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Kushinagar News: मानव तस्करों के चंगुल से भागा युवक, पहुंचा स्वदेश
Mon, 01 Jul 2024 05:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 01 Jul 2024 05:29 AM IST
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तमकुहीराज/सलेमगढ़। तरयासुजान थाना क्षेत्र के सलेमगढ़ निवासी युवक को विदेश भेजने वाले कथित एजेंट ने रुपये कमाने का लालच देकर टूरिस्ट वीजा पर बैंकॉक भेज दिया। वहां मानव तस्करी दलालों ने दो लाख रुपये में युवक को लाओस देश के दलालों के हाथ बेंच दिया। लाओस में साइबर क्राइम करने का युवक को काम मिला। इनकार करने पर प्रताड़ित किया जाने लगा। किसी तरह युवक एक पाकिस्तानी युवक की मदद से वहां से भागकर स्वदेश पहुंचा है। घर आने के बाद युवक तरयासुजान थाने में विदेश भेजने वाले स्थानीय एजेंट के खिलाफ तहरीर दी। लेकिन, कारवाई न होने पर एसपी धवल जायसवाल से मिलकर आपबीती सुना कार्रवाई की गुहार लगाई है।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के सलेमगढ़ निवासी कंप्यूटर प्रशिक्षित युवक नंदन पांडेय पुत्र भृगुनाथ पांडेय ने बताया कि तरयाकारीशाही निवासी दो लोग मेरे घर आए और बैंकॉक भेजकर प्रतिमाह साठ हजार रुपये सैलरी दिलवाने का लालच दिया। लालच में पड़कर मैंने अपने भाई कृष्ण कांत पांडेय के मोबाइल से क्रमशः तीन बार में एक लाख चौबीस हजार रुपये दे दिए। एक सप्ताह बाद बैंकॉक के टूरिस्ट वीजा समेत वापसी के लिए टिकट दिया और कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से बैंकॉक भेजा।
बैंकॉक एयरपोर्ट से तीन अनजान व्यक्ति अपने साथ लेकर गए, जहां कुछ अन्य विदेशी व्यक्ति आपस में बातकर लाओस लेकर चले गए। उनमें कुछ हिन्दी भाषी थे, जिन्होंने बताया कि तुम्हें बैंकॉक के एजेंट ने दो लाख रुपये में बेच दिया है। दूसरे दिन एक ऑफिस में ले जाकर कंप्यूटर के सामने बैठा दिया गया और साइबर क्राइम करने के लिए कहा गया। इन्काी करने पर तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। वहां पर हृदय रोगी होने का स्वांग किया, जिसके कारण साइबर क्राइम वाले बेकार समझने लगे।
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इसी दौरान एक पाकिस्तानी को बीस हजार रुपये दिया तो वह रात में मुझे पैदल चलने के बाद बैंकॉक एयरपोर्ट जाने वाले चार पहिया वाहन पर बैठा दिया। बैंकॉक पहुंचने के बाद परिजनों को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। घर से 22 हजार रुपये मंगाकर टिकट लिया और भारत लौट आया। इस तरह साइबर क्राइम गिरोह के चंगुल से बचकर आया और तरयासुजान थाने में तहरीर देकर एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एक एजेंट को घर वालों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा, लेकिन वह झांसा देकर पुलिस हिरासत से भाग निकला। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी से मुलाकात करने के बाद युवक ने पूरी बात बताई तो एसपी धवल जायसवाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इंस्पेक्टर तरयासुजान आशुतोष सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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तरयासुजान थाना क्षेत्र के सलेमगढ़ निवासी कंप्यूटर प्रशिक्षित युवक नंदन पांडेय पुत्र भृगुनाथ पांडेय ने बताया कि तरयाकारीशाही निवासी दो लोग मेरे घर आए और बैंकॉक भेजकर प्रतिमाह साठ हजार रुपये सैलरी दिलवाने का लालच दिया। लालच में पड़कर मैंने अपने भाई कृष्ण कांत पांडेय के मोबाइल से क्रमशः तीन बार में एक लाख चौबीस हजार रुपये दे दिए। एक सप्ताह बाद बैंकॉक के टूरिस्ट वीजा समेत वापसी के लिए टिकट दिया और कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से बैंकॉक भेजा।
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बैंकॉक एयरपोर्ट से तीन अनजान व्यक्ति अपने साथ लेकर गए, जहां कुछ अन्य विदेशी व्यक्ति आपस में बातकर लाओस लेकर चले गए। उनमें कुछ हिन्दी भाषी थे, जिन्होंने बताया कि तुम्हें बैंकॉक के एजेंट ने दो लाख रुपये में बेच दिया है। दूसरे दिन एक ऑफिस में ले जाकर कंप्यूटर के सामने बैठा दिया गया और साइबर क्राइम करने के लिए कहा गया। इन्काी करने पर तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। वहां पर हृदय रोगी होने का स्वांग किया, जिसके कारण साइबर क्राइम वाले बेकार समझने लगे।
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इसी दौरान एक पाकिस्तानी को बीस हजार रुपये दिया तो वह रात में मुझे पैदल चलने के बाद बैंकॉक एयरपोर्ट जाने वाले चार पहिया वाहन पर बैठा दिया। बैंकॉक पहुंचने के बाद परिजनों को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। घर से 22 हजार रुपये मंगाकर टिकट लिया और भारत लौट आया। इस तरह साइबर क्राइम गिरोह के चंगुल से बचकर आया और तरयासुजान थाने में तहरीर देकर एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एक एजेंट को घर वालों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा, लेकिन वह झांसा देकर पुलिस हिरासत से भाग निकला। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी से मुलाकात करने के बाद युवक ने पूरी बात बताई तो एसपी धवल जायसवाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इंस्पेक्टर तरयासुजान आशुतोष सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।