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रामनगरबगहा के एक दर्जन घर नदी कटान की जद में
Updated Wed, 28 Nov 2018 05:51 PM IST
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घाघरा नदी की कटान की जद में आए रामनगरबगहा के एक दर्जन घर
धौरहरा। तहसील क्षेत्र के रामनगर बगहा गांव में घाघरा नदी ने भू कटान तेज कर दिया है। कटान करती हुई घाघरा नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। गांव के दर्जनों घर नदी कटान की जद में आ चुके हैं। इससे डर कर लोगों ने गांव से पलायन करना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग अब भी बालू भरी बोरियां डालकर नदी का कटान रोकने का प्रयास कर रहा है।
करीब तीन माह तक शांत रहने के बाद घाघरा ने एक बार फिर अपनी विनाशलीला शुरू कर दी है। रामनगर बगहा गांव के पास तक पहुंची घाघरा नदी ने पिछले 15 दिन के अंदर करीब करीब दो सौ बीघा जमीन फसलों समेत निगल चुकी है। अब घाघरा गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। गांव के गंगाराम भार्गव, पलकधारी, डोरीलाल मौर्या, अन्नू लाल, नूरे, मोहम्मद हनीफ, अशरफ, तौफीक, कनौजी और रसूल अहमद समेत करीब एक दर्जन ग्रामीणों के घर नदी कटान की जद में आ चुके हैं।
गांव की ओर तेजी से बढ़ रही घाघरा नदी के कटान के डर से कटान की जद में आए ग्रामीणों ने अपने ही हाथों अपने आशियाना उजाड़ना शुरू कर दिया है। वे गांव से पलायन करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा घाघरा नदी गुलरिया तालुके अमेठी, घोसियाना में भी भू कटान कर रही है। गांव के कई लोगों की जमीनें कट जाने से वे भूमिहीन हो गए हैं। उनकी रोजी रोटी का जरिया छीन चुका है। लाखों की फसलें नदी में समा जाने से उनके सपने पूरी तरह बिखर चुके हैं।
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उधर सिंचाई विभाग बालू भरी बोरियां और पेड़ों की टहनियां नदी में डालकर कटान रोकने का प्रयास कर रहा है। लेकिन कटान रोकने की यह कवायद भी घाघरा में समा रही है। कटान प्रभावित ग्रामीणों ने कटान रोकने के प्रभावी प्रयास करने की मांग की है।
रामनगर बगहा गांव में घाघरा नदी से हो रहे कटान की सूचना मिली है। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड को बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। जिन किसानों के खेत और फसलें नदी में कट गए हैं उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
आशीष कुमार मिश्र, एसडीएम, धौरहरा।
धौरहरा। तहसील क्षेत्र के रामनगर बगहा गांव में घाघरा नदी ने भू कटान तेज कर दिया है। कटान करती हुई घाघरा नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। गांव के दर्जनों घर नदी कटान की जद में आ चुके हैं। इससे डर कर लोगों ने गांव से पलायन करना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग अब भी बालू भरी बोरियां डालकर नदी का कटान रोकने का प्रयास कर रहा है।
करीब तीन माह तक शांत रहने के बाद घाघरा ने एक बार फिर अपनी विनाशलीला शुरू कर दी है। रामनगर बगहा गांव के पास तक पहुंची घाघरा नदी ने पिछले 15 दिन के अंदर करीब करीब दो सौ बीघा जमीन फसलों समेत निगल चुकी है। अब घाघरा गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। गांव के गंगाराम भार्गव, पलकधारी, डोरीलाल मौर्या, अन्नू लाल, नूरे, मोहम्मद हनीफ, अशरफ, तौफीक, कनौजी और रसूल अहमद समेत करीब एक दर्जन ग्रामीणों के घर नदी कटान की जद में आ चुके हैं।
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गांव की ओर तेजी से बढ़ रही घाघरा नदी के कटान के डर से कटान की जद में आए ग्रामीणों ने अपने ही हाथों अपने आशियाना उजाड़ना शुरू कर दिया है। वे गांव से पलायन करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा घाघरा नदी गुलरिया तालुके अमेठी, घोसियाना में भी भू कटान कर रही है। गांव के कई लोगों की जमीनें कट जाने से वे भूमिहीन हो गए हैं। उनकी रोजी रोटी का जरिया छीन चुका है। लाखों की फसलें नदी में समा जाने से उनके सपने पूरी तरह बिखर चुके हैं।
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उधर सिंचाई विभाग बालू भरी बोरियां और पेड़ों की टहनियां नदी में डालकर कटान रोकने का प्रयास कर रहा है। लेकिन कटान रोकने की यह कवायद भी घाघरा में समा रही है। कटान प्रभावित ग्रामीणों ने कटान रोकने के प्रभावी प्रयास करने की मांग की है।
रामनगर बगहा गांव में घाघरा नदी से हो रहे कटान की सूचना मिली है। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड को बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। जिन किसानों के खेत और फसलें नदी में कट गए हैं उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
आशीष कुमार मिश्र, एसडीएम, धौरहरा।