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सख्ती से घबराई एजेंसियों ने घटाई क्रय केंद्रों की संख्या
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:56 PM IST
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सख्ती से घबराई एजेंसियों ने घटाई क्रय केंद्रों की संख्या
किसानों का धान खरीदने को सिर्फ 60 क्रय केन्द्रों का प्रस्ताव
पिछले वर्ष एजेंसियों ने खोले थे 116 क्रय केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। खरीफ सीजन में धान खरीद के लिए क्रय केंद्रों को खोले जाने के लिए इस बार एजेंसियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जिसमें पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने तो क्रय केंद्र खोलने से ही इंकार कर दिया। जब अधिकारियों ने दबाव बनाया, तो सात एजेंसियों ने क्रय केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष से घटाकर आधी यानी 60 कर दी है। पिछले वर्ष 116 क्रय केंद्र खोले गए थे।
जनपद में एक अक्तूबर 2018 से धान खरीद की शुरूआत होनी है, जिसके लिए करीब दो माह पहले से तैयारियां कराई जा रही हैं। इस बार धान खरीद के दौरान गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने पॉलिसी में बदलाव किए हैं, जिसमें धान बेचने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। 15 सितंबर 2018 तक ऑनलाइन पंजीकरण कराए जा सकेंगे। बिना पंजीकरण के कोई किसान अपना धान क्रय केंद्रों पर नहीं बेच सकेगा। कुछ माह पहले गेहूं खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़िया सामने आ चुकी हैं, जिसमें कई एजेंसियों के केंद्र प्रभारियों समेत पीसीएफ के तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। लिहाजा इन कार्रवाइयों से एजेंसियों के प्रबंधक सहमे हुए हैं। इससे क्रय केंद्रों के चयन में देरी हुई और पिछले वर्ष खुले केंद्रों के मुकाबले संख्या आधी रह गई। हर बार सबसे अधिक क्रय केंद्र खोलने वाली पीसीएफ ने सिर्फ 14 केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। इसी तरह विपणन शाखा ने 15, कर्मचारी कल्याण निगम ने तीन, यूपी स्टेट एग्रो ने एक, एनसीएफ ने दो, पीसीयू ने 19 और एसएफसी ने छह क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। एफसीआई ने तो एक भी क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव नहीं दिया है।
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अब तक 1450 किसानों ने कराया पंजीकरण
सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य किए जाने के बावजूद सिर्फ 1450 किसानों ने पंजीकरण कराए हैं। पंजीकरण कराने के लिए किसानों के पास अब आठ दिन बचे हैं। पिछले वर्ष करीब 15 हजार किसानों ने क्रय केंद्रों पर धान बेचा था।
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एजेंसियों ने क्रय केंद्रों की संख्या घटा दी है। पीसीएफ ने पहले तो खरीद करने से इंकार कर दिया था, फिर 14 केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। 60 केंद्र खोलने के प्रस्तावों को मंजूरी के लिए डीएम के पास भेज दिया है।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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किसानों का धान खरीदने को सिर्फ 60 क्रय केन्द्रों का प्रस्ताव
पिछले वर्ष एजेंसियों ने खोले थे 116 क्रय केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। खरीफ सीजन में धान खरीद के लिए क्रय केंद्रों को खोले जाने के लिए इस बार एजेंसियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जिसमें पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने तो क्रय केंद्र खोलने से ही इंकार कर दिया। जब अधिकारियों ने दबाव बनाया, तो सात एजेंसियों ने क्रय केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष से घटाकर आधी यानी 60 कर दी है। पिछले वर्ष 116 क्रय केंद्र खोले गए थे।
जनपद में एक अक्तूबर 2018 से धान खरीद की शुरूआत होनी है, जिसके लिए करीब दो माह पहले से तैयारियां कराई जा रही हैं। इस बार धान खरीद के दौरान गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने पॉलिसी में बदलाव किए हैं, जिसमें धान बेचने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। 15 सितंबर 2018 तक ऑनलाइन पंजीकरण कराए जा सकेंगे। बिना पंजीकरण के कोई किसान अपना धान क्रय केंद्रों पर नहीं बेच सकेगा। कुछ माह पहले गेहूं खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़िया सामने आ चुकी हैं, जिसमें कई एजेंसियों के केंद्र प्रभारियों समेत पीसीएफ के तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। लिहाजा इन कार्रवाइयों से एजेंसियों के प्रबंधक सहमे हुए हैं। इससे क्रय केंद्रों के चयन में देरी हुई और पिछले वर्ष खुले केंद्रों के मुकाबले संख्या आधी रह गई। हर बार सबसे अधिक क्रय केंद्र खोलने वाली पीसीएफ ने सिर्फ 14 केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। इसी तरह विपणन शाखा ने 15, कर्मचारी कल्याण निगम ने तीन, यूपी स्टेट एग्रो ने एक, एनसीएफ ने दो, पीसीयू ने 19 और एसएफसी ने छह क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। एफसीआई ने तो एक भी क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव नहीं दिया है।
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अब तक 1450 किसानों ने कराया पंजीकरण
सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य किए जाने के बावजूद सिर्फ 1450 किसानों ने पंजीकरण कराए हैं। पंजीकरण कराने के लिए किसानों के पास अब आठ दिन बचे हैं। पिछले वर्ष करीब 15 हजार किसानों ने क्रय केंद्रों पर धान बेचा था।
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एजेंसियों ने क्रय केंद्रों की संख्या घटा दी है। पीसीएफ ने पहले तो खरीद करने से इंकार कर दिया था, फिर 14 केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। 60 केंद्र खोलने के प्रस्तावों को मंजूरी के लिए डीएम के पास भेज दिया है।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी