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Kushinagar News: नाम बदलकर चलते मिले मान्यता विहीन विद्यालय
Sat, 10 May 2025 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 10 May 2025 01:19 AM IST
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पडरौना। जिला स्तरीय गठित समिति की तरफ से शुक्रवार को दुदही क्षेत्र में संचालित गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच की गई। इसमें नाम बदलकर स्कूल संचालित मिले तो कई विद्यालयों का भवन पूरी तरह जर्जर मिला।
बीईओ पडरौना सुरेंद्र बहादुर सिंह व बीईओ रामकोला राजेश प्रसाद की संयुक्त टीम ने गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच के दौरान स्टेप बाइ स्टेप पब्लिक स्कूल गौरी श्रीराम की जांच की। जांच में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित होती मिलीं। विद्यालय को केवल कक्षा एक से पांचवीं तक की मान्यता प्राप्त है, जबकि कक्षा आठवीं तक मिला। कक्षाओं का पार्टीशन एल्युमिनियम शीट से किया गया था, जो कभी भी गिरने की स्थिति में था। ग्राउंड फ्लोर पर छह तथा प्रथम तल पर तीन कमरे पाए गए, जिनमें से दो कमरों में अत्यधिक अंधेरा था। कक्षों की स्थिति जर्जर थी और शिक्षक मानक के अनुरूप तैनात नहीं थे। एक अध्यापिका ने राष्ट्रपति शब्द और राष्ट्रपति का नाम भी गलत लिखा। इसके बाद जामिया सरकारे ने-अमत ग्राम बतरौली घुरखड़वां की जांच की गई, जहां टिनशेड में विद्यालय संचालित मिला। विद्यालय की मान्यता जामिया सरकारे ने अमत के नाम से प्राप्त की थी, लेकिन बोर्ड, आईकार्ड, टाई और बेल्ट पर जेएसएन पब्लिक स्कूल अंकित कर दिया गया था, जो नियम विरुद्ध है। एमजीटीएन पब्लिक स्कूल गौरी श्रीराम के निरीक्षण में भी विद्यालय प्रबंधन की तरफ से मान्यता के नाम में हेरफेर पाया गया। विद्यालय की मान्यता मदरसा गुलशने तहीरुन नेशा के नाम से है, जबकि बोर्ड पर एमजीटीएन पब्लिक स्कूल लिखा गया है। विद्यालय में कुल 57 नामांकित छात्रों में से 55 उपस्थित थे, लेकिन उपलब्ध चार कमरे मानक अनुरूप नहीं पाए गए। निरीक्षण टीम ने संबंधित विद्यालय प्रबंधनों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए जांच आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है। आगे की कार्रवाई शासन के निर्देश पर निर्भर करेगी।
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बीईओ पडरौना सुरेंद्र बहादुर सिंह व बीईओ रामकोला राजेश प्रसाद की संयुक्त टीम ने गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच के दौरान स्टेप बाइ स्टेप पब्लिक स्कूल गौरी श्रीराम की जांच की। जांच में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित होती मिलीं। विद्यालय को केवल कक्षा एक से पांचवीं तक की मान्यता प्राप्त है, जबकि कक्षा आठवीं तक मिला। कक्षाओं का पार्टीशन एल्युमिनियम शीट से किया गया था, जो कभी भी गिरने की स्थिति में था। ग्राउंड फ्लोर पर छह तथा प्रथम तल पर तीन कमरे पाए गए, जिनमें से दो कमरों में अत्यधिक अंधेरा था। कक्षों की स्थिति जर्जर थी और शिक्षक मानक के अनुरूप तैनात नहीं थे। एक अध्यापिका ने राष्ट्रपति शब्द और राष्ट्रपति का नाम भी गलत लिखा। इसके बाद जामिया सरकारे ने-अमत ग्राम बतरौली घुरखड़वां की जांच की गई, जहां टिनशेड में विद्यालय संचालित मिला। विद्यालय की मान्यता जामिया सरकारे ने अमत के नाम से प्राप्त की थी, लेकिन बोर्ड, आईकार्ड, टाई और बेल्ट पर जेएसएन पब्लिक स्कूल अंकित कर दिया गया था, जो नियम विरुद्ध है। एमजीटीएन पब्लिक स्कूल गौरी श्रीराम के निरीक्षण में भी विद्यालय प्रबंधन की तरफ से मान्यता के नाम में हेरफेर पाया गया। विद्यालय की मान्यता मदरसा गुलशने तहीरुन नेशा के नाम से है, जबकि बोर्ड पर एमजीटीएन पब्लिक स्कूल लिखा गया है। विद्यालय में कुल 57 नामांकित छात्रों में से 55 उपस्थित थे, लेकिन उपलब्ध चार कमरे मानक अनुरूप नहीं पाए गए। निरीक्षण टीम ने संबंधित विद्यालय प्रबंधनों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए जांच आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है। आगे की कार्रवाई शासन के निर्देश पर निर्भर करेगी।
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