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विजय दूबे, राजन, राजेश्वर नहीं लड़ेंगे चुनाव
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:21 PM IST
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टिकट कटने के बाद भाजपा में हुई बगावत को थामने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने कोशिश तेज कर दी है। पार्टी ने खड्डा से बगावत का बिगुल फूंक चुके विधायक विजय कुमार दूबे को चुनाव न लड़ने के लिए राजी भी कर लिया है। वहीं हियुवा की तरफ से पडरौना व कुशीनगर सीट पर घोषित उम्मीदवारों ने भी चुनाव न लड़ने की बात कही है। अब नेतृत्व तमकुहीराज सीट के बागी नेताओं को मनाने में जुटा है।
कुशीनगर की सात सीटों में से छह पर भाजपा सीधे चुनाव लड़ रही है जबकि एक सीट रामकोला सुरक्षित पर भाजपा के सहयोग दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने उम्मीदवार उतारा है। टिकटों की घोषणा होते ही खड्डा, पडरौना और तमकुहीराज सीट पर कई नेताओं ने बगावत कर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। खड्डा से विधायक विजय कुमार दूबे कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए प्रचार शुरू कर दिया था। टिकट नहीं मिलने पर बागी हुए हियुवा नेताओं ने भी कुशीनगर से राजेश्वर सिंह, पडरौना से राजन जायसवाल व खड्डा से अजय गोविंद राव शिशु के नाम की घोषणा कर दी थी। बगावत से बिगड़े माहौल को थामने के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल शुरू किया। कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ इन नेताओं को अपने-अपने तरीके से समझाने का प्रयास शुरू किया। फलस्वरूप सबसे पहले हियुवा की तरफ से घोषित उम्मीदवार राजेश्वर सिंह व राजन जायसवाल ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इन दोनों नेताओं को मनाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने विधायक विजय कुमार दूबे को साधना शुरू किया और अंतत: रविवार को विजय दूबे ने भी चुनाव नहीं लड़ने की बात कह दी। अमर उजाला से बातचीत में विजय कुमार दूबे ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के आग्रह पर उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब तक की सफलता से उत्साहित केंद्रीय नेतृत्व बाकी बागियों को भी मनाने के लिए पूरा जोर लगाए हुए है।
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कुशीनगर की सात सीटों में से छह पर भाजपा सीधे चुनाव लड़ रही है जबकि एक सीट रामकोला सुरक्षित पर भाजपा के सहयोग दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने उम्मीदवार उतारा है। टिकटों की घोषणा होते ही खड्डा, पडरौना और तमकुहीराज सीट पर कई नेताओं ने बगावत कर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। खड्डा से विधायक विजय कुमार दूबे कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए प्रचार शुरू कर दिया था। टिकट नहीं मिलने पर बागी हुए हियुवा नेताओं ने भी कुशीनगर से राजेश्वर सिंह, पडरौना से राजन जायसवाल व खड्डा से अजय गोविंद राव शिशु के नाम की घोषणा कर दी थी। बगावत से बिगड़े माहौल को थामने के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल शुरू किया। कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ इन नेताओं को अपने-अपने तरीके से समझाने का प्रयास शुरू किया। फलस्वरूप सबसे पहले हियुवा की तरफ से घोषित उम्मीदवार राजेश्वर सिंह व राजन जायसवाल ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इन दोनों नेताओं को मनाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने विधायक विजय कुमार दूबे को साधना शुरू किया और अंतत: रविवार को विजय दूबे ने भी चुनाव नहीं लड़ने की बात कह दी। अमर उजाला से बातचीत में विजय कुमार दूबे ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के आग्रह पर उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब तक की सफलता से उत्साहित केंद्रीय नेतृत्व बाकी बागियों को भी मनाने के लिए पूरा जोर लगाए हुए है।
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