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डीपीआरओ का पारा चढ़ा, लापरवाहों को लगाई फटकार
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:31 PM IST
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फटकार
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा में डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने लापरवाह कर्मचारियों/अधिकारियों को निकम्मा कहते हुए कड़ी फटकार लगाई है। गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) करने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति काफी धीमी पाई गई, जिसमें शुक्रवार की प्रगति शून्य देखकर डीपीआरओ का पारा एकदम चढ़ गया। उन्होंने गुस्साते हुए ग्राम पंचायत अधिकारियों और ब्लॉकों के एडीओ (पंचायत) को सात दिन के अंदर सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा के दौरान जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लक्ष्यों के सापेक्ष हुए कार्य का ब्यौरा प्रस्तुत किया। वर्ष 2017-18 में अब तक पंजीकृत 64184 लाभार्थियों के मुकाबले 25598 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। जबकि 44883 लाभार्थियों के फोटो अपलोड कराए गए है। ब्लॉकवार समीक्षा में प्रथम किस्त के सापेक्ष द्वितीय किस्त का आवंटन काफी कम मिला है, जिसमें एमआईएस की फीडिंग कम पाई गई।
वहीं ओडीएफ गांवों की सूची में सिर्फ 75 गांव ही शामिल हो पाए हैं, जबकि बांकेेगंज और कुंभी ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों को जुलाई-अगस्त 2017 में ही ओडीएफ कराने का लक्ष्य दिया गया था। डीपीआरओ ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक से प्रतिदिन 100 शौचालयों का एमआईएस फीडिंग कराने और प्रतिदिन ब्लॉकों से 500-500 फोटो अपलोड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सात दिन के अंदर सुधार न हुआ, तो संबंधित कर्मचारी/अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा के दौरान जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लक्ष्यों के सापेक्ष हुए कार्य का ब्यौरा प्रस्तुत किया। वर्ष 2017-18 में अब तक पंजीकृत 64184 लाभार्थियों के मुकाबले 25598 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। जबकि 44883 लाभार्थियों के फोटो अपलोड कराए गए है। ब्लॉकवार समीक्षा में प्रथम किस्त के सापेक्ष द्वितीय किस्त का आवंटन काफी कम मिला है, जिसमें एमआईएस की फीडिंग कम पाई गई।
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वहीं ओडीएफ गांवों की सूची में सिर्फ 75 गांव ही शामिल हो पाए हैं, जबकि बांकेेगंज और कुंभी ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों को जुलाई-अगस्त 2017 में ही ओडीएफ कराने का लक्ष्य दिया गया था। डीपीआरओ ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक से प्रतिदिन 100 शौचालयों का एमआईएस फीडिंग कराने और प्रतिदिन ब्लॉकों से 500-500 फोटो अपलोड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सात दिन के अंदर सुधार न हुआ, तो संबंधित कर्मचारी/अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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