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Kushinagar News: मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज लेखपालों ने ऑनलाइन कामकाज भी ठप किया

Sun, 11 Oct 2026 02:11 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:11 AM IST
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Upset over their demands not being addressed, *Lekhpals* (revenue accountants) have also halted online operations.
तहसील प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुपों को छोड़ा, कॉली पट्टी बांधकर समाधान दिवस में जताया विरोध
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पडरौना/कप्तानगंज/रामकोला। लंबित मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज लेखपालों ने शनिवार को ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करते हुए तहसील प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुप को छोड़ दिया। इससे दाखिल-खारिज, भूमि संबंधी रिपोर्ट, आय, जाति, निवास, वरासत, किसान पंजीकरण समेत कई डिजिटल कार्य प्रभावित हुए।
लेखपालों ने शनिवार को कोतवाली में थाना समाधान दिवस के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और केवल ऑफलाइन कार्य किए। लेखपालों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वे आंदोलन करते रहेंगे।
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ह्रदयालाल ने बताया कि प्रदेश में 882 लेखपालों को पदोन्नति देकर राजस्व निरीक्षक बनाया जाना था लेकिन 455 लेखपालों की ही सूची निकाली गई जबकि सूची को 28 अप्रैल 2026 को ही जारी करने की बात कही गई थी। लेखपालों का कहना है कि जारी हुई सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। इसमें कनिष्ठता व वरिष्ठता का ध्यान नहीं दिया गया है। इनकी मांगों में पे ग्रेड 2000 से बढ़ाकर 2800 किया जाना, साइकिल भत्ता की जगह बाइक भत्ता, अंतर मंडलीय स्थानांतरण, देय भत्तों में वृद्धि, वेतन विसंगति दूर करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
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कप्तानगंज व रामकोला संवाद के अनुसार, मांगों को लेकर तहसील के 12 क्षेत्रों के अतिरिक्त प्रभार लेखपाल ने छोड़ दिया। वहीं 61 लेखपालों ने प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुपों से स्वयं रिमूव हो गए हैं। उनका आरोप है कि लगातार 18 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद शासन स्तर से सुनवाई नहीं की गई है। लेखपालों ने चेताया है कि लेखपाल संघ की सभी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आगामी 17 अक्टूबर से लेखपाल संघ कर्तव्यों व दायित्वों का बहिष्कार करेगा। इस मौके राघवेंद्र प्रताप सिंह, संगम प्रसाद, हीरालाल वर्मा, प्रदीप, रवींद्र श्रीवास्तव, आयुष मणि, संदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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