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भक्ति की शक्ति से महिलाओं ने समाज को दिखाया रास्ता : वेदांती
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भक्ति की शक्ति से महिलाओं ने समाज को दिखाया रास्ता : वेदांती
तमकुहीरोड। जिस समाज में नारी की पूजा होती है, वहा देवी-देवताओं का वास होता है। इसका वर्णन सभी पुराणों और उपनिषदों में मिलता है। महाभारत की लड़ाई भी नारी के अपमान से शुरू हुई थी। इसका परिणाम रहा कि कौरवों का समूल नाश हो गया। अपाला, गार्गी, सावित्री जैसी अनेक महिलाओं ने अपनी भक्ति की शक्ति से समाज को सन्मार्ग दिखाया है।
ये बातें सेवरही के आजाद नगर स्थित बेलवा माता मंदिर में आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को कथा वाचक पंडित महेंद्रदास वेदांती ने कहीं। उन्होंने नारी समाज को पूजनीय बताया। कहा कि द्वापर, त्रेता और सतयुग से ही नारियों की पूजा होती रही है। नारियों ने न केवल समाज में पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाई है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी बनी हैं। वृंदावन धाम से आए बाल व्यास पंडित शिवशंकर दुबे ने श्रीमद्भागवत के कई प्रसंगों की संगीतमयी प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
इस दौरान आयोजक मंडल के लव जायसवाल, मुकेश यादव, सन्नी सिंह, राजू गुप्ता, प्रभुजी वर्मा, डॉ. विनोद कुमार, दीनानाथ वर्मा, छोटू यादव, आदित्य जायसवाल, अमन वर्मा, प्रकाश जायसवाल, अनिल वर्मा, राकेश जायसवाल, प्रहलाद वर्मा, कृष्णा जायसवाल, वीरेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
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तमकुहीरोड। जिस समाज में नारी की पूजा होती है, वहा देवी-देवताओं का वास होता है। इसका वर्णन सभी पुराणों और उपनिषदों में मिलता है। महाभारत की लड़ाई भी नारी के अपमान से शुरू हुई थी। इसका परिणाम रहा कि कौरवों का समूल नाश हो गया। अपाला, गार्गी, सावित्री जैसी अनेक महिलाओं ने अपनी भक्ति की शक्ति से समाज को सन्मार्ग दिखाया है।
ये बातें सेवरही के आजाद नगर स्थित बेलवा माता मंदिर में आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को कथा वाचक पंडित महेंद्रदास वेदांती ने कहीं। उन्होंने नारी समाज को पूजनीय बताया। कहा कि द्वापर, त्रेता और सतयुग से ही नारियों की पूजा होती रही है। नारियों ने न केवल समाज में पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाई है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी बनी हैं। वृंदावन धाम से आए बाल व्यास पंडित शिवशंकर दुबे ने श्रीमद्भागवत के कई प्रसंगों की संगीतमयी प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
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इस दौरान आयोजक मंडल के लव जायसवाल, मुकेश यादव, सन्नी सिंह, राजू गुप्ता, प्रभुजी वर्मा, डॉ. विनोद कुमार, दीनानाथ वर्मा, छोटू यादव, आदित्य जायसवाल, अमन वर्मा, प्रकाश जायसवाल, अनिल वर्मा, राकेश जायसवाल, प्रहलाद वर्मा, कृष्णा जायसवाल, वीरेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
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