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वनापराध रोकने को मानसून पेट्रोलिंग तेज
Updated Thu, 28 Jun 2018 05:08 PM IST
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वन अपराध रोकने को मानसून पेट्रोलिंग तेज
- वन विभाग की टीम के साथ एसटीपीएफ के जवान लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन जंगल में शिकार और पेड़ों का कटान आदि वन अपराध रोकने के लिए वन विभाग ने मानसून पेट्रोलिंग तेज कर दी है। इस बार वन विभाग की टीमों के साथ एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के जवान भी लगाए गए हैं। यही नहीं रेंजर समेत सभी वनाधिकारियों को पेट्रोलिंग पर जाने को कहा गया है।
बुधवार रात बफरजोन की मैलानी रेंज में पेट्रोलिंग के दौरान ट्रेनी (आईएफएस) और वन क्षेत्राधिकारी प्रखर मिश्र भी साथ रहे। उन्होंने वन अपराध के लिए संवेदनशील स्थलों पर फोर्स के साथ जाकर पैदल गश्त की। उन्होंने टीमों को निर्देश दिया है कि जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाए। उन्होंने टीम में शामिल फारेस्टर मोहम्मद उमर, सुखपाल सिंह, राजेंद्र वर्मा आदि से कहा कि जिन रास्तों से वन अपराधियों और शिकारियों के जंगल में घुसपैठ की संभावनाएं हैं, उन रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। जंगल से गुजरने वाले रास्तों पर वाहनों की चेकिंग की जाए, उन्होंने खुद भी कई वाहन चेक किए। मानसून पेट्रोलिंग की कमान संभाले बफरजोन उप-निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना है कि बारिश के दौरान जंगल के रास्तों पर पानी भरने से चौपहिया वाहनों के निकलने में होने वाली दिक्कत को देखते हुए जरूरत पड़ने ट्रैक्टर और विशेष वाहनों के जरिए पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए है।
उधर, दुधवा नेशनल पार्क एफडी रमेश कुमार पांडे ने बताया कि बरसात के मौसम में वन अपराध की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। कई रास्तों पर पानी भरने भर जाने से वहां टीमों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय वन विभाग विशेष गश्त की व्यवस्था करता है। इसी व्यवस्था के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व सहित बफरजोन में सघन पेट्रोलिंग कराई जा रही है।
- वन विभाग की टीम के साथ एसटीपीएफ के जवान लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन जंगल में शिकार और पेड़ों का कटान आदि वन अपराध रोकने के लिए वन विभाग ने मानसून पेट्रोलिंग तेज कर दी है। इस बार वन विभाग की टीमों के साथ एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के जवान भी लगाए गए हैं। यही नहीं रेंजर समेत सभी वनाधिकारियों को पेट्रोलिंग पर जाने को कहा गया है।
बुधवार रात बफरजोन की मैलानी रेंज में पेट्रोलिंग के दौरान ट्रेनी (आईएफएस) और वन क्षेत्राधिकारी प्रखर मिश्र भी साथ रहे। उन्होंने वन अपराध के लिए संवेदनशील स्थलों पर फोर्स के साथ जाकर पैदल गश्त की। उन्होंने टीमों को निर्देश दिया है कि जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाए। उन्होंने टीम में शामिल फारेस्टर मोहम्मद उमर, सुखपाल सिंह, राजेंद्र वर्मा आदि से कहा कि जिन रास्तों से वन अपराधियों और शिकारियों के जंगल में घुसपैठ की संभावनाएं हैं, उन रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। जंगल से गुजरने वाले रास्तों पर वाहनों की चेकिंग की जाए, उन्होंने खुद भी कई वाहन चेक किए। मानसून पेट्रोलिंग की कमान संभाले बफरजोन उप-निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना है कि बारिश के दौरान जंगल के रास्तों पर पानी भरने से चौपहिया वाहनों के निकलने में होने वाली दिक्कत को देखते हुए जरूरत पड़ने ट्रैक्टर और विशेष वाहनों के जरिए पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए है।
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उधर, दुधवा नेशनल पार्क एफडी रमेश कुमार पांडे ने बताया कि बरसात के मौसम में वन अपराध की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। कई रास्तों पर पानी भरने भर जाने से वहां टीमों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय वन विभाग विशेष गश्त की व्यवस्था करता है। इसी व्यवस्था के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व सहित बफरजोन में सघन पेट्रोलिंग कराई जा रही है।
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