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घर की दहलीज में रह कर दुनिया देखेंगी गांव की महिलाएं
Updated Sun, 29 Oct 2017 06:42 PM IST
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लखीमपुर खीरी/बांकेगंज।
इंटरनेट साथी कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह महिलाओं के चल रहे दो दिवसीय डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार को समापन हो गया। एम ट्रस्ट द्वारा गूगल और टाटा ट्रस्ट के सहयोग से हुई कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षु महिलाओं को स्मार्टफोन और टेबलेट संचालन का प्रशिक्षण देकर इंटरनेट की जानकारी दी।
बांकेगंज ब्लॉक मुख्यालय सभागार में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेट साथी कार्यशाला में ब्लॉक क्षेत्र के 82 राजस्व ग्रामों की चयनित 21 महिलाओं को परियोजना प्रबंधक सगीर अहमद और ब्लॉक कोआर्डिनेटर श्याम जी तिवारी, अशोक, नितीश राठौर, आशीष त्रिवेदी, संदीप और वीरेंद्र ने प्रशिक्षु महिलाओं को इंटरनेट संबंधी प्रशिक्षण दिया। इसमें प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षु महिलाओं को डाटा कनेक्शन, फोटो वीडियोग्राफी आदि की तकनीक सिखाई। इसके अलावा इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न सरकारी और महत्वपूर्ण बेवसाइटों की पहचान, ऑनलाइन शॉपिंग के बारे में बताया गया। साथ ही मंडी भाव, देश-दुनिया की खबरें मोबाइल से जानने की जानकारी दी। महिलाओं ने कंप्यूटर, टेबलेट और स्मार्टफोन चलाने की तकनीक भी सीखी। इसी के साथ अब यह महिलाएं गांव घर से निकलकर पूरी दुनिया से जुड़ गईं है। कार्यशाला के समापन पर ग्रंट नंबर 10 प्रधान वीरेंद्र कुमार भार्गव ने शासन की ओर से प्रशिक्षु महिलाओं नि:शुल्क टेबलेट, स्मार्टफोन, छाता, बैग और कवर प्रदान किए। इंटरनेट की दुनिया से जुड़ते ही प्रशिक्षु महिलाओं के चेहरे खिल उठे।
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परियोजना प्रबंधक सगीर अहमद ने बताया कि कार्यशाला में इंटरनेट साथी प्रशिक्षु महिला चार गांवों में छह माह के अंदर 700 ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल साक्षर बनाकर उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करेंगी। प्रशिक्षु इंटरनेट साथी गूगल की सहायता से सरकारी योजनाओं एवं रोजगार के नए साधनों की खोज कर स्वयं रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी। साथ ही ग्रामीण महिलाओं के समक्ष स्वयं को रोल मॉडल के रूप में स्थापित करेंगी।
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