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आवारा पशुओं के विचरण से दुर्घटनाएं बढ़ीं
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:51 PM IST
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आवारा पशु
- फोटो : अमर उजाला
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गोला गोकर्णनाथ। सत्ता मिलते ही योगी सरकार ने अवैध रूप से चल रहे स्लाटर हाउस तो बंद करा दिए लेकिन गोवंशीय पशुओं के संरक्षण पर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे शहर में छुट्टा विचरण करने वाले जानवर इन दिनों यातायात के लिए मुसीबत बने हैं, इनसे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
हिंदूवादी संगठन और भाजपा ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी को मुद्दा बनाया था। अवैध रूप से चल रहे स्लाटर हाउस बंद कराकर गोवंशीय पशुओं के कटने पर तो रोक लग गई। लेकिन दूध न देने पर लोग गायों को लावारिस छोड़ देते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही जिससे यातायात व्यवस्था के लिए मुश्किल पैदा कर रही है। इसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
दो वर्ष पहले बाजार में खरीदारी करते समय मोहल्ला पूर्वी दीक्षिताना निवासी सुभाष अग्रवाल छुट्टा पशु के हमले में घायल हो गए थे, काफी इलाज होने के बाद अब भी वह ठीक हो नहीं पाए हैं। मोहल्ला वीरेंद्रनगर कॉलोनी निवासी श्रीधर मिश्र सांड़ के हमले से घायल हुए थे। गंभीर चोटें होने से इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
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प्रदेश सरकार को हर तहसील स्तर पर पशुशाला खोलनी चाहिए। इससे छुट्टा विचरण करने वाले पशुओं को उनमें रखा जा सके। पशुशाला में पशुओं के खान पान, चारा और पानी की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
गोपालकृष्ण शुक्ल, व्यवसायी
छुट्टा पशुओं को बंद करने के लिए मिल रोड पर कांजी हाउस था जिसमें पशुपालकों से जुर्माना लेकर पशुओं को उनके सुपुर्द किया जाता था। इससे छुट्टा पशुओं पर अंकुश रहता था। अब कांजी हाउस कई वर्षों से बंद हैं। इससे प्रशासन इन आवारा पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
मुकेश राठी पूर्व अध्यक्ष रोटरी सेंट्रल गोला
पालतू और बेसहारा गायों की ट्रैकिंग हो, पालतू गायों के सड़कों पर खुला पाए जाने पर पालिका द्वारा उन्हें बांध लिया जाए। इसके बाद पशु मालिक से जुर्माना वसूल कर ही उन्हें सौंपा जाए, तभी हालत में सुधार हो सकता है इससे पालिका की आय भी होगी।
महेश पटवारी, व्यवसायी।
नगर में छुट्टा पशु समस्या बने हैं, जो बाजार में किसी पर भी हमलावर हो जाते हैं, जिससे कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। इन पशुओं के बीच सड़क पर बैठने से दुर्घटनाओं का भय रहता है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से स्थाई व्यवस्था की जानी चाहिए।
रवि गुप्ता
नगर पालिका परिषद का नया बोर्ड गठित होने के बाद नगर में छुट्टा पशुओं पर लगाम कसने के लिए स्थाई विकल्प की व्यवस्था की जाएगी। शीघ्र नगर को इस समस्या से निजात मिलेगी।
आरआर अम्बेश, ईओ/प्रशासक नगर पालिका परिषद गोला
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हिंदूवादी संगठन और भाजपा ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी को मुद्दा बनाया था। अवैध रूप से चल रहे स्लाटर हाउस बंद कराकर गोवंशीय पशुओं के कटने पर तो रोक लग गई। लेकिन दूध न देने पर लोग गायों को लावारिस छोड़ देते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही जिससे यातायात व्यवस्था के लिए मुश्किल पैदा कर रही है। इसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
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दो वर्ष पहले बाजार में खरीदारी करते समय मोहल्ला पूर्वी दीक्षिताना निवासी सुभाष अग्रवाल छुट्टा पशु के हमले में घायल हो गए थे, काफी इलाज होने के बाद अब भी वह ठीक हो नहीं पाए हैं। मोहल्ला वीरेंद्रनगर कॉलोनी निवासी श्रीधर मिश्र सांड़ के हमले से घायल हुए थे। गंभीर चोटें होने से इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
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प्रदेश सरकार को हर तहसील स्तर पर पशुशाला खोलनी चाहिए। इससे छुट्टा विचरण करने वाले पशुओं को उनमें रखा जा सके। पशुशाला में पशुओं के खान पान, चारा और पानी की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
गोपालकृष्ण शुक्ल, व्यवसायी
छुट्टा पशुओं को बंद करने के लिए मिल रोड पर कांजी हाउस था जिसमें पशुपालकों से जुर्माना लेकर पशुओं को उनके सुपुर्द किया जाता था। इससे छुट्टा पशुओं पर अंकुश रहता था। अब कांजी हाउस कई वर्षों से बंद हैं। इससे प्रशासन इन आवारा पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
मुकेश राठी पूर्व अध्यक्ष रोटरी सेंट्रल गोला
पालतू और बेसहारा गायों की ट्रैकिंग हो, पालतू गायों के सड़कों पर खुला पाए जाने पर पालिका द्वारा उन्हें बांध लिया जाए। इसके बाद पशु मालिक से जुर्माना वसूल कर ही उन्हें सौंपा जाए, तभी हालत में सुधार हो सकता है इससे पालिका की आय भी होगी।
महेश पटवारी, व्यवसायी।
नगर में छुट्टा पशु समस्या बने हैं, जो बाजार में किसी पर भी हमलावर हो जाते हैं, जिससे कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। इन पशुओं के बीच सड़क पर बैठने से दुर्घटनाओं का भय रहता है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से स्थाई व्यवस्था की जानी चाहिए।
रवि गुप्ता
नगर पालिका परिषद का नया बोर्ड गठित होने के बाद नगर में छुट्टा पशुओं पर लगाम कसने के लिए स्थाई विकल्प की व्यवस्था की जाएगी। शीघ्र नगर को इस समस्या से निजात मिलेगी।
आरआर अम्बेश, ईओ/प्रशासक नगर पालिका परिषद गोला