोरी-- --
खाद्य पदार्थों में मिलावट करना गैरकानूनी है। इस पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद अधिक मुनाफे के लालच में कुछ कारोबारी नियमों की अनदेखी करते हैं। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर जांच और कार्रवाई की जा रही है, लेकिन पूरी तरह रोक लगाना अब भी चुनौती बना हुआ है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिलावट के मामलों में एडीएम कोर्ट में 43 वाद दायर किए गए थे। इनमें से 10 मामलों का निस्तारण करते हुए दंड लगाया गया। संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर 30 दिन के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में राशि जमा न करने पर आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
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सहायक आयुक्त ब्रजेंद्र शर्मा ने बताया कि चार दूध के नमूने फेल होने पर 45 हजार रुपये, एक पनीर के मामले में 20 हजार रुपये, मिठाई पर 20 हजार रुपये और नमकीन के दो मामलों में 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा बिना पंजीकरण दुकान संचालित करने वाले एक कारोबारी पर 15 हजार रुपये का दंड लगाया गया है।
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जनवरी में 25 कारोबारियों पर कुल 2.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसमें दूध के छह नमूनों पर 75 हजार रुपये, पनीर के तीन मामलों में 30 हजार रुपये, मिठाई के दो मामलों में 20 हजार रुपये तथा बिना दूध की मिठाई, बेकरी व नमकीन के मामलों में 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बिना पंजीकरण दुकान संचालन के सात मामलों में 85 हजार रुपये का दंड निर्धारित किया गया था।
खाद्य पदार्थों में मिलावट करना गैरकानूनी है। इस पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद अधिक मुनाफे के लालच में कुछ कारोबारी नियमों की अनदेखी करते हैं। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर जांच और कार्रवाई की जा रही है, लेकिन पूरी तरह रोक लगाना अब भी चुनौती बना हुआ है।