फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   एक तरफ वैदिक मंत्रोच्चार दूसरी तरफ पढ़ा गया कलमा..

एक तरफ वैदिक मंत्रोच्चार दूसरी तरफ पढ़ा गया कलमा..

Tue, 27 Mar 2018 08:07 PM IST
Updated Tue, 27 Mar 2018 08:07 PM IST
विज्ञापन
एक तरफ वैदिक मंत्रोच्चार दूसरी तरफ पढ़ा गया कलमा..
27एलकेएच 07, 23 और 24
विज्ञापन


लीड
एक तरफ वैदिक मंत्रोच्चार
दूसरी तरफ पढ़ी गईं आयतें
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 353 जोड़ों की शादी कर खीरी में बना कीर्तिमान
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मंगलवार को एक साथ 353 जोड़ों का विवाह कराया गया, जो अब तक ऐसे आयोजनों में एक कीर्तिमान है। दो पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिंदू जोड़ों की शादी हुई, तो तीसरे पांडाल में आयतें पढ़कर मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने नवदंपतियों को आशीर्वाद स्वरूप अनुदान राशि के चेक, उपहार वितरित किए। कुछ सामाजिक संगठनों ने भी उपहार किटें वितरित कीं। उम्मीद से अधिक लोगों के आने से कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्थाएं भी उत्पन्न हुईं, तो ड्यूटी में लगे अधिकारियों ने मोर्चा संभाला।
मंडी राजापुर में सामूहिक विवाह के लिए जिले भर से जोड़े परिवार सहित उपस्थित हुए। गायत्री परिवार के परिव्राजकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रीति-रिवाज से हिंदू जोड़ों की शादी कराई। इसके लिए 353 वेदियां बनाई गईं। शादी की रस्मों के दौरान पति और पत्नी को अलग-अलग वचनों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान गायत्री परिवार के कार्यकर्ता पंडाल में नवदंपतियों की रस्में पूरी करने में मदद करते रहे। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ अमित सिंह बंसल समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी पंडाल में घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
विज्ञापन


इनकी हुई शादी
जिला समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि कुल 353 जोड़ों की शादी कराई गई, जिसमें 12 जोड़े मुस्लिम थे। 341 जोड़ों में अनुसूचित जाति के 247, जनजाति के दो और पिछड़ा/सामान्य वर्ग के 92 जोड़े शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में पीडी रामकृपाल चौधरी, डीडीओ अनिल कुमार सिंह, डीआईओएस डॉ. आरके जायसवाल, बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह, एकीकृत जनजाति विकास परियोजना अधिकारी यूके सिंह, आकांक्षा समिति अध्यक्ष विभा सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

छह हजार का जमावड़ा,
एक भी डॉक्टर नहीं
इसे प्रशासनिक चूक ही कहेंगे कि सामूहिक विवाह योजना में करीब छह हजार लोगों की भीड़ थी, लेकिन मेडिकल कैंप तक नहीं लगाया गया, जबकि डीएम ने सीएमओ को मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए थे। फेरे लेने के समय पंडाल नंबर एक में एक वधू की तबीयत बिगड़ गई, जिसे तुरंत डॉक्टरी सहायता के लिए जिला पंचायत के कर अधिकारी आशीष सिंह ने कई बार एनाउंस किया, लेकिन मौके पर एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। करीब 15 मिनट बाद एंबुलेंस से डॉ. प्रमोद कुमार पहुंचे, उन्होंने प्राथमिक उपचार कर बताया कि उसे ब्लड प्रेशर लो होने की शिकायत है, जिसके कारण ऐसा हुआ। वहीं इस बाबत डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा है कि उन्होंने डॉक्टर और एंबुलेंस लगाने को कहा था। यदि इसमें लापरवाही की गई है तो मामले को देखेंगे।

लापरवाही तो देखिए,
पानी में उतरा करंट
लापरवाही का आलम यह रहा कि विवाह की रस्मों के दौरान पानी के टैंकर में करंट उतरने से लोगों को झटके लगे, जिसे बाद में ठीक कराया गया। तो इस दौरान कई बच्चे भी अपने माता-पिता से बिछड़ गए, जिन्हें एनाउंस कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।


नवदंपतियों को मिले उपहार
रीति-रिवाज से शादी संपन्न कराने के बाद नवदंपतियों को उपहार दिए गए, जिसमें समाज कल्याण विभाग ने वधू के नाम 20 हजार रुपये अनुदान और 10 हजार रुपये सामान के लिए चेक के माध्यम से दिए। जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन नरेंद्र सिंह की ओर से प्रेशर कुकर दिया गया। भीरा स्थित वन बीट अस्पताल के प्रबंधक जगजीत सिंह ने 51-51 बर्तनों की किट दी है। आकांक्षा समिति की कार्यकारी अध्यक्ष विभा सिंह की ओर से एक-एक साड़ी समेत शृंगार सामग्री भेंट की है। वहीं बेहजम और नकहा के बीडीओ संतोष सिंह ने अपने ब्लॉक के जोड़ों को एक-एक पंखा भेंट किया है।

नदारद रहे भाजपा के
विधायक और सांसद
जनपद के इतिहास में अब तक के ऐतिहासिक रहे सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भाजपा के आठ विधायकों में से एक भी विधायक शामिल नहीं हुआ। दोनों सांसदों में से कोई भी नहीं पहुंचा।


27एलकेएच04, 05, 06,
ये भी हुए अव्यवस्था के शिकार

तीन घंटे भटके, फिर
वेदी पर बैठाया
अव्यवस्था के कारण सामूहिक विवाह स्थल पर पहुंचे कई जोड़ों को निराशा के साथ परेशानी से दो-चार होना पड़ा। ईसानगर क्षेत्र के दरिगापुर निवासी पैकरमा अपनी पुत्री पूनम की शादी कराने के लिए आए तो उन्हें बताया गया कि सूची में नाम नहीं है। यह सुनकर पैकरमा के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि वह शादी के कार्ड बांट चुके थे और किराए की गाड़ी कर कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इसी तरह धौरहरा के केशवापुर निवासी राजकुमार अपनी पुत्री गायत्री, ब्लॉक निघासन के गांव चितिया निवासी सुशील कुमार अपनी पुत्री श्यामा देवी और शहर के दुर्बल आश्रम निवासी विजय तिवारी अपनी पुत्री प्रिया तिवारी को लेकर आए, लेकिन उन्हें भी बताया गया कि सूची में नाम नहीं है। इससे परेशान होकर वह इधर-उधर अधिकारियों के पीछे दौड़ लगाते रहे। इसी तरह कुछ और जोड़े परेशान हुए। हालांकि बाद में इन जोड़ों को सामूहिक विवाह में शामिल कर लिया गया। ऐसे जोड़ों को चेक देने की प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed