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दो स्कूलों में भरा बाढ़ का पानी
kushinagar
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:05 PM IST
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बाढ़
- फोटो : santosh verma
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तमकुहीरोड। गंडक नदी के किनारे स्थित सेवरही ब्लॉक के गांव पिपराघाट के दो परिषदीय स्कूलों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसके चलते पढ़ाई प्रभावित हो गई है। बरसात भर स्थिति में सुधार की गुंजाइश भी कम ही है। यहां नामांकित 162 बच्चों की पढ़ाई पर ग्रहण लग सकता है।
पिपराघाट के तवकल टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में 122 छात्र और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 40 छात्र नामांकित हैं। शिक्षण सत्र की शुरुआत में ही इन दोनों स्कूलों में नदी का पानी भर गया है। उच्च प्राथमिक स्कूल के कमरों में भी पानी जमा हो गया है जबकि प्राथमिक का परिसर तालाब जैसा नजर आने लगा है। विद्यालय के शिक्षक फैयाज अहमद और रवि गुप्ता बताते हैं कि हर साल गंडक नदी के बाढ़ का पानी विद्यालय में भर जाता है। इसके चलते पढ़ाई प्रभावित होती है। इस वर्ष जमा पानी की वजह से दो दिन से अतिरिक्त कक्ष में बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। परंतु पानी बढ़ने पर स्कूल को बंद करना ही एकमात्र विकल्प है।
इस संबंध में बीईओ सेवरही शेष बहादुर सरोज का कहना है कि शिक्षकों से स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। पढ़ाई से पहले बच्चों की सुरक्षा जरूरी है। अगर लंबे वक्त तक स्कूल में पानी जमा रहा तो कक्षाओं के दूसरी जगह संचालन पर विचार किया जाएगा।
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पिपराघाट के तवकल टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में 122 छात्र और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 40 छात्र नामांकित हैं। शिक्षण सत्र की शुरुआत में ही इन दोनों स्कूलों में नदी का पानी भर गया है। उच्च प्राथमिक स्कूल के कमरों में भी पानी जमा हो गया है जबकि प्राथमिक का परिसर तालाब जैसा नजर आने लगा है। विद्यालय के शिक्षक फैयाज अहमद और रवि गुप्ता बताते हैं कि हर साल गंडक नदी के बाढ़ का पानी विद्यालय में भर जाता है। इसके चलते पढ़ाई प्रभावित होती है। इस वर्ष जमा पानी की वजह से दो दिन से अतिरिक्त कक्ष में बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। परंतु पानी बढ़ने पर स्कूल को बंद करना ही एकमात्र विकल्प है।
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इस संबंध में बीईओ सेवरही शेष बहादुर सरोज का कहना है कि शिक्षकों से स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। पढ़ाई से पहले बच्चों की सुरक्षा जरूरी है। अगर लंबे वक्त तक स्कूल में पानी जमा रहा तो कक्षाओं के दूसरी जगह संचालन पर विचार किया जाएगा।
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