{"_id":"61a9172be36f8269b25aaa55","slug":"women-spoke-openly-in-haq-ki-baat-kushinagar-news-gkp418467085","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘हक की बात’ में खुलकर बोलीं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘हक की बात’ में खुलकर बोलीं महिलाएं
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन शक्ति-3 के अंतर्गत आयोजित हक की बात कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सवाल
- फोटो : KUSHINAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘हक की बात’ में खुलकर बोलीं महिलाएं
जिज्ञासा दूर करने के लिए डीएम से पूछे सवाल
मिशन शक्ति-3 के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ यह कार्यक्रम
पडरौना। महिलाओं और छात्राओं को स्वावलंबी और जागरूक बनाने के लिए बृहस्पतिवार को मिशन शक्ति-3 के तहत ‘हक की बात’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी जिज्ञासा के संबंध में खुलकर सवाल पूछे और डीएम ने उनका जवाब दिया।
डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि ‘हक की बात’ इसलिए की जाती है कि महिलाएं जागरूक बनें। स्वावलंबी बनें। उनमें जागरुकता बढ़े। आत्मविश्वास में वृद्धि हो और वह अपने अधिकारों के प्रति सचेत हों। कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं ने डीएम के साथ पारस्परिक संवाद के दौरान दहेज प्रथा, लैंगिक असमानता, बाल विवाह, छेड़छाड़ आदि विषयों पर चर्चा की। उनसे सवाल भी पूछे गए।
डीएम ने दहेज प्रथा पर कहा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है। दहेज प्रथा जैसी बुराइयों को समाज में जागरुकता से समाप्त किया जा सकता है। इसमें बहुत हद तक सुधार हुआ है। हमें अपने हक के लिए खुद लड़ना होगा। खुद को सक्षम करना होगा। डीएम ने उपस्थित महिलाओं व छात्राओं से अपील की कि अपनी बात को उचित फोरम में रखें। कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञ ने कानूनी सलाह दी और धाराओं के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
सीओ सदर संदीप वर्मा ने कहा कि छेड़छाड़ के संबंध में 1090 पर शिकायत कर सकते हैं या व्यक्तिगत तौर पर भी संपर्क स्थापित किया जा सकता है। मिशन शक्ति के साथ हर थाने में एक हेल्प डेस्क मिशन शक्ति केंद्र के नाम से बनाया गया है। वहां भी जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पहचान गोपनीय रहेगी। बताया गया कि यदि थाने पर फरियाद नहीं सुनी जा रही तो सीओ या एसपी से शिकायत कर सकते हैं। डीएम और मुख्यमंत्री भी जनसुनवाई करते हैँ।
इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष दीपाली सिन्हा, जिला सूचना अधिकारी कृष्ण कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी और विधि विशेषज्ञ मौजूद थे।
विज्ञापन
जिज्ञासा दूर करने के लिए डीएम से पूछे सवाल
मिशन शक्ति-3 के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ यह कार्यक्रम
पडरौना। महिलाओं और छात्राओं को स्वावलंबी और जागरूक बनाने के लिए बृहस्पतिवार को मिशन शक्ति-3 के तहत ‘हक की बात’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी जिज्ञासा के संबंध में खुलकर सवाल पूछे और डीएम ने उनका जवाब दिया।
डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि ‘हक की बात’ इसलिए की जाती है कि महिलाएं जागरूक बनें। स्वावलंबी बनें। उनमें जागरुकता बढ़े। आत्मविश्वास में वृद्धि हो और वह अपने अधिकारों के प्रति सचेत हों। कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं ने डीएम के साथ पारस्परिक संवाद के दौरान दहेज प्रथा, लैंगिक असमानता, बाल विवाह, छेड़छाड़ आदि विषयों पर चर्चा की। उनसे सवाल भी पूछे गए।
विज्ञापन
डीएम ने दहेज प्रथा पर कहा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है। दहेज प्रथा जैसी बुराइयों को समाज में जागरुकता से समाप्त किया जा सकता है। इसमें बहुत हद तक सुधार हुआ है। हमें अपने हक के लिए खुद लड़ना होगा। खुद को सक्षम करना होगा। डीएम ने उपस्थित महिलाओं व छात्राओं से अपील की कि अपनी बात को उचित फोरम में रखें। कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञ ने कानूनी सलाह दी और धाराओं के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
सीओ सदर संदीप वर्मा ने कहा कि छेड़छाड़ के संबंध में 1090 पर शिकायत कर सकते हैं या व्यक्तिगत तौर पर भी संपर्क स्थापित किया जा सकता है। मिशन शक्ति के साथ हर थाने में एक हेल्प डेस्क मिशन शक्ति केंद्र के नाम से बनाया गया है। वहां भी जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पहचान गोपनीय रहेगी। बताया गया कि यदि थाने पर फरियाद नहीं सुनी जा रही तो सीओ या एसपी से शिकायत कर सकते हैं। डीएम और मुख्यमंत्री भी जनसुनवाई करते हैँ।
इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष दीपाली सिन्हा, जिला सूचना अधिकारी कृष्ण कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी और विधि विशेषज्ञ मौजूद थे।