{"_id":"5c1fcdf8bdec2257057f2b55","slug":"111545588216-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ की दहाड़ से ग्रामीणों की गायब है नींद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ की दहाड़ से ग्रामीणों की गायब है नींद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बाघ की दहाड़ से ग्रामीणों की नींद उड़ी
मझगईं (लखीमपुर खीरी)। गंगापुरवा गांव के ग्रामीणों में बाघ की दहशत कम नहीं हो रही है। बाघ की दहाड़ से गंगापुरवा और कंधरहिया के ग्रामीण सो नहीं पा रहे हैं। डर की वजह से किसान खेतों की ओर भी नहीं जा रहे हैं। इसको लेकर मझगईं रेंज के अधिकारी बराबर गन्ने के खेतों में कांबिंग कर रहे हैं फिर भी ग्रामीणों में बाघ का डर बना हुआ है।
चौकी क्षेत्र के गांव गंगापुरवा व कंधरहिया के बीच एक गन्ने के खेत में दो दिन पूर्व गाय को बाघ ने मारा डाला था। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों से ग्रामीणों ने वहीं आसपास गन्ने के खेत में बाघ के छिपे होने की आशंका जताई थी। बीती रात शिकार की तलाश में भटक रहे बाघ की दहाड़ सुन ग्रामीण रातभर सो नहीं सके। सूचना पाकर पहुंचे मझगईं रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राममिलन, दरोगा राजाराम, विक्रम सिंह, अरुण कुमार आदि वनकर्मियों ने मौके पर जाकर निगरानी कर रहे हैं। क्षेत्राधिकारी ने लोगों से सावधान रहने के साथ अकेले खेत की ओर न जाने की सलाह दी है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि स्टाफ के साथ बराबर गश्त हादसे वाले दिन से की जा रही है, लेकिन अभी तक बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। फिर भी गन्ना छीलने वाले किसानों से सतर्क रहने को कहा गया है।
विज्ञापन