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Kushinagar News: इलाज के दौरान महिला की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा
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कसया। नगर के गोरखपुर मार्ग स्थित हितैषी हॉस्पिटल में बृहस्पतिवार रात इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। परिवार वालों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर वालों को को समझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सेवरही थाना क्षेत्र के मठिया भोकरिया निवासी सरल यादव की पत्नी जीरा देवी (50) को घर वालाें ने बुधवार को कसया के हितैषी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल कर्मियों से नोकझोंक और हाथापाई भी हुई। परिवार का आरोप है कि मरीज की तबीयत ठीक थी लेकिन एक इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। इलाज में लापरवाही बरती गई है।
हंगामे की सूचना पर पहुंची कसया पुलिस ने विवाद को शांत कराया। पुलिस के पहुंचने से पहले अस्पताल के कई वर्कर वहां से हट गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। कसया एसओ इत्यानंद पांडेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट होगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जीरा देवी को 16 सितंबर की शाम बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। जांच में उनके फेफड़ों, पेट और लिवर में पानी भरा होने के साथ हृदय की कार्यक्षमता करीब 25 प्रतिशत रह गई थी। मरीज की गंभीर स्थिति और बचने की संभावना कम होने की जानकारी परिजनों को पहले ही दे दी गई थी। बृहस्पतिवार रात हालत बिगड़ने के बाद सोते समय उनकी मौत हो गई। उन्होंने इलाज में किसी तरह की लापरवाही से इन्कार किया। -डॉॅ. योगेश्वर मद्धेशिया, हितैषी हॉस्पिटल
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सेवरही थाना क्षेत्र के मठिया भोकरिया निवासी सरल यादव की पत्नी जीरा देवी (50) को घर वालाें ने बुधवार को कसया के हितैषी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल कर्मियों से नोकझोंक और हाथापाई भी हुई। परिवार का आरोप है कि मरीज की तबीयत ठीक थी लेकिन एक इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। इलाज में लापरवाही बरती गई है।
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हंगामे की सूचना पर पहुंची कसया पुलिस ने विवाद को शांत कराया। पुलिस के पहुंचने से पहले अस्पताल के कई वर्कर वहां से हट गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। कसया एसओ इत्यानंद पांडेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट होगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जीरा देवी को 16 सितंबर की शाम बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। जांच में उनके फेफड़ों, पेट और लिवर में पानी भरा होने के साथ हृदय की कार्यक्षमता करीब 25 प्रतिशत रह गई थी। मरीज की गंभीर स्थिति और बचने की संभावना कम होने की जानकारी परिजनों को पहले ही दे दी गई थी। बृहस्पतिवार रात हालत बिगड़ने के बाद सोते समय उनकी मौत हो गई। उन्होंने इलाज में किसी तरह की लापरवाही से इन्कार किया। -डॉॅ. योगेश्वर मद्धेशिया, हितैषी हॉस्पिटल