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Kushinagar News: खाते से लेनदेन और अभिलेखों की होगी जांच...उसके बाद कार्रवाई
Sun, 12 Jan 2025 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:48 PM IST
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पडरौना। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के कठकुइयां के थोक विक्रेता सह बेकरी कारोबारी रितेश अग्रवाल के मठिया मोड़ पर बृहस्पतिवार को रानी सती ट्रेडर्स फर्म पर आयकर ने छापा मारकर पूछताछ शुरू की।
चर्चा है कि टैक्स और कमाई के बीच अंतर और कारोबार के हिसाब से टैक्स जमा नहीं किए जाने को लेकर इनकम टैक्स की रेड पड़ी। 78 घंटे तक चले इस छापेमारी से कारोबारियों के बीच शहर में दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। रितेश अग्रवाल के अलावा शहर में ऐसे कई और निर्यातक, निवेशक और डॉक्टर हैं, जिनका दायरा पिछले दिनों में काफी तेजी से बढ़ा है और वह टैक्स चोरी को अंजाम देते हैं।
कई ऐसे फर्म ऐसे भी हैं जो बोगस (नकली) फर्म के सहारे टैक्स चोरी करते हैं। रितेश की फर्म की जांच के दौरान टीम कॉल डिटेल, ई-मेल, बैंकिंग ट्रांजेक्शन आदि से जुड़े रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। इसके बाद फर्म पर टैक्स और जुर्माना आरोपित होगा।
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आयकर विभाग की दस सदस्यीय टीम के 78 घंटे चले सर्वे की चर्चा रविवार को टीम के लौटने के बाद भी होती रही। अब धीरे-धीरे रितेश अग्रवाल की फर्म के कारनामे सामने आ रहे हैं। रितेश की फर्म जिले समेत आसपास के जिलों में बेकरी से जुड़ी चीजों की आपूर्ति करती है। लंबे-चौड़े टर्नओवर के बावजूद रितेश टैक्स भरने में बोगस फर्म का सहारा लेता रहा और नकद के सहारे जमीन की खरीद फरोख्त करता था।
बावजूद इसके वह आयकर विभाग के निशाने पर आ गया। छापा कर रही टीम ने घंटों जांच में कारोबार से संबंधित कागजातों की छानबीन की। सूत्रों ने बताया कि तमाम जरूरी कागजात टीम के हाथ लग गए हैं।
विभाग ने इन सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। जब्त सभी अभिलेखों का मिलान कर इसकी छानबीन होगी। इसके बाद फर्म पर टैक्स और जुर्माना आरोपित होगा।
सूत्रों के अनुसार रितेश जैसी ही जिले में डॉक्टर्स, निर्यातक और निवेशक टैक्स की चोरी करते हैं और इसी कारण उनकी बेचैनी बढ़ी हुई थी।
पर्दे गिरी गाड़ियों से पहुंचे अफसर..बंद कमरों में हुई पूछताछ : आयकर विभाग की टीम बृहस्पतिवार को जिले में तीन गाड़ियों से पहुंची थी।
पर्दे गिरी बंद गाड़ियों में अफसर आए और बंद कमरे में रितेश से पूछताछ की। किसी भी जांच और खुलासे को बिना सार्वजनिक किए वापस लौट गए। हालांकि सूत्रों के अनुसार जल्द बेकरी कारोबारी को मुख्यालय तलब किया जाएगा। रितेश ने भले ही पूछताछ और इनकम टैक्स की रेड को रूटीन की जांच करार दिया हो, लेकिन इसका कनेक्शन गोरखपुर के एक कारोबारी से है।
दरअसल, बेकरी के प्रयुक्त मैदे को रितेश गोरखपुर से मंगाता था। टीम के लौटने के बाद फिर रितेश की फैक्टरी में मजदूर काम करते दिखे, लेकिन कोई कुछ भी बोलने से कतराता रहा।
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चर्चा है कि टैक्स और कमाई के बीच अंतर और कारोबार के हिसाब से टैक्स जमा नहीं किए जाने को लेकर इनकम टैक्स की रेड पड़ी। 78 घंटे तक चले इस छापेमारी से कारोबारियों के बीच शहर में दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। रितेश अग्रवाल के अलावा शहर में ऐसे कई और निर्यातक, निवेशक और डॉक्टर हैं, जिनका दायरा पिछले दिनों में काफी तेजी से बढ़ा है और वह टैक्स चोरी को अंजाम देते हैं।
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कई ऐसे फर्म ऐसे भी हैं जो बोगस (नकली) फर्म के सहारे टैक्स चोरी करते हैं। रितेश की फर्म की जांच के दौरान टीम कॉल डिटेल, ई-मेल, बैंकिंग ट्रांजेक्शन आदि से जुड़े रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। इसके बाद फर्म पर टैक्स और जुर्माना आरोपित होगा।
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आयकर विभाग की दस सदस्यीय टीम के 78 घंटे चले सर्वे की चर्चा रविवार को टीम के लौटने के बाद भी होती रही। अब धीरे-धीरे रितेश अग्रवाल की फर्म के कारनामे सामने आ रहे हैं। रितेश की फर्म जिले समेत आसपास के जिलों में बेकरी से जुड़ी चीजों की आपूर्ति करती है। लंबे-चौड़े टर्नओवर के बावजूद रितेश टैक्स भरने में बोगस फर्म का सहारा लेता रहा और नकद के सहारे जमीन की खरीद फरोख्त करता था।
बावजूद इसके वह आयकर विभाग के निशाने पर आ गया। छापा कर रही टीम ने घंटों जांच में कारोबार से संबंधित कागजातों की छानबीन की। सूत्रों ने बताया कि तमाम जरूरी कागजात टीम के हाथ लग गए हैं।
विभाग ने इन सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। जब्त सभी अभिलेखों का मिलान कर इसकी छानबीन होगी। इसके बाद फर्म पर टैक्स और जुर्माना आरोपित होगा।
सूत्रों के अनुसार रितेश जैसी ही जिले में डॉक्टर्स, निर्यातक और निवेशक टैक्स की चोरी करते हैं और इसी कारण उनकी बेचैनी बढ़ी हुई थी।
पर्दे गिरी गाड़ियों से पहुंचे अफसर..बंद कमरों में हुई पूछताछ : आयकर विभाग की टीम बृहस्पतिवार को जिले में तीन गाड़ियों से पहुंची थी।
पर्दे गिरी बंद गाड़ियों में अफसर आए और बंद कमरे में रितेश से पूछताछ की। किसी भी जांच और खुलासे को बिना सार्वजनिक किए वापस लौट गए। हालांकि सूत्रों के अनुसार जल्द बेकरी कारोबारी को मुख्यालय तलब किया जाएगा। रितेश ने भले ही पूछताछ और इनकम टैक्स की रेड को रूटीन की जांच करार दिया हो, लेकिन इसका कनेक्शन गोरखपुर के एक कारोबारी से है।
दरअसल, बेकरी के प्रयुक्त मैदे को रितेश गोरखपुर से मंगाता था। टीम के लौटने के बाद फिर रितेश की फैक्टरी में मजदूर काम करते दिखे, लेकिन कोई कुछ भी बोलने से कतराता रहा।