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सीएम तक पहुंची बात तो शुरू हो गई ड्रेन की सफाई
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कौआसार ड्रेन में सफाई कराते बाढ़ खंड के अधिकारी।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
सीएम तक पहुंची बात तो शुरू हो गई ड्रेन की सफाई
कई गांवों के किसानों की तीन साल से गन्ने की फसल हो रही थी बर्बाद
रामकोला(कुशीनगर)। क्षेत्र में जलनिकासी के लिए बनाई गई कौवासार व सोमल ड्रेन की सफाई न होने की वजह से किसानों के लिए अभिशाप बन गया था। लगातार तीन साल से किसानों की गन्ना की फसल बर्बाद हो रही थी। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ‘अमर उजाला’ ने तीन मई के अंक में ‘ड्रेन की सफाई न होने से सूख रही फसल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेकर हियुवा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना और महामंत्री फूलबदन कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों की समस्या से अवगत कराया था। इसके बाद शुक्रवार को बाढ़ खंड के अधिकारियों ने इस ड्रेन की सफाई शुरू करा दी।
क्षेत्र के दमोदरी, रोंवारी, बभनौली, बंधवा, भुईसोहरा, सेखुई मिश्र, माधी मठिया, हनुमानगंज, बिहुली निस्फी, पपउर, मेंहदीगंज, अडरौना सहित कई गांवों के किसानों का खेत निचले हिस्से में है। इन खेतों से बरसात का पानी निकासी के लिए यही ड्रेन है। इसकी सफाई न होने के कारण किसानों के खेतों से बरसात का पानी नहीं निकल पाता है। इससे गन्ना, धान और अन्य फसल पानी में डूबने से नष्ट हो जाती हैं।
किसान देवेश मिश्रा, प्रभाष चंद्र मिश्रा, जयशंकर मिश्र, राजेश कुमार मिश्रा, संतोष राय, हिदायतुल्ला, इरफान अली, देवेंद्र राय, संतोष राय, विद्यार्थी राय, विद्या राय, सतीश राय, विनोद मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, सुभाष मिश्रा ने कहा कि ड्रेन की सफाई से फसल बच सकती है।
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कोट
कौवासार ड्रेन की सफाई के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। इसलिए ड्रेन की सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।
मनोरंजन कुमार, एसडीओ, बाढ़ खंड
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कई गांवों के किसानों की तीन साल से गन्ने की फसल हो रही थी बर्बाद
रामकोला(कुशीनगर)। क्षेत्र में जलनिकासी के लिए बनाई गई कौवासार व सोमल ड्रेन की सफाई न होने की वजह से किसानों के लिए अभिशाप बन गया था। लगातार तीन साल से किसानों की गन्ना की फसल बर्बाद हो रही थी। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ‘अमर उजाला’ ने तीन मई के अंक में ‘ड्रेन की सफाई न होने से सूख रही फसल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेकर हियुवा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना और महामंत्री फूलबदन कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से मिलकर किसानों की समस्या से अवगत कराया था। इसके बाद शुक्रवार को बाढ़ खंड के अधिकारियों ने इस ड्रेन की सफाई शुरू करा दी।
क्षेत्र के दमोदरी, रोंवारी, बभनौली, बंधवा, भुईसोहरा, सेखुई मिश्र, माधी मठिया, हनुमानगंज, बिहुली निस्फी, पपउर, मेंहदीगंज, अडरौना सहित कई गांवों के किसानों का खेत निचले हिस्से में है। इन खेतों से बरसात का पानी निकासी के लिए यही ड्रेन है। इसकी सफाई न होने के कारण किसानों के खेतों से बरसात का पानी नहीं निकल पाता है। इससे गन्ना, धान और अन्य फसल पानी में डूबने से नष्ट हो जाती हैं।
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किसान देवेश मिश्रा, प्रभाष चंद्र मिश्रा, जयशंकर मिश्र, राजेश कुमार मिश्रा, संतोष राय, हिदायतुल्ला, इरफान अली, देवेंद्र राय, संतोष राय, विद्यार्थी राय, विद्या राय, सतीश राय, विनोद मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, सुभाष मिश्रा ने कहा कि ड्रेन की सफाई से फसल बच सकती है।
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कोट
कौवासार ड्रेन की सफाई के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। इसलिए ड्रेन की सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।
मनोरंजन कुमार, एसडीओ, बाढ़ खंड