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29वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मददेनजर विज्ञान प्रोजेक्ट प्रस्तुतीकरण कार्यशाला आयोजित
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‘पारंपरिक ज्ञान से नए खोज कर सकते हैं’
जूम एप से ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। 29वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत सतत जीवन के लिए विज्ञान प्रोजेक्ट प्रस्तुतीकरण का जूम एप से जिला स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन हुआ। यह आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के दिशा-निर्देश पर हुआ। कार्यशाला में 69 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान प्रणाली व मानवीय मूल्यों की मदद से सतत जीवन के लिए विज्ञान के नए आयामों की खोज कर सकते हैं। कहा कि इसके माध्यम से भविष्य में चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
जिला समन्वयक शकुंतला त्रिपाठी ने प्रोजेक्ट मूल्यांकन के पांच प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा कर निष्पक्ष मूल्यांकन के महत्व को बताया। बाल वैज्ञानिक अमूल तिवारी ने प्रोजेक्ट बनाने से संबंधित जानकारी दी। कार्यशाला में मुख्य वक्ता की भूमिका में विषय विशेषज्ञ निरंजन लाल ने स्थानीय समस्या पर प्रोजेक्ट कैसे बनाये व विषय का सरलीकरण करते हुए विस्तार से बताया। इसके अलावा हनुमान इंटर कॉलेज के शैलेंद्रदत्त शुक्ल, यशवंत सिंह, डॉ. चंदन गोंड आदि ने भी ऑनलाइन विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व जिला सह समन्वयक विभा मिश्रा ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। संचालन प्रधानाचार्य मुहम्मद तारिक ने किया। इस मौके पर डॉ एसएन पांडेय, संध्या चौरसिया, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, हरिंदर कुशवाहा, अनिल तिवारी आदि मौजूद थे।
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जूम एप से ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। 29वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत सतत जीवन के लिए विज्ञान प्रोजेक्ट प्रस्तुतीकरण का जूम एप से जिला स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन हुआ। यह आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के दिशा-निर्देश पर हुआ। कार्यशाला में 69 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान प्रणाली व मानवीय मूल्यों की मदद से सतत जीवन के लिए विज्ञान के नए आयामों की खोज कर सकते हैं। कहा कि इसके माध्यम से भविष्य में चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
जिला समन्वयक शकुंतला त्रिपाठी ने प्रोजेक्ट मूल्यांकन के पांच प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा कर निष्पक्ष मूल्यांकन के महत्व को बताया। बाल वैज्ञानिक अमूल तिवारी ने प्रोजेक्ट बनाने से संबंधित जानकारी दी। कार्यशाला में मुख्य वक्ता की भूमिका में विषय विशेषज्ञ निरंजन लाल ने स्थानीय समस्या पर प्रोजेक्ट कैसे बनाये व विषय का सरलीकरण करते हुए विस्तार से बताया। इसके अलावा हनुमान इंटर कॉलेज के शैलेंद्रदत्त शुक्ल, यशवंत सिंह, डॉ. चंदन गोंड आदि ने भी ऑनलाइन विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व जिला सह समन्वयक विभा मिश्रा ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। संचालन प्रधानाचार्य मुहम्मद तारिक ने किया। इस मौके पर डॉ एसएन पांडेय, संध्या चौरसिया, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, हरिंदर कुशवाहा, अनिल तिवारी आदि मौजूद थे।
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