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गांव का झगड़ा गांव में सुलझाएं, कोर्ट कचहरी हम क्यो जाएं
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:20 AM IST
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गांव का झगड़ा गांव में सुलझाएं, कोर्ट कचहरी हम क्यों जाएं
कम्युनिटी पुलिसिंग से अपराध को रोकने की तैयारी
हर गांव-शहर में 10 सदस्यों की गठित होगी कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। डीजीपी के आदेश पर जिले में कम्युनिटी पुलिसिंग व्यवस्था लागू करने की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। प्रत्येक शहर, नगर से लेकर गांवों में साफ-सुथरी छवि वाले 10-10 लोगों की टीम गठित की जाएगी। इसका मोटो गांव का झगड़ा गांव में निपटाएं, कोर्ट कचहरी हम क्यों जाएं रखा गया है। गठित टीमें शहर से लेकर गांवों में होने वाले छोटे-छोटे झगड़ों को निपटारा कराकर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने क ा प्रयास करेंगी। डीजीपी का आदेश मिलने के बाद जिले में इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
गांवों और शहरों में विभिन्न बातों को लेकर विवाद होते रहते हैं, जिसके निस्तारण में पुलिस सिर्फ अपनी भूिमका का निर्वहन करती है। डीजीपी ओमप्रकाश सिंह का मानना है कि यदि पुलिस इन मामलों को निस्तारित करने में संभ्रात व्यक्तियों का सहयोग ले तो विवादों का निस्तारण काफी अच्छा होगा। आम नागरिकों को थाना और अदालत नहीं जाना पड़ेगा।
सदस्यों का बनेगा व्हाट्स एप ग्रुप
हल्का दरोगा प्रत्येक महीने गांव-मोहल्ले में 10 सदस्यीय कमेटी के साथ बैठक करेंगे। बीट इंचार्ज एक-एक गांव के 10 सदस्यों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर संपर्क स्थापित करेंगे। साथ ही बीट इंचार्ज को समय समय पर सदस्यों को गांव में झगड़ा आदि होने पर तत्काल सूचना देने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।
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गोष्ठी कर बनाएंगे आपसी सामंजस्य
पुलिस क्षेत्राधिकारी सभी सदस्यों की सूची और मोबाइल नंबर अपने पास रखेंगे। सीओ, एसओ, बीट इंचार्ज का नंबर भी सदस्यों को उपलब्ध कराएं। उनसे संवाद स्थापित करें। महीने में कम से कम एक सदस्य से बात करेंगे। त्योहारों में कोई नई परंपरा न करने से सहित अन्य जानकारी प्राप्त करेंगे। गोष्ठी में पुलिस के बेहतर कार्यों को जरूर साझा करें। यदि कोई सदस्य किसी शातिर अपराधी को पकड़ता है तो उसे सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। व्यक्तिगत रूप से सदस्यों को परिचय पत्र जारी करने पर रोक लगा दी गई है। सीओ सदस्यों के नाम की सूची निर्धारित प्रारूप पर भरकर दे सकते हैं।
वर्जन..........
कम्युनिटिंग पुलिसिंग बहुत अच्छी पहल है। इससे पुलिस का नेटवर्क भी मजबूत होगा। छोटे-छोटे झगड़े गांव में ही जहां निपट जाएंगे। वहीं छोटे विवादों में होने वाली बड़ी घटनाओं पर भी रोक लगेगी। गांव-मोहल्लों में संभ्रांत लोगों की सूची थाना स्तर बनवाई जा रही है। सभी थानेदारों को इस व्यवस्था को शीघ्र ही अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
रामलाल वर्मा, एसपी
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कम्युनिटी पुलिसिंग से अपराध को रोकने की तैयारी
हर गांव-शहर में 10 सदस्यों की गठित होगी कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। डीजीपी के आदेश पर जिले में कम्युनिटी पुलिसिंग व्यवस्था लागू करने की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। प्रत्येक शहर, नगर से लेकर गांवों में साफ-सुथरी छवि वाले 10-10 लोगों की टीम गठित की जाएगी। इसका मोटो गांव का झगड़ा गांव में निपटाएं, कोर्ट कचहरी हम क्यों जाएं रखा गया है। गठित टीमें शहर से लेकर गांवों में होने वाले छोटे-छोटे झगड़ों को निपटारा कराकर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने क ा प्रयास करेंगी। डीजीपी का आदेश मिलने के बाद जिले में इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
गांवों और शहरों में विभिन्न बातों को लेकर विवाद होते रहते हैं, जिसके निस्तारण में पुलिस सिर्फ अपनी भूिमका का निर्वहन करती है। डीजीपी ओमप्रकाश सिंह का मानना है कि यदि पुलिस इन मामलों को निस्तारित करने में संभ्रात व्यक्तियों का सहयोग ले तो विवादों का निस्तारण काफी अच्छा होगा। आम नागरिकों को थाना और अदालत नहीं जाना पड़ेगा।
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सदस्यों का बनेगा व्हाट्स एप ग्रुप
हल्का दरोगा प्रत्येक महीने गांव-मोहल्ले में 10 सदस्यीय कमेटी के साथ बैठक करेंगे। बीट इंचार्ज एक-एक गांव के 10 सदस्यों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर संपर्क स्थापित करेंगे। साथ ही बीट इंचार्ज को समय समय पर सदस्यों को गांव में झगड़ा आदि होने पर तत्काल सूचना देने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।
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गोष्ठी कर बनाएंगे आपसी सामंजस्य
पुलिस क्षेत्राधिकारी सभी सदस्यों की सूची और मोबाइल नंबर अपने पास रखेंगे। सीओ, एसओ, बीट इंचार्ज का नंबर भी सदस्यों को उपलब्ध कराएं। उनसे संवाद स्थापित करें। महीने में कम से कम एक सदस्य से बात करेंगे। त्योहारों में कोई नई परंपरा न करने से सहित अन्य जानकारी प्राप्त करेंगे। गोष्ठी में पुलिस के बेहतर कार्यों को जरूर साझा करें। यदि कोई सदस्य किसी शातिर अपराधी को पकड़ता है तो उसे सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। व्यक्तिगत रूप से सदस्यों को परिचय पत्र जारी करने पर रोक लगा दी गई है। सीओ सदस्यों के नाम की सूची निर्धारित प्रारूप पर भरकर दे सकते हैं।
वर्जन..........
कम्युनिटिंग पुलिसिंग बहुत अच्छी पहल है। इससे पुलिस का नेटवर्क भी मजबूत होगा। छोटे-छोटे झगड़े गांव में ही जहां निपट जाएंगे। वहीं छोटे विवादों में होने वाली बड़ी घटनाओं पर भी रोक लगेगी। गांव-मोहल्लों में संभ्रांत लोगों की सूची थाना स्तर बनवाई जा रही है। सभी थानेदारों को इस व्यवस्था को शीघ्र ही अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
रामलाल वर्मा, एसपी