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विजय दिवस पर भारतीय सेना के शौर्य का किया बखान
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विजय दिवस पर भारतीय सेना के शौर्य का किया बखान
पडरौना। पूर्व सैनिक सेवा परिषद की तरफ से बुधवार को पडरौना नगरपालिका परिषद के जलकल भवन परिसर में विजय दिवस का आयोजन किया गया। इसमें मौजूद अतिथियों ने भारतीय सेना के शौर्य की चर्चा की। पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर कृष्ण प्रताप बहादुर सिंह सहित संगठन के लोगों ने दीप जलाकर किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि भारतीय सेना के जज्बे और बहादुरी की कोई तुलना नहीं है। चीन और पाकिस्तान के खिलाफ जंग में भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था।
पडरौना नगरपालिका के चेयरमैन विनय जायसवाल ने कहा कि भारतीय सैनिकों के त्याग और बलिदान को हम कभी भूल नहीं सकते। वह कष्ट सहकर भी हमारे देश के सरहद की सुरक्षा कर रहे हैं, तभी हम अपने घरों में सुकून से रह रहे हैं। सैनिकों के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले लोग प्रशंसा के पात्र हैं।
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पूर्व सैनिक सेवा परिषद के उपाध्यक्ष कैप्टन लाल बहादुर त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना ने बहादुरी का परिचय देते हुए पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने पर विवश कर दिया था। उस युद्ध में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस जीत के उपलक्ष्य में हर साल संगठन की तरफ से विजय दिवस का आयोजन किया जाता है। कोविड प्रोटोकाल के चलते इस बार रैली नहीं निकाली गई, लेकिन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल एसपी सिंह ने की, जबकि संयोजक कैप्टन समशुद्दीन रहे। इस अवसर पर दीपनारायण अग्रवाल, अल्का पनपालिया, श्याम बंका, प्रेम प्रकाश, कैप्टन दयाशंकर पांडेय, सूबेदार मेजर जेपी यादव, सूूबेदार ओमप्रकाश पांडेय, अच्छेलाल गुप्ता, ओमप्रकाश वर्मा, आरएन पांडेय, नागेंद्र पांडेय, लियाकत अंसारी, याकूब अंसारी, सलामुद्दीन अली अंसारी, लखीचंद गुप्ता, अब्दुल हमीद अंसारी, महेंद्र सिंह, हरिनारायण शर्मा, सुरेशचंद पांडेय, बसीर अहमद सिद्दीकी, जयप्रकाश चौबे, नायब सूबेदार आनंद मोहन मिश्र, गेंदा प्रसाद, हवलदार श्याम बदन यादव, चंद्रिका प्रसाद शर्मा, एम. अली, रामआशीष, नथुनी प्रसाद आदि मौजूद थे।
आरएसएस ने किया प्रहार महायज्ञ का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
तरयासुजान। नेहरू इंटर कॉलेज तरयासुजान के खेल मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बुधवार को प्रहार महायज्ञ दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने दंड प्रहार कार्यक्रम का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक राजेश ने बताया कि सोलह दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ था। उसमें पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। इसलिए आरएसएस हर वर्ष सोलह दिसंबर को प्रहार महायज्ञ दिवस का आयोजन करता है। बुधवार को 50वें प्रहार महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें स्वयंसेवकों ने दंड प्रहार कार्यक्रम का प्रदर्शन किया। इसमें लगभग 50 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
देवरिया विभाग शारीरिक प्रमुख देशबंधु ने कहा कि राष्ट्रीय सेवक संघ देश की रक्षा को सर्वोपरि मानता है। देश की विजय संघ की विजय है। इस दौरान खंड कारवा सदानंद, सह खंड कारवा मुरारी, मंकेश श्रीवास्तव, धनंजय तिवारी, अतुल श्रीवास्तव, दीपक सिंह, राजेश सिंह, भोला राय, चंद्रप्रकाश पाठक, मुकुल शर्मा, रोहित, राहुल, बृजनंदन, अनिल आदि स्वयंसेवक मौजूद रहे।
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पडरौना। पूर्व सैनिक सेवा परिषद की तरफ से बुधवार को पडरौना नगरपालिका परिषद के जलकल भवन परिसर में विजय दिवस का आयोजन किया गया। इसमें मौजूद अतिथियों ने भारतीय सेना के शौर्य की चर्चा की। पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर कृष्ण प्रताप बहादुर सिंह सहित संगठन के लोगों ने दीप जलाकर किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि भारतीय सेना के जज्बे और बहादुरी की कोई तुलना नहीं है। चीन और पाकिस्तान के खिलाफ जंग में भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था।
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पडरौना नगरपालिका के चेयरमैन विनय जायसवाल ने कहा कि भारतीय सैनिकों के त्याग और बलिदान को हम कभी भूल नहीं सकते। वह कष्ट सहकर भी हमारे देश के सरहद की सुरक्षा कर रहे हैं, तभी हम अपने घरों में सुकून से रह रहे हैं। सैनिकों के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले लोग प्रशंसा के पात्र हैं।
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पूर्व सैनिक सेवा परिषद के उपाध्यक्ष कैप्टन लाल बहादुर त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना ने बहादुरी का परिचय देते हुए पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने पर विवश कर दिया था। उस युद्ध में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस जीत के उपलक्ष्य में हर साल संगठन की तरफ से विजय दिवस का आयोजन किया जाता है। कोविड प्रोटोकाल के चलते इस बार रैली नहीं निकाली गई, लेकिन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल एसपी सिंह ने की, जबकि संयोजक कैप्टन समशुद्दीन रहे। इस अवसर पर दीपनारायण अग्रवाल, अल्का पनपालिया, श्याम बंका, प्रेम प्रकाश, कैप्टन दयाशंकर पांडेय, सूबेदार मेजर जेपी यादव, सूूबेदार ओमप्रकाश पांडेय, अच्छेलाल गुप्ता, ओमप्रकाश वर्मा, आरएन पांडेय, नागेंद्र पांडेय, लियाकत अंसारी, याकूब अंसारी, सलामुद्दीन अली अंसारी, लखीचंद गुप्ता, अब्दुल हमीद अंसारी, महेंद्र सिंह, हरिनारायण शर्मा, सुरेशचंद पांडेय, बसीर अहमद सिद्दीकी, जयप्रकाश चौबे, नायब सूबेदार आनंद मोहन मिश्र, गेंदा प्रसाद, हवलदार श्याम बदन यादव, चंद्रिका प्रसाद शर्मा, एम. अली, रामआशीष, नथुनी प्रसाद आदि मौजूद थे।
आरएसएस ने किया प्रहार महायज्ञ का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
तरयासुजान। नेहरू इंटर कॉलेज तरयासुजान के खेल मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बुधवार को प्रहार महायज्ञ दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने दंड प्रहार कार्यक्रम का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक राजेश ने बताया कि सोलह दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ था। उसमें पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। इसलिए आरएसएस हर वर्ष सोलह दिसंबर को प्रहार महायज्ञ दिवस का आयोजन करता है। बुधवार को 50वें प्रहार महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें स्वयंसेवकों ने दंड प्रहार कार्यक्रम का प्रदर्शन किया। इसमें लगभग 50 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
देवरिया विभाग शारीरिक प्रमुख देशबंधु ने कहा कि राष्ट्रीय सेवक संघ देश की रक्षा को सर्वोपरि मानता है। देश की विजय संघ की विजय है। इस दौरान खंड कारवा सदानंद, सह खंड कारवा मुरारी, मंकेश श्रीवास्तव, धनंजय तिवारी, अतुल श्रीवास्तव, दीपक सिंह, राजेश सिंह, भोला राय, चंद्रप्रकाश पाठक, मुकुल शर्मा, रोहित, राहुल, बृजनंदन, अनिल आदि स्वयंसेवक मौजूद रहे।