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Kushinagar News: बाढ़ राहत सामग्री वितरण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीण ने प्रदर्शन किया
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कटाई भरपुरवा में पंचायत भवन के पास राहत सामग्री वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन
कटाई भरपुरवा में ग्रामीणों ने सर्वे करा बाढ़ पीड़ितों को राहत किट और फसल का मुआवजा देने की मांग की
मंसाछापर। तहसील खड्डा क्षेत्र के कटाई भरपुरवा गांव में तीन दिन पूर्व वितरित की गई राहत सामग्री में अनियमितता का आरोप लगाते हुए बाढ़ पीड़ितों ने सोमवार को पंचायत भवन के पास प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जांच कर पात्र और वंचित बाढ़ पीड़ितों की सूची तैयार कराने और उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा बाढ़ से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शन कर रहे रामदेव गौतम, भोलू चौरसिया, अखिलेश गौतम, बृक्षा राजभर, जयप्रकाश राजभर, नितेश गौतम, धर्मराज, सुग्रीव चौहान, असरी देवी, अतवारी देवी, किरन, दुर्गावती देवी, शहदुल अंसारी और रंगलाल यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बीते तीन अक्तूबर को बाढ़ पीड़ितों के बीच राजस्व विभाग की ओर से राहत सामग्री किट का वितरण किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि राहत सामग्री के वितरण में अनियमितता बरती गई।
छह गांवों के करीब 300 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुसा था लेकिन इनमें से करीब 250 लोगों को ही राहत सामग्री किट दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि राहत किट का लाभ ऐसे लोगों को भी दिया गया जो बाढ़ से प्रभावित नहीं थे जबकि जिनके घरों में पानी घुसा था, उनमें कई परिवारों को राहत सामग्री नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण बड़ी गंडक नदी क्षेत्र के रेता क्षेत्र में किसानों की करीब एक हजार से अधिक एकड़ में लगी धान, गन्ना और अन्य फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गई हैं।
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उनका कहना है कि फसल नुकसान का भी अभी तक उचित सर्वे और मुआवजा नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि राहत सामग्री वितरण में हुई कथित अनियमितता की तत्काल जांच कराकर वंचित बाढ़ पीड़ितों को सहायता किट उपलब्ध नहीं कराई गई और फसल नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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मंसाछापर। तहसील खड्डा क्षेत्र के कटाई भरपुरवा गांव में तीन दिन पूर्व वितरित की गई राहत सामग्री में अनियमितता का आरोप लगाते हुए बाढ़ पीड़ितों ने सोमवार को पंचायत भवन के पास प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जांच कर पात्र और वंचित बाढ़ पीड़ितों की सूची तैयार कराने और उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा बाढ़ से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शन कर रहे रामदेव गौतम, भोलू चौरसिया, अखिलेश गौतम, बृक्षा राजभर, जयप्रकाश राजभर, नितेश गौतम, धर्मराज, सुग्रीव चौहान, असरी देवी, अतवारी देवी, किरन, दुर्गावती देवी, शहदुल अंसारी और रंगलाल यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बीते तीन अक्तूबर को बाढ़ पीड़ितों के बीच राजस्व विभाग की ओर से राहत सामग्री किट का वितरण किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि राहत सामग्री के वितरण में अनियमितता बरती गई।
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छह गांवों के करीब 300 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुसा था लेकिन इनमें से करीब 250 लोगों को ही राहत सामग्री किट दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि राहत किट का लाभ ऐसे लोगों को भी दिया गया जो बाढ़ से प्रभावित नहीं थे जबकि जिनके घरों में पानी घुसा था, उनमें कई परिवारों को राहत सामग्री नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण बड़ी गंडक नदी क्षेत्र के रेता क्षेत्र में किसानों की करीब एक हजार से अधिक एकड़ में लगी धान, गन्ना और अन्य फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गई हैं।
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उनका कहना है कि फसल नुकसान का भी अभी तक उचित सर्वे और मुआवजा नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि राहत सामग्री वितरण में हुई कथित अनियमितता की तत्काल जांच कराकर वंचित बाढ़ पीड़ितों को सहायता किट उपलब्ध नहीं कराई गई और फसल नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।