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गंडक में और कम हुआ पानी, लोगों ने ली राहत की सांस
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भैसहा घाट पर प्राइवेट नाव। संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
गंडक में और कम हुआ पानी, लोगों ने ली राहत की सांस
जिला प्रशासन की भी गंडक नदी के जलस्तर पर नजर
खड्डा (कुशीनगर)। गंडक नदी के जलस्तर लगातार घट रहा है। सोमवार को नदी चेतावनी निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे आ गई। इससे नदी के आसपास रहने वालों ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन भी गंडक नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
सोमवार दोपहर दो बजे गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज से 73,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह एक दिन पहले के मुकाबले 17,200 क्यूसेक कम है। भैसहां गेज स्थल पर सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक जलस्तर चेतावनी निशान 95.00 मीटर से 35 सेंटीमीटर नीचे 94.65 पर था। जलस्तर कम होने से मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, सालिकपुर, महदेवा, विंध्याचलपुर आदि गांवों के लोगों को फिलहाल बाढ़ से राहत मिली हुई है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार महदेवा गांव से सटे बिहार के सेमरा लबेदहा पंचायत के कांटी टोला के लोगों की चिंता बनी हुई है। यहां करीब सौ परिवार रहते हैं। इनका आना-जाना व समस्त दैनिक कार्य यूपी से चलता है। पिछले वर्ष बाढ़ में गांव के एक दर्जन घर कट गए थे। यहां के लोगों को खड्डा क्षेत्र के सालिकपुर गांव के पास पुलिस चौकी में शरण लेनी पड़ी थी।
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नाव या बिहार के रास्ते आने-जाने को विवश ग्रामीण
खड्डा। गंडक नदी पार बसे तहसील क्षेत्र के लोगों को आने-जाने के लिए निजी नाव या बिहार के रास्ते जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। नदी पार करने के लिए बाईं तरफ बसे मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर गांव व दाईं तरफ बसे भैसहां, हनुमानगंज, पकड़ी बृजलाल, मदनपुर, भेड़ीहारी, गैनही जंगल, सिसई दधीचि के लोगों को दियारा में खेती करने के लिए जान की बाजी लगानी पड़ती है। नदी पार करने के लिए सरकार की तरफ से नाव की व्यवस्था नहीं है। ऐसे मे भैसहां घाट से प्राइवेट तौर पर संचालित नाव से किराया देकर पार करना पड़ता है।
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जिला प्रशासन की भी गंडक नदी के जलस्तर पर नजर
खड्डा (कुशीनगर)। गंडक नदी के जलस्तर लगातार घट रहा है। सोमवार को नदी चेतावनी निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे आ गई। इससे नदी के आसपास रहने वालों ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन भी गंडक नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
सोमवार दोपहर दो बजे गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज से 73,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह एक दिन पहले के मुकाबले 17,200 क्यूसेक कम है। भैसहां गेज स्थल पर सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक जलस्तर चेतावनी निशान 95.00 मीटर से 35 सेंटीमीटर नीचे 94.65 पर था। जलस्तर कम होने से मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, सालिकपुर, महदेवा, विंध्याचलपुर आदि गांवों के लोगों को फिलहाल बाढ़ से राहत मिली हुई है।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार महदेवा गांव से सटे बिहार के सेमरा लबेदहा पंचायत के कांटी टोला के लोगों की चिंता बनी हुई है। यहां करीब सौ परिवार रहते हैं। इनका आना-जाना व समस्त दैनिक कार्य यूपी से चलता है। पिछले वर्ष बाढ़ में गांव के एक दर्जन घर कट गए थे। यहां के लोगों को खड्डा क्षेत्र के सालिकपुर गांव के पास पुलिस चौकी में शरण लेनी पड़ी थी।
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नाव या बिहार के रास्ते आने-जाने को विवश ग्रामीण
खड्डा। गंडक नदी पार बसे तहसील क्षेत्र के लोगों को आने-जाने के लिए निजी नाव या बिहार के रास्ते जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। नदी पार करने के लिए बाईं तरफ बसे मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर गांव व दाईं तरफ बसे भैसहां, हनुमानगंज, पकड़ी बृजलाल, मदनपुर, भेड़ीहारी, गैनही जंगल, सिसई दधीचि के लोगों को दियारा में खेती करने के लिए जान की बाजी लगानी पड़ती है। नदी पार करने के लिए सरकार की तरफ से नाव की व्यवस्था नहीं है। ऐसे मे भैसहां घाट से प्राइवेट तौर पर संचालित नाव से किराया देकर पार करना पड़ता है।