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षडयंत्र रचने के आरोप में एक महिला को एक साल की सजा, दस हजार का अर्थदंड
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हत्या के मामले में तीन को उम्रकैद
पडरौना। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने तीन साल पूर्व कप्तानगंज क्षेत्र में हुई एक हत्या के एक मामले में तीन आरोपियों को जहां आजीवन कारावास की सजा सुनाई, वहीं एक महिला आरोपी को षड्यंत्र रचने के आरोप में एक साल की सजा और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण कुुमार दुबे ने बताया कि कप्तानगंज क्षेत्र के सोना उर्फ रुस्तम अली की 26 मार्च 2015 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर कप्तानगंज की पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने महराजगंज जिले के रहने वाले छोटू, हदीश, शकील और रइसुन के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। पांच गवाहों की गवाही हुई और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी छोटू, हदीश और शकील को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि रइसुन निसा को षडयंत्र रचने का दोषी ठहराते हुए उसे एक साल की सजा और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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पडरौना। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने तीन साल पूर्व कप्तानगंज क्षेत्र में हुई एक हत्या के एक मामले में तीन आरोपियों को जहां आजीवन कारावास की सजा सुनाई, वहीं एक महिला आरोपी को षड्यंत्र रचने के आरोप में एक साल की सजा और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण कुुमार दुबे ने बताया कि कप्तानगंज क्षेत्र के सोना उर्फ रुस्तम अली की 26 मार्च 2015 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर कप्तानगंज की पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने महराजगंज जिले के रहने वाले छोटू, हदीश, शकील और रइसुन के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। पांच गवाहों की गवाही हुई और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी छोटू, हदीश और शकील को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि रइसुन निसा को षडयंत्र रचने का दोषी ठहराते हुए उसे एक साल की सजा और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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