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विद्युत उपकेंद्र की जांच को पहुंची टीम
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:20 AM IST
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विद्युत उपकेंद्र की जांच को पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो
तिकुनिया खीरी। कस्बा स्थित विद्युत उपकेंद्र पर बुधवार को सिविल जेई अपनी टीम के साथ निर्माण की गुणवत्ता जांचने पहुंचे। टीम ने उपकेंद्र की छत आदि की गुणवत्ता परखी।
तीन जुलाई के अमर उजाला के अंक में पहली बरसात में ही टपकने लगा विद्युत उपकेंद्र के शीर्षक खबर के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। उपकेंद्र निर्माण में भारी गोलमाल की आशंका को लेकर डीएम शैलेन्द्र सिंह ने इसकी जांच के निर्देश दिए। इस पर बिजली विभाग के सिविल जेई आलोक कुमार, एसडीओ सिविल बुधवार को उपकेंद्र की गुणवत्ता जांचने पहुंचे। टीम ने जेई विकास कुमार, एचएसओ से उपकेंद्र निर्माण की जानकारी ली, इस पर उन्होंने बताया कि भवन निर्माण को अभी एक साल भी नहीं हुआ है और कार्यदायी संस्था ने कुछ माह पहले ही विभाग का सौंपा है और पहली बरसात में ही इसकी छत टपकने लगी। जांच टीम ने जांच पड़ताल कर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए। हालांकि जांच टीम ने गुणवत्ता के बाबत कुछ भी बताने से मना कर दिया है। मामले की जांच को लेकर कार्यदायी संस्था के लोगों में हडकंप मच गया है।
अमर उजाला ब्यूरो
तिकुनिया खीरी। कस्बा स्थित विद्युत उपकेंद्र पर बुधवार को सिविल जेई अपनी टीम के साथ निर्माण की गुणवत्ता जांचने पहुंचे। टीम ने उपकेंद्र की छत आदि की गुणवत्ता परखी।
तीन जुलाई के अमर उजाला के अंक में पहली बरसात में ही टपकने लगा विद्युत उपकेंद्र के शीर्षक खबर के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। उपकेंद्र निर्माण में भारी गोलमाल की आशंका को लेकर डीएम शैलेन्द्र सिंह ने इसकी जांच के निर्देश दिए। इस पर बिजली विभाग के सिविल जेई आलोक कुमार, एसडीओ सिविल बुधवार को उपकेंद्र की गुणवत्ता जांचने पहुंचे। टीम ने जेई विकास कुमार, एचएसओ से उपकेंद्र निर्माण की जानकारी ली, इस पर उन्होंने बताया कि भवन निर्माण को अभी एक साल भी नहीं हुआ है और कार्यदायी संस्था ने कुछ माह पहले ही विभाग का सौंपा है और पहली बरसात में ही इसकी छत टपकने लगी। जांच टीम ने जांच पड़ताल कर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए। हालांकि जांच टीम ने गुणवत्ता के बाबत कुछ भी बताने से मना कर दिया है। मामले की जांच को लेकर कार्यदायी संस्था के लोगों में हडकंप मच गया है।
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