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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   When we left the Dham, we struggled for hours in traffic jams, there was scuffle even in the trains.

Kushinagar News: धाम से निकले तो जाम में घंटों जूझे, ट्रेनों में भी धक्का-मुक्की

Tue, 28 Nov 2023 01:22 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Nov 2023 01:22 AM IST
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When we left the Dham, we struggled for hours in traffic jams, there was scuffle even in the trains.
- बांसी मेला परिसर से निकलते ही जामे में फंसे श्रद्धालु
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- पडरौना और तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए हुई धक्का-मुक्की

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार सुबह बांसी नदी में स्नान-दान के बाद श्रद्धालु जैसे ही निकले, सड़कों पर भीड़ लग गई। पडरौना शहर के मुख्य मार्ग सहित सभी सड़कों पर जाम लगा रहा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर इतनी भीड़ हो गई कि ट्रेन में पैर रखने की भी जगह नहीं बची। बहुत से यात्री प्लेटफाॅर्म पर ही छूट गए। वे दोपहर बाद आई ट्रेन में सवार होकर किसी तरह घर तक पहुंचे।
पौराणिक मान्यता के अनुसार सीता से विवाह कर जनकपुर से अयोध्या जाते समय भगवान श्रीराम ने बांसी नदी के रामघाट पर रात्रि विश्राम किया था। अगले दिन सुबह उन्होंने बांसी नदी में स्नान व पूजन कर अयोध्या के लिए प्रस्थान किया था। उसी समय से क्षेत्र के लोग बांसी नदी को पवित्र मानकर हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर इसमें स्नान व पूजन कर दानपुण्य करते हैं। सोमवार सुबह कार्तिक पूर्णिमा पर बांसी नदी में श्रद्धालु जैसे ही स्नान, दान और पूजन कर घर के लिए निकले तो खिरकिया-बांसी मार्ग पर जाम लग गया। यहां तैनात पुलिस ने लोगाें को किसी तरह जाम से छुटकारा दिलाया, तो आगे बढ़े श्रद्धालु खिरकिया मंदिर के पास लगे जाम में फंस गए।
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हालांकि यातायात पुलिस की तरफ से बांसी मेला क्षेत्र में दो जगह के अलावा गंभीरिया, त्रिलोकपुर, सिंगापट्टी, करनपट्टी, करमहवा और बांसी पुलिस चौकी के पास समेत कुल सात स्थानों पर वैरिकेडिंग लगाकर बाइक के अलावा अन्य वाहनों के प्रवेश पर मंदिर क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद धाम से निकले लोग जाम में जगह-जगह फंसते दिखे। दुदही के ठाढ़ीभार से परिवार के साथ आए उमेश पाठक ने कहा कि बांसी नदी में स्नान के लिए रिजर्व वाहन से आए थे। बांसी पुलिस चौकी के कुछ पहले गाड़ी थी। स्नान कर गाड़ी के पास आने में करीब 500 मीटर की दूर तय करने में डेढ़ घंटे लग गए। किसी तरह गाड़ी घर के लिए बढ़ी वैसे ही गंभीरिया गांव के पास जाम में फंस गई।
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शिवपुर के रामप्यारे शर्मा ने कहा कि बाइक से पत्नी को लेकर बांसी स्नान करने गए थे। बांसी मेले के बाद खिरकिया तक करीब पांच किलोमीटर दूरी तय करने में करीब दो घंटे लगे हैं। इसी तरह साखोपर के शिवेश सिंह, बतरडेरा के अर्जुन यादव, पिपरासी के ज्ञान प्रकाश पांडेय भी जाम में फंसे रहे। हालांकि यातायात और स्थानीय पुलिसकर्मी लोगों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए पसीना बहाते दिखे, लेकिन उनके प्रयास का कोई सार्थक परिणाम होता नहीं दिखा।

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रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़

पडरौना। बांसी नदी में स्नान करने के बाद लक्ष्मीगंज, रामकोला, बड़हरागंज, कठकुंइया, दुदही, तमकुहीराज, तरयासुजान समेत बिहार प्रांत के लोग ट्रेन पकड़ने पडरौना रेलवे स्टेशन पहुंचे। इससे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। जैसे ही कोई ट्रेन स्टेशन पर पहुंची, उसमें चढ़ने और सीट पाने के लिए यात्री धक्का-मुक्की करते दिखे। इससे कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई, जिससे उन्हें दूसरी ट्रेन की दोपहर तक प्रतीक्षा करनी पड़ी।
पडरौना रेलवे स्टेशन पर सुबह 9:45 बजे गोरखपुर-सिवान सवारी गाड़ी पहुंची। स्टेशन पर पहुंचते ही ट्रेन में पहले बैठने के लिए यात्री धक्का-मुक्की करने लगे। जो यात्री ट्रेन में चढ़ गए, वे सीट पाने के लिए एक दूसरे से झड़प करते दिखे। कई यात्रियों की भीड़ के चलते ट्रेन ही छूट गई। सेमरा के राजकुमार पांडेय ने बताया कि सुबह आई सवारी गाड़ी में चढ़ने तक की जगह नहीं मिली है। इसलिए ट्रेन छोड़ दी। अब टैक्सी से घर जाउंगा।
तरया सुजान के शिवेंद्र कुशवाहा, गोपाल के धनंजय पांडेय, पांडेय पट्टी अरविंद कुमार आदि यात्रियों ने बताया कि इस ट्रेन में चढ़ने की भी जगह नहीं मिली है। इसलिए ट्रेन छोड़ दी। कोई अन्य सवारी नहीं मिलेगी। अब ढाई बजे आने वाली ट्रेन से घर जाऊंगा।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर बिहार से आने वाली और बिहार जाने वाली सभी ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ रही। ये लोग सेवरही के शिवाघाट और पिपराघाट में स्नान करने आए थे। सेवरही के बांसी व गंडक नदी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए बड़ी संख्या में बिहार के थावे, सासामुसा, नरकटियागंज, जलालपुर, सिपाया, कुचायकोट, तरयासुजान, तीनफेड़ीया सहित अन्य स्थानों से स्नान करने सेवरही आते हैं।
सोमवार को जब थावे से कप्तानगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सुबह 6:43 बजे तमकुहीरोड पहुंची, तो स्टेशन स्नानार्थियों से खचाखच भर गई। यही हाल सुबह में 9:56 पर सिवान से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन और 12 बजे थावे से कप्तानगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन का रहा। इसी तरह वापसी में गोरखपुर से पाटलिपुत्र जाने वाली ट्रेन सुबह में 6:43 बजे, कप्तानगंज से थावे जाने वाली ट्रेन 10:30 बजे और दूसरी कप्तानगंज से थावे जाने वाली ट्रेन जब 3:45 बजे तमकुहीरोड पहुंची तो स्नान कर वापस लौटने वाली भीड़ से स्टेशन पटा पड़ा था। ट्रेन में चढ़ने व उतरने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी।

बिहार से आने वाले स्नानार्थी अनिल वर्मा, ब्यास कुशवाहा, पप्पू यादव ने बताया कि इस रूट पर यात्रा के लिए ट्रेन एक सरल व सुरक्षित साधन है। त्योहार को लेकर भीड़ काफी थी। इसलिए उन्हें ट्रेन में चढ़ने व उतरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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