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उफनाई शारदा नदी, पलिया में घुसा बाढ़ का पानी
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:40 PM IST
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उफान पर शारदा, पलिया में घुसा बाढ़ का पानी
कई गांवों में भी पानी ने दी दस्तक, अधिकारियों ने लिया जायजा
पलियाकलां। लगातार हो रही बारिश से शारदा नदी उफना गई है। नदी के पानी ने पलिया में भी दस्तक दे दी है। बाढ़ के पानी ने चीनी मिल से नगला जाने वाले मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं भीरा क्षेत्र के कई गांवों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप है। कटान भी नदी ने तेज धार से शुरू कर दिया है। उफनाई शारदा नदी का पानी भीरा रोड पर गत्ता फैक्ट्री के पास रोड क्रॉस करने लगा है। अधिकारियों ने भी कई गांवों में जाकर मुआयना किया। एसडीएम व तहसीलदार ने कई गांवों का भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति देखी है।
कई दिनों से हो रही बारिश के चलते शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। जल आयोग के अनुसार सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर 28 सेमी तक ऊपर बहने लगा। धीरे-धीरे नदी का जलस्तर बढ़ता रहा और तीन बजे के बाद नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। बाढ़ का पानी चीनी मिल के सामने से नगला जाने वाली रोड पर बहने लगा। इस रोड पर लगभग दो फिट तक पानी बह रहा है। उधर गत्ता फैक्ट्री के सामने भी भीरा रोड क्रॉस कर बाढ़ का पानी बहने लगा है। बाढ़ का पानी भीरा क्षेत्र के नगला, मेलाघाट, श्रीनगर, खैराना, दौलतापुर, कचनारा, प्रेमनगर, मटैहिया, इमलिया फार्म सहित कई गांवों में भर गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसके अलावा भीरा क्षेत्र के ही ढखिया खुर्द, जंगल नंबर सात, छंगाटांडा, देशराज टांडा आदि गांव में भी काफी तेज कटान शुरू कर दिया है। इसी को लेकर एसडीएम सुनन्दू सुधाकरन, तहसीलदार अनिल कुमार यादव सहित तहसील कर्मचारियों के साथ भीरा इलाके में कटान देखने पहुंचे और स्थिति को बारीकी से देखा।
दुधवा के जंगल में भरा सुहेली का पानी
शारदा नदी के उफनाने के साथ-साथ पहाड़ी नदी सुहेली भी उफना गई है। सुहेली नदी की बाढ़ का पानी दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में जा घुसा है। जंगल में बाढ़ का पानी घुसने से जंगली जानवरों पर शिकारियों का खतरा मंडरा सकता है।
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पहुंचे अधिकारी, सुतिया नाले के रपटा पुल की देखी स्थिति
लेखपालों के न मिलने पर लगाई फटकार
महंगापुर। एसडीएम सुनन्दू सुधाकरन व तहसीलदार अनिल कुमार यादव ने बाढ़ चैकी महंगापुर का औचक निरीक्षण किया। जिसमें लगदहन व महंगापुर के लेखपाल नदारद मिले। जिसपर एसडीएम ने दोनों को फोन कर सख्त हिदायत देकर तुरंत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। सुतिया नाले के रपटा पुल पर लगभग तीन से चार फिट तक पानी चल रहा है। जो नाव से यहां से ग्रामीणों को ले जा रही हैं वह जर्जर है। इसको देखकर एसडीएम ने श्रीनगर से दो नाव यहां भेजने की बात कही है। अधीनस्थों के पेंच कसते हुए उन्होंने सही जानकारी देने के साथ ही नाव पर दस से ज्यादा लोगों के सवारी करने से मना किया है। नाव पर साइकिल व बाइक भी चढ़ाने से मना करने के निर्देश दिए हैं। नाविकों ने बताया कि उनकी बात कोई नहीं मानता है जिसपर उन्होंने थानाध्यक्ष संपूर्णानगर आदेश प्रताप सिंह को निर्देश दिया है कि पुल पर सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि कोई हादसा न हो सके। इधर उधर मौज मस्ती कर पुल के चक्कर लगाने वालों पर भी रोक लगाने के निर्देश एसडीएम ने दिए हैं।
बाढ़ की विभाषिका झेल रहा ट्रांस शारदा क्षेत्र
संपूर्णानगर। पड़ोसी जिले पीलीभीत के ट्रांस शारदा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। बाढ़ का पानी आने से शास्त्रीनगर और हजारा गांव चारों तरफ से घिर चुका है और यहां नदी तेज गति से कटान कर रही है। बाढ़ से किसानों की लगभग तीस एकड़ भूमि भी नदी में समा चुकी है। इस इलाके में ट्रांस शारदा के सिद्धनगर, हजारा, भुरजुनिया, शास्त्रीनगर, अशोकनगर और चंद्रनगर समेत कई गांव आते हैं जिनमें बाढ़ का पानी भर गया है। हजारा निवासी राकेश यादव, राजेश यादव, गुरबचन सिंह, अवतार सिंह, धनीराम, रामचंद्र और परमात्मा मौर्य समेत दर्जनों किसानों की कृषि भूमि का कटान महीनों से हो रहा है। हजारा जंगल से सिद्ध नगर जाने वाले मार्ग पर एक किलोमीटर के करीब चार फिट से ऊपर पानी का बहाव हो रहा है। भुरजुुनिया मार्ग पर तीन फीट के लगभग पानी का बहाव मुख्य मार्ग पर हो रहा है, नेहरू नगर से रामनगर के बीच रपटा पुल पर भी तीन फुट के करीब पानी सड़कों पर बह रहा है। जिसके चलते आवागमन बाधित है।
नयापुरवा में कटान हुआ तेज, पहुंचे अधिकारी
मझगईं। लगातार अधिकारियों द्वारा नयापुरवा में बाढ़ न आने की बात कही जा रही थी, जिसकी लगातार खबरें भी प्रकाशित हो रही हैं। सोमवार को अधिकारी जागे और नाव से नयापुरवा गांव की स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम सुनन्दू सुधाकरन, तहसीलदार अनिल कुमार यादव, कानूनगो नोखेलाल व चैकी इंचार्ज कमलेश कुमार के साथ नाव पर सवार हुए और नयापुरवा पहुंचकर गांव वालों ेको सुरक्षित बसाने के साथ ही हरसंभवन मदद देने का आश्वासन दिया। लेखपाल को शाम तक बाढ़ कटान से प्रभावित लोगों की रिपोर्ट देने के निर्देश भी एसडीएम ने दिए हैं।
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उफान पर शारदा, पलिया में घुसा बाढ़ का पानी
कई गांवों में भी पानी ने दी दस्तक, अधिकारियों ने लिया जायजा
पलियाकलां। लगातार हो रही बारिश से शारदा नदी उफना गई है। नदी के पानी ने पलिया में भी दस्तक दे दी है। बाढ़ के पानी ने चीनी मिल से नगला जाने वाले मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं भीरा क्षेत्र के कई गांवों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप है। कटान भी नदी ने तेज धार से शुरू कर दिया है। उफनाई शारदा नदी का पानी भीरा रोड पर गत्ता फैक्ट्री के पास रोड क्रॉस करने लगा है। अधिकारियों ने भी कई गांवों में जाकर मुआयना किया। एसडीएम व तहसीलदार ने कई गांवों का भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति देखी है।
कई दिनों से हो रही बारिश के चलते शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। जल आयोग के अनुसार सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर 28 सेमी तक ऊपर बहने लगा। धीरे-धीरे नदी का जलस्तर बढ़ता रहा और तीन बजे के बाद नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। बाढ़ का पानी चीनी मिल के सामने से नगला जाने वाली रोड पर बहने लगा। इस रोड पर लगभग दो फिट तक पानी बह रहा है। उधर गत्ता फैक्ट्री के सामने भी भीरा रोड क्रॉस कर बाढ़ का पानी बहने लगा है। बाढ़ का पानी भीरा क्षेत्र के नगला, मेलाघाट, श्रीनगर, खैराना, दौलतापुर, कचनारा, प्रेमनगर, मटैहिया, इमलिया फार्म सहित कई गांवों में भर गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसके अलावा भीरा क्षेत्र के ही ढखिया खुर्द, जंगल नंबर सात, छंगाटांडा, देशराज टांडा आदि गांव में भी काफी तेज कटान शुरू कर दिया है। इसी को लेकर एसडीएम सुनन्दू सुधाकरन, तहसीलदार अनिल कुमार यादव सहित तहसील कर्मचारियों के साथ भीरा इलाके में कटान देखने पहुंचे और स्थिति को बारीकी से देखा।
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दुधवा के जंगल में भरा सुहेली का पानी
शारदा नदी के उफनाने के साथ-साथ पहाड़ी नदी सुहेली भी उफना गई है। सुहेली नदी की बाढ़ का पानी दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में जा घुसा है। जंगल में बाढ़ का पानी घुसने से जंगली जानवरों पर शिकारियों का खतरा मंडरा सकता है।
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पहुंचे अधिकारी, सुतिया नाले के रपटा पुल की देखी स्थिति
लेखपालों के न मिलने पर लगाई फटकार
महंगापुर। एसडीएम सुनन्दू सुधाकरन व तहसीलदार अनिल कुमार यादव ने बाढ़ चैकी महंगापुर का औचक निरीक्षण किया। जिसमें लगदहन व महंगापुर के लेखपाल नदारद मिले। जिसपर एसडीएम ने दोनों को फोन कर सख्त हिदायत देकर तुरंत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। सुतिया नाले के रपटा पुल पर लगभग तीन से चार फिट तक पानी चल रहा है। जो नाव से यहां से ग्रामीणों को ले जा रही हैं वह जर्जर है। इसको देखकर एसडीएम ने श्रीनगर से दो नाव यहां भेजने की बात कही है। अधीनस्थों के पेंच कसते हुए उन्होंने सही जानकारी देने के साथ ही नाव पर दस से ज्यादा लोगों के सवारी करने से मना किया है। नाव पर साइकिल व बाइक भी चढ़ाने से मना करने के निर्देश दिए हैं। नाविकों ने बताया कि उनकी बात कोई नहीं मानता है जिसपर उन्होंने थानाध्यक्ष संपूर्णानगर आदेश प्रताप सिंह को निर्देश दिया है कि पुल पर सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि कोई हादसा न हो सके। इधर उधर मौज मस्ती कर पुल के चक्कर लगाने वालों पर भी रोक लगाने के निर्देश एसडीएम ने दिए हैं।
बाढ़ की विभाषिका झेल रहा ट्रांस शारदा क्षेत्र
संपूर्णानगर। पड़ोसी जिले पीलीभीत के ट्रांस शारदा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। बाढ़ का पानी आने से शास्त्रीनगर और हजारा गांव चारों तरफ से घिर चुका है और यहां नदी तेज गति से कटान कर रही है। बाढ़ से किसानों की लगभग तीस एकड़ भूमि भी नदी में समा चुकी है। इस इलाके में ट्रांस शारदा के सिद्धनगर, हजारा, भुरजुनिया, शास्त्रीनगर, अशोकनगर और चंद्रनगर समेत कई गांव आते हैं जिनमें बाढ़ का पानी भर गया है। हजारा निवासी राकेश यादव, राजेश यादव, गुरबचन सिंह, अवतार सिंह, धनीराम, रामचंद्र और परमात्मा मौर्य समेत दर्जनों किसानों की कृषि भूमि का कटान महीनों से हो रहा है। हजारा जंगल से सिद्ध नगर जाने वाले मार्ग पर एक किलोमीटर के करीब चार फिट से ऊपर पानी का बहाव हो रहा है। भुरजुुनिया मार्ग पर तीन फीट के लगभग पानी का बहाव मुख्य मार्ग पर हो रहा है, नेहरू नगर से रामनगर के बीच रपटा पुल पर भी तीन फुट के करीब पानी सड़कों पर बह रहा है। जिसके चलते आवागमन बाधित है।
नयापुरवा में कटान हुआ तेज, पहुंचे अधिकारी
मझगईं। लगातार अधिकारियों द्वारा नयापुरवा में बाढ़ न आने की बात कही जा रही थी, जिसकी लगातार खबरें भी प्रकाशित हो रही हैं। सोमवार को अधिकारी जागे और नाव से नयापुरवा गांव की स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम सुनन्दू सुधाकरन, तहसीलदार अनिल कुमार यादव, कानूनगो नोखेलाल व चैकी इंचार्ज कमलेश कुमार के साथ नाव पर सवार हुए और नयापुरवा पहुंचकर गांव वालों ेको सुरक्षित बसाने के साथ ही हरसंभवन मदद देने का आश्वासन दिया। लेखपाल को शाम तक बाढ़ कटान से प्रभावित लोगों की रिपोर्ट देने के निर्देश भी एसडीएम ने दिए हैं।