{"_id":"610d8de08ebc3eaaba5f4849","slug":"13-more-houses-in-the-river-in-godianpur-and-bachepara-villages-lakhimpur-news-bly455511280","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोड़ियनपुर और बाछेपारा गांव में 13 और घर नदी में समाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोड़ियनपुर और बाछेपारा गांव में 13 और घर नदी में समाए
विज्ञापन
धौरहरा। रमियाबेहड़ ब्लॉक के गोड़ियनपुरवा, बाछेपारा और ईसानगर ब्लॉक के कैरातीपुरवा गांव में घाघरा नदी तो जमदरी और रैनी में शारदा नदी कहर बरपा रही है। नदियों की कटान के आगे सिंचाई विभाग का बाढ़ खंड असहाय नजर आ रहा है। कटान पीड़ित आसमान के नीचे जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं। वे खाने तक को मोहताज हो रहे हैं। वहीं तहसील प्रशासन की तरफ से अभी सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है।
रमियाबेहड़ ब्लाक के बाछेपारा में घाघरा नदी ने शुक्रवार को फिर 13 घरों को निगल लिया। वहीं गोड़ियनपुरवा में भी तेजी के साथ घाघरा नदी कटान कर गांव को मिटाने पर आमादा है। वहीं बाढ़ खंड बचाव कार्य कराए जाने की बात कह रहा है। ग्रामीण अपनी खून पसीने की कमाई से बनाये गए घरो को अपने ही हाथों तोड़ने को विवश हैं। वे गांव से पलायन कर सुरक्षित ठिकाने की तलाश में इधर उधर भटक रहे हैं, लेकिन तहसील प्रशासन उन्हें रहने के लिए ठिकाना नहीं दे पा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है दो दिन तहसील प्रशासन ने खाने की व्यवस्था की। उसके बाद से कोई हाल जानने तक नहीं आया है। घाघरा नदी बाछेपारा में अब तक 97 घरो को काटकर गांव में शेष बचे घरों को निगलने के लिए बेताब है। वह दिन दूर नही जब बाछेपारा गांव का नाम केवल तहसील के नक्शे पर ही नजर आएगा। एसडीएम धौरहरा रेनू का कहना है कि कटान पीड़ितों का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है राहत सामग्री मिलते ही वितरण करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमियाबेहड़ ब्लाक के बाछेपारा में घाघरा नदी ने शुक्रवार को फिर 13 घरों को निगल लिया। वहीं गोड़ियनपुरवा में भी तेजी के साथ घाघरा नदी कटान कर गांव को मिटाने पर आमादा है। वहीं बाढ़ खंड बचाव कार्य कराए जाने की बात कह रहा है। ग्रामीण अपनी खून पसीने की कमाई से बनाये गए घरो को अपने ही हाथों तोड़ने को विवश हैं। वे गांव से पलायन कर सुरक्षित ठिकाने की तलाश में इधर उधर भटक रहे हैं, लेकिन तहसील प्रशासन उन्हें रहने के लिए ठिकाना नहीं दे पा रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है दो दिन तहसील प्रशासन ने खाने की व्यवस्था की। उसके बाद से कोई हाल जानने तक नहीं आया है। घाघरा नदी बाछेपारा में अब तक 97 घरो को काटकर गांव में शेष बचे घरों को निगलने के लिए बेताब है। वह दिन दूर नही जब बाछेपारा गांव का नाम केवल तहसील के नक्शे पर ही नजर आएगा। एसडीएम धौरहरा रेनू का कहना है कि कटान पीड़ितों का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है राहत सामग्री मिलते ही वितरण करा दिया जाएगा।
विज्ञापन