फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   कार्तिक पूर्णिमा पर नदियों में लगाई श्रद्धा की डुबकी

कार्तिक पूर्णिमा पर नदियों में लगाई श्रद्धा की डुबकी

Sat, 04 Nov 2017 10:31 PM IST
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
कार्तिक पूर्णिमा पर नदियों में लगाई श्रद्धा की डुबकी
लखीमपुर खीरी।
विज्ञापन

कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान किया। मंदिरों और घरों में भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। नदियों के जल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुरोहितों, साधु-संतों और निर्धनों को अन्न, वस्त्र, धन आदि दान किया। ईसानगर ब्लॉक में घाघरा नदी के किनारे लगने वाले प्राचीन ठुठवा मेला में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने पूजा पाठ के साथ मेले का आनंद भी लिया।
ईसानगर। खीरी जिले के ईसानगर ब्लॉक में घाघरा नदी के तट पर लगने वाले प्रसिद्ध ठुठवा मेले में सुबह से ही लोग उमड़ पड़े। घाघरा नदी में स्नान के बाद लोगों ने दान पुण्य किया और मेले का आनंद लिया। स्नान के बाद परंपरागत तरीके से सत्यनारायण कथा, धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान किए। इसके बाद लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी की। धौरहरा की प्रसिद्ध मिठाई खीर मोहन के साथ हरी मिर्च, जलेबी, पकौड़ी, पेठा, लइया चना आदि भी खूब बिके। ग्रामीण इलाकों से आए लोगों ने घरेलू उपकरण बेलन, चौकी, मंथनिया, सूप, छलनी, मचिया आदि की भी खरीदारी की। इसके अलावा लकड़ी की लाठी, बेड, तख्त, हुक्का के साथ जानवरों के सजाने के समान भी बिके। बच्चों ने ब्रेक झूला, ड्रैगन ट्रेन, मौत का कुआं, बड़ा झूला का आनंद लिया।
विज्ञापन

मेले में बैलगाड़ी, भैंसा गाड़ी, ट्रॉलियों के साथ साइकिल पर महिलाओं को बैठाकर मेला दिखाने आए लोगों की भीड़ में गांजर की झलक दिखाई दी। इस विशाल मेले को संभालने के लिए पुलिस, प्रशासनिक, फायर ब्रिगेड, पीएसी, ट्रैफिक पुलिस आदि पूरी तरह मुस्तैद रहे। पुलिस कैंप में खोए बच्चो को परिजनों से मिलाने के लिए सीओ निष्ठा उपाध्याय ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पलियाकलां। कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों लोगों ने शारदा नदी में डुबकी लगाई और सत्य नारायण की कथा सुनी। महिलाओं ने घरों पर तुलसी का पूजन अर्चन किया। शारदा नदी तट पर मेले लगा। मेले के चलते शारदा पुल पर जाम लगा रहा तथा मध्यम गति से वाहनों की आवाजाही रही। दोपहर बाद पुल पर लगभग एक घंटा जाम लगा रहा। जिसको सीओ, एसओ आदि ने दलबल के साथ पहुंचकर खुलवाया।
गोला गोकर्णनाथ। भक्तों ने गोकर्ण तीर्थ पर स्नान कर भगवान शिव का का पूजन कर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनकर प्रसाद ग्रहण किया। जिससे मंदिर परिसर पर पूरे दिन भीड़भाड़ बनी रही।
मितौली। कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने कठिना नदी के तट पर स्थित बाबा कष्टहरण धाम के दर्शन कर मेले का आनंद लिया।
मोहम्मदी। बाबा पशुपतिनाथ सेवा संस्थान ने क्षेत्र के गोमती तट के इमलियाघाट पर कार्तिक मेले का आयोजन किया। हजारों श्रृद्धालुओं ने गोमती में स्नान कर बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन किए।
हैरमखेड़ा। गोमती पुल के निकट सिद्धबाबा मंदिर पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। इस मौके पर खीरी और हरदोई के श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की डुबकी लगाई।
धनगढ़ी/नेपाल। कार्तिक पूर्णिमा पर नेपाल के कैलाली जिले की गोदावरी नदी पर सुबह तड़के से ही भारत व नेपाल से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गोदावरी नदी में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया तथा पूजा अर्चना की।
ममरी। गोमती नदी के टेढवाघाट, सिरसा घाट, पन्न घाट, कठिना नदी के कटरा घाट, घमहा घाट, कोरबा घाट, बरदहा घाट, पवित्र सरोवरों, तीर्थ जलाशयों में डुबकी लगाकर शिवालयों में जलाभिषेक कर खिचड़ी दान कर भिखारियों को भोजन कराया।
उचौलिया। उचौलिया से दो किमी दूर वनकागांव के पास क्षेत्र के प्राचीन स्थल मनोगंगा पर कार्तिक पूर्णिमा पर विशाल मेला लगा। तड़के ही मनोगंगा पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। हरदोई, शाहजहांपुर आदि दूर दराज से हजारों श्रद्धालु मनोगंगा पहुंचे। लोगों ने बच्चों के मुंडन भी कराए। उचौलिया से मनोगंगा तक तांगा, टैंपो आदि वाहनों की भारी भीड़ रही।



मगन भई तुलसी, राम गुन गाइके
लखीमपुर खीरी।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन महिलाओं ने घरों में तुलसी पूजन-विवाह का आयोजन किया। महिलाओं ने तुलसी चौरे को अच्छे ढंग से सुसज्जित कर तुलसी को वस्त्र आभूषण और श्रंगार सामग्री अर्पित की। मिठाई और पकवान से भोग लगाकर श्रद्धा पूर्वक पूजा-अर्चना की। तुलसी पूजा देवोत्थानी एकादशी व कार्तिक पूर्णिमा को होती है।
बांकेगंज। बांकेश्वर महादेव और राधाकृष्ण मंदिर में शनिवार को देवोत्थान, तुलसी पूजन और भीष्म पंचक एकादशी के रूप में धूमधाम और श्रद्धा से मनाई गई और विभिन्न धार्मिक कार्यक्र हुए।
कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी के मौके पर कस्बे के श्रद्धालु प्रमोद कुमार ने घर में सजाए गए मंडप में भगवान शालिग्राम और तुलसी विवाह संपन्न कराया। विवाह रस्म अदायगी के समय श्रद्धालु महिलाओं ने मगन भई तुलसी, राम गुन गाइके आदि भजनों का गायन किया। इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर आयोजित हवन में पंडित कुसुम शास्त्री ने ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र जाप के साथ भगवान कृष्ण की पूजा की। आरती के बाद प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन हुआ। इस मौके पर कस्बे सहित क्षेत्र के कई श्रद्धालु मौजूद रहे।


महाभारत काल से शुरू हुई देवात्थान एकादशी पूजा
बांकेगंज राधाकृष्ण मंदिर के पंडित कुसुम शास्त्री का कहना है कि श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार देवोत्थानी एकादशी, तुलसी विवाह और भीष्म पंचक की परंपरा महाभारत युद्ध समाप्त के बाद आरंभ हुई। ऐसी मान्यता है कि शय्या पर शयन कर रहे भीष्म पितामह सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी को भगवान कृष्ण पांचों पांडवों को लेकर उनके पास गए। जहां युधिष्ठिर ने पितामह से राज्य संबधी उपदेश देने की याचना की। पितामह ने पांडवों को कार्तिक शुक्ल एकादशी से लगातार पांच दिन पूर्णिमा तक उन्हें धर्म उपदेश दिया। इससे प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने इन महत्वपूर्ण दिनों के दौरान पितामह की स्मृति में भीष्म पंचक पूजन और व्रत परंपरा का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed