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Kushinagar News: कभी सलमान ने कहा था-असल हीरो ये हैं, मैं तो बनावटी
Wed, 10 May 2023 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 10 May 2023 01:20 AM IST
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कुश्ती पहलवान प्रदुम्न
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पहले कुश्ती में दिखाते थे दांव प्रद्युम्न, अब स्वच्छता के लिए लोगों को करते हैं प्रेरित
फोटो है।
1993 से 2003 तक स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर में कुश्ती के सीखे थे दांव-पेच
2003 में बनारस में हुई कुश्ती में यूपी टीम का किया था प्रतिनिधित्व
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली (कुशीनगर)। सुकरौली ब्लॉक में बतौर सफाईकर्मी तैनात प्रद्युम्न से कभी कुश्ती के बड़े-बड़े धुरंधर पंजा लड़ाते थे, लेकिन किस्मत और समय ने उन्हें धोखा दिया तो आजीविका चलाने के लिए अलग रास्ता ढूंढ लिया। अब वह ब्लॉक की तरफ से निगरानी समिति का सदस्य बनकर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करते हैं। कभी सलमान खान ने कहा था कि असल हीरो तो ये हैं, मैं तो बनावटी।
ब्लॉक के बरवां गांव निवासी प्रद्युम्न गौंड़ (40) के पिता विंध्यांचल गौंड़ की भी 90 के दशक में जिला समेत प्रदेश स्तर के बड़े पहलवानों में ख्याति थी। वह गांव में ही अखाड़ा चलाते थे। प्रत्येक वर्ष भव्य कुश्ती का आयोजन भी कराते थे। उसमें देश भर के जाने-माने पहलवानों की जोर-आजमाइश होती थी। पिता की कुश्ती कला से प्रेरित होकर प्रद्युम्न ने भी कुश्ती में जोर-आजमाइश करनी शुरू कर दी।
वर्ष 1996 में बरवां गांव में कुश्ती का आयोजन हुआ था। उसके मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय पहलवान रामाश्रय यादव थे। उसमें गोरखपुर, बनारस, आजमगढ़, बलिया समेत देश के कई जिलों से पहलवान आए थे। उसमें प्रद्युम्न की कुश्ती व उनके दांव-पेच देखकर रामाश्रय पहलवान काफी प्रभावित हुए। विंध्याचल से बात कर प्रद्युम्न को अपने साथ लेते गए।
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1996 से 2003 तक प्रद्युम्न स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर में रहकर कुश्ती के दांव-पेच सीखकर पहलवानी में पारंगत हो गए। प्रद्युम्न की मौजूदगी में कुश्ती प्रतियोगिताओं गोरखपुर की टीम का दबदबा कायम रहता था। उन्होंने बताया कि वह 2003 में बनारस में यूपी का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। इस कुश्ती में तीसरा स्थान लाकर गोरखपुर स्पोर्टस स्टेडियम का मान भी बढ़ाया था।
2003 में ही महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में भारतीय कुश्ती की ओर से प्रतिभाग कर अपनी पहलवानी के दांव-पेच का लोहा मनवाया था, लेकिन इसी दौरान परिवार की माली हालत बिगड़ गई। 2003 में मां की तबीयत बिगड़ने के चलते गोरखपुर से गांव आकर अखाड़ा का संचालन करने लगे। अखाड़े में क्षेत्र के युवाओं ने रुचि नहीं ली तो 2009 में सफाईकर्मी की नौकरी कर ली।
एक फिल्म की शूटिंग में सलमान खान ने की थी तारीफ
प्रद्युम्न ने बताया कि वर्ष 2000 में एक कुश्ती में शामिल होने मुंबई गए थे। उनके साथ पूरी पहलवानों की टीम थी। रास्ते में सलमान खान की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। कुश्ती की मीडिया टीम ने पहलवानों से फिल्म अभिनेता सलमान खान से मुलाकात कराई। तब सलमान ने उनका सुडौल शरीर देखकर तारीफ की थी। उन्होंने शरीर स्पर्श कर कहा था, असल हीरो तो यही हैं। हम लोग बनावटी हैं। इस बात की चर्चा बड़े दिनों तक गोरखपुर स्टेडियम में होती रही।
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फोटो है।
1993 से 2003 तक स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर में कुश्ती के सीखे थे दांव-पेच
2003 में बनारस में हुई कुश्ती में यूपी टीम का किया था प्रतिनिधित्व
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली (कुशीनगर)। सुकरौली ब्लॉक में बतौर सफाईकर्मी तैनात प्रद्युम्न से कभी कुश्ती के बड़े-बड़े धुरंधर पंजा लड़ाते थे, लेकिन किस्मत और समय ने उन्हें धोखा दिया तो आजीविका चलाने के लिए अलग रास्ता ढूंढ लिया। अब वह ब्लॉक की तरफ से निगरानी समिति का सदस्य बनकर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करते हैं। कभी सलमान खान ने कहा था कि असल हीरो तो ये हैं, मैं तो बनावटी।
ब्लॉक के बरवां गांव निवासी प्रद्युम्न गौंड़ (40) के पिता विंध्यांचल गौंड़ की भी 90 के दशक में जिला समेत प्रदेश स्तर के बड़े पहलवानों में ख्याति थी। वह गांव में ही अखाड़ा चलाते थे। प्रत्येक वर्ष भव्य कुश्ती का आयोजन भी कराते थे। उसमें देश भर के जाने-माने पहलवानों की जोर-आजमाइश होती थी। पिता की कुश्ती कला से प्रेरित होकर प्रद्युम्न ने भी कुश्ती में जोर-आजमाइश करनी शुरू कर दी।
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वर्ष 1996 में बरवां गांव में कुश्ती का आयोजन हुआ था। उसके मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय पहलवान रामाश्रय यादव थे। उसमें गोरखपुर, बनारस, आजमगढ़, बलिया समेत देश के कई जिलों से पहलवान आए थे। उसमें प्रद्युम्न की कुश्ती व उनके दांव-पेच देखकर रामाश्रय पहलवान काफी प्रभावित हुए। विंध्याचल से बात कर प्रद्युम्न को अपने साथ लेते गए।
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1996 से 2003 तक प्रद्युम्न स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर में रहकर कुश्ती के दांव-पेच सीखकर पहलवानी में पारंगत हो गए। प्रद्युम्न की मौजूदगी में कुश्ती प्रतियोगिताओं गोरखपुर की टीम का दबदबा कायम रहता था। उन्होंने बताया कि वह 2003 में बनारस में यूपी का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। इस कुश्ती में तीसरा स्थान लाकर गोरखपुर स्पोर्टस स्टेडियम का मान भी बढ़ाया था।
2003 में ही महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में भारतीय कुश्ती की ओर से प्रतिभाग कर अपनी पहलवानी के दांव-पेच का लोहा मनवाया था, लेकिन इसी दौरान परिवार की माली हालत बिगड़ गई। 2003 में मां की तबीयत बिगड़ने के चलते गोरखपुर से गांव आकर अखाड़ा का संचालन करने लगे। अखाड़े में क्षेत्र के युवाओं ने रुचि नहीं ली तो 2009 में सफाईकर्मी की नौकरी कर ली।
एक फिल्म की शूटिंग में सलमान खान ने की थी तारीफ
प्रद्युम्न ने बताया कि वर्ष 2000 में एक कुश्ती में शामिल होने मुंबई गए थे। उनके साथ पूरी पहलवानों की टीम थी। रास्ते में सलमान खान की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। कुश्ती की मीडिया टीम ने पहलवानों से फिल्म अभिनेता सलमान खान से मुलाकात कराई। तब सलमान ने उनका सुडौल शरीर देखकर तारीफ की थी। उन्होंने शरीर स्पर्श कर कहा था, असल हीरो तो यही हैं। हम लोग बनावटी हैं। इस बात की चर्चा बड़े दिनों तक गोरखपुर स्टेडियम में होती रही।