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Kushinagar News: गुप्तरोग के इलाज के नाम पर वसूली करने वाले तीन घुमंतू फर्जी हकीम गिरफ्तार

Tue, 19 Mar 2024 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 19 Mar 2024 01:10 AM IST
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Three nomadic fake doctors arrested for extorting money in the name of treatment of venereal disease
बंजारा गैंग के फर्जी हकीमों का खुलासा करते एसपी धवल जासवाल।
पडरौना(कुशीनगर)। गुप्तरोग के इलाज के नाम पर लोगों से वसूली करने वाले चित्रकूट के तीन फर्जी घुमंतू फर्जी हकीमों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इनके पास से 3.06 लाख नकदी समेत 21 लाख का सामान बरामद हुआ। कुछ लोगों की गोपनीय शिकायत पर पुलिस की जांच में घुमंतू फर्जी हकीमों का भंडाफोड़ हुआ। एक जिले में ज्यादा दिन तक नहीं टिकने से ये पुलिस की पकड़ में नहीं आते थे। कुछ दिनों से जिले में इनकी सक्रियता बढ़ गई थी।
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सचल अस्पताल की आड़ में गांवों में घूमकर गुप्तरोग के इलाज के नाम पर लोगों से वसूली करने वाला गिरोह जिले में काफी सक्रिय था। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि इलाज के दौरान ये लोग रोगियों के प्राइवेट पार्ट का मोबाइल में वीडियो बना ले लेते थे। मरीजों से इलाज कराने के लिए शपथ पत्र भी लेते थे। कुछ दिन बाद लोगों को लाइलाज बीमारी का भय दिखाकर नकद रुपये लेते थे और परिचितों के बैंक अकाउंट में रुपये ऑनलाइन मंगाते थे।
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पुलिस के अनुसार, चित्रकूट जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के इंदिरा काॅलोनी सरहट के रहने वाले सरगना संजय कुमार सिंह बंजारा, बंटी सिंह बंजारा और समीर बंजारा पूर्वांचल के जिलों को निशाना बनाकर गांवों के भोले-भाले लोगों को शिकार बनाते थे। गुप्तरोग का भय दिखाकर नकली दवाइयों की पुड़िया देकर मोटी रकम वसूलते थे। दवाओं से लाभ नहीं होने पर लोग फोन करते थे तो उनके प्राइवेट पार्ट्स का वीडियो और फोटो भेजकर उन्हें वायरल करने की धमकी देते थे और मोटी रकम मांगते थे। शिकायतें बढ़ जाने पर ठिकाना बदल देते थे। नए ठिकाने पर पहुंचने के बाद नए सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को काफी प्रयास के बाद इस गिरोह को दबोचने में सफलता मिली है। पूर्वांचल में फैले गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है। अब तक इनके मोबाइल से करीब 150-200 लोगों से ठगी के माध्यम से ऑनलाइन रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए हैं। जांच के बाद पुलिस ने ऐसे 12 खातों को फ्रीज किया है।
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ठगों के पास से हुई बरामदगी
-ठगों के पास से पुलिस ने चोरी के सोने के 88 ग्राम के जेवरात, अपराध में शामिल एक बोलेरो, एक मिनी वैन, तीन मोबाइल फोन, सात आधार कार्ड, 15 विभिन्न कंपनियों के सिमकार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, 16 सरकारी मुहरें, दो कूट रचित दस्तावेज, 48 पुड़िया नकली दवाएं, दो थर्मामीटर, एक वैक्यूम प्रेशर मशीन, कूटरचित दो नोटिस शामिल हैं।

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शिक्षक से ठगी के बाद खुला राज
मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अमीला गांव निवासी राकेश कुमार गुप्त तरया सुजान थाना क्षेत्र के सलेमगढ़ नंबर एक प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैंं। वह 19 फरवरी को सुबह नौ बजे बाइक से स्कूल जा रहे थे। सलेमगढ़ हाईवे के पास रुके। इसी दौरान एक शख्स आया और खुद को आयुर्वेद का जानकार बताते हुए अपना नाम संजय सिंह बंजारा बताया। आरोप है कि राकेश कुमार गुप्त को वह अपने टेंट में ले गया और नाड़ी जांच करने के बाद किडनी में खराबी बताकर उनका आधार कार्ड ले लिया और प्राइवेट पार्ट का फोटो खींचा। दो बार में दस हजार रुपये ऑनलाइन लेकर एक पुड़िया दी और दूसरे दिन बुलाया। इसके झांसे में आकर शिक्षक 4.25 लाख और सोने की चेन गंवा बैठे। शिक्षक की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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