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सीमा विवाद निपटाने पहुंचे एसएसबी के कमांडेंट
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गौरीफंटा। भारत-नेपाल सीमा के ढाकिया गांव के पिलर संख्या 742 के पास विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिलर लगाने के चलते यहां विवाद की स्थिति बनी रहती है। इसको लेकर बीते दिनों ही दुधवा की तरफ से सुरक्षा खाई खोदते समय विवाद हो रहा था। जो काफी कोशिशों के बाद समाप्त हुआ था। इसको लेकर एसएसबी कमांडेंट ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नेपाल के नागरिकों ने उनके सामने अपनी बात रखी।
बता दें कि भारत-नेपाल सीमा के ग्राम ढकिया में जहां से कुछ दूर पर नेपाल सीमा शुरू होती है। नेपाल के ही गांव फुलवारी में बीते वर्ष सीमा में पिलर संख्या 742 के निर्माण को लेकर सर्वे किया गया था और पिलर निर्माण भी करवाया जाना था। नेपाल के नागरिकों ने उस पिलर को बनाने से साफ मना कर दिया। उनका कहना था कि यह पिलर भारतीय सीमा में नहीं, बल्कि हमारे देश नेपाल के साढ़े तीन सौ मीटर अंदर लगाया जा रहा है, जिससे विवाद की स्थिति हो गई थी जिससे पिलर निर्माण का कार्य रोक दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद दोबारा पिलर बनाने को लेकर नेपाल के नागरिकों में फिर से आक्रोश आ गया। नेपाली नागरिकों का कहना है कि यह पिलर उनके देश नेपाल की जगह पर लगाया जा रहा है और वह यह नहीं होने देंगे। जिसकी जानकारी मिलने पर आननफानन में एसएसबी 39वीं वाहिनी के कमांडेंट मुन्ना सिंह मौके पहुंचे और वहां का जायजा लिया और साथ ही नेपाली नागरिकों से बातचीत भी की। उन्होंने बताया कि विवाद का समाधान करा दिया गया है।
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बता दें कि भारत-नेपाल सीमा के ग्राम ढकिया में जहां से कुछ दूर पर नेपाल सीमा शुरू होती है। नेपाल के ही गांव फुलवारी में बीते वर्ष सीमा में पिलर संख्या 742 के निर्माण को लेकर सर्वे किया गया था और पिलर निर्माण भी करवाया जाना था। नेपाल के नागरिकों ने उस पिलर को बनाने से साफ मना कर दिया। उनका कहना था कि यह पिलर भारतीय सीमा में नहीं, बल्कि हमारे देश नेपाल के साढ़े तीन सौ मीटर अंदर लगाया जा रहा है, जिससे विवाद की स्थिति हो गई थी जिससे पिलर निर्माण का कार्य रोक दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद दोबारा पिलर बनाने को लेकर नेपाल के नागरिकों में फिर से आक्रोश आ गया। नेपाली नागरिकों का कहना है कि यह पिलर उनके देश नेपाल की जगह पर लगाया जा रहा है और वह यह नहीं होने देंगे। जिसकी जानकारी मिलने पर आननफानन में एसएसबी 39वीं वाहिनी के कमांडेंट मुन्ना सिंह मौके पहुंचे और वहां का जायजा लिया और साथ ही नेपाली नागरिकों से बातचीत भी की। उन्होंने बताया कि विवाद का समाधान करा दिया गया है।
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