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Kushinagar News: यूरेनियम धातु बताकर ठगी करने के आरोप में तीन गिरफ्तार
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यूरेनियम धातु बताकर ठगी करने के आरोप में तीन गिरफ्तार
पडरौना/ तमकुहीराज। यूरेनियम (तथाकथित) धातु बताकर ठगी करने के आरोप में तीन आरोपियों को एसटीएफ और पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सोमवार की देर रात एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह की अगुवाई में टीम ने तरयासुजान मोड़ से इनको पकड़ा। तीनों के पास से दो लेटर पैकेट, यूरेनियम की तरह दिखने वाली धातु , तीन फर्जी आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और रेलवे टिकट बरामद हुए हैं। तीनों के खिलाफ तमकुहीराज थाना में जालसाजी, धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज करके पुलिस जांच में जुटी है।
जनपद के बिहार सीमा पर यूरेनियम धातु बताकर ठगी करने की शिकायत एसटीएफ मिली थी। इसकी जांच के लिए एसटीएफ गोरखपुर यूनिट सक्त्रिस्य हुई। सोमवार की देर रात करीब पौने दस बजे पुलिस को सूचना मिली कि तरया मोड़ पर तीन लोग यूरेनियम की तरह धातु के साथ मौजूद हैं। वहां पर वे किसी ग्राहक के आने का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर एसटीएफ टीम और तमकुहीराज इंस्पेक्टर नीरज राय की मदद से तीनों को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में तीनों की पहचान बिहार के पटना जिले के कंकड़ बाग के मूल निवासी गोपाल शर्मा उर्फ श्रीनिधि कुमार, वहीं के मुकेश कुमार और सारण (छपरा) के पानापुर रसौली इमिलिया टोला निवासी सोनू कुमार तिवारी के रूप में हुई। तीनों ने पुलिस को बताया कि यूरेनियम की तरह दिखने वाली धातु के दो पैकेट उनको बिहार के जमुई निवासी गुड्डू ने दो लाख रुपये में तय करके दिए थे। एक लाख का भुगतान करके वे दोनों पैकेट लेकर गाजीपुर के चंदन के पास जा रहे थे। वहां चंदन की मदद से दोनों पैकेट को पांच लाख रुपये में बेचकर पैसा आपस में बांट लेते। गुड्डू ने ही उन तीनों को बरौनी में पैकेट उपलब्ध कराऐ, जिसे लेकर वे तमकुहीराज पहुंचे।
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तीनों ने पुलिस को बताया कि वे साजिश रचकर यूरेनियम जैसे पदार्थ को लेदर बैग में रख लेते हैं। पैकेट के ऊपर यूरेनियम लिखकर उसे बेच देते हैं। रेडिएशन दिखाने के लिए चिह्न भी बना देते हैं। इससे पैकेट वास्तविक लगता है। इसे अधिक दाम में बेचकर वे लोगों से ठगी करके भाग जाते हैं। चूंकि यूरेनियम कीमती धातु है, जिसका विभिन्न उपयोग होता है।
इस बारे में गोरखपुर एसटीएफ यूनिट के प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके कार्रवाई की जा रही है। बरामद सामान को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। चूंकि जिस वस्तु का नाम लिया जा रहा है, वह एक रेडियोएक्टिव पदार्थ है। इसलिए इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
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पडरौना/ तमकुहीराज। यूरेनियम (तथाकथित) धातु बताकर ठगी करने के आरोप में तीन आरोपियों को एसटीएफ और पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सोमवार की देर रात एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह की अगुवाई में टीम ने तरयासुजान मोड़ से इनको पकड़ा। तीनों के पास से दो लेटर पैकेट, यूरेनियम की तरह दिखने वाली धातु , तीन फर्जी आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और रेलवे टिकट बरामद हुए हैं। तीनों के खिलाफ तमकुहीराज थाना में जालसाजी, धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज करके पुलिस जांच में जुटी है।
जनपद के बिहार सीमा पर यूरेनियम धातु बताकर ठगी करने की शिकायत एसटीएफ मिली थी। इसकी जांच के लिए एसटीएफ गोरखपुर यूनिट सक्त्रिस्य हुई। सोमवार की देर रात करीब पौने दस बजे पुलिस को सूचना मिली कि तरया मोड़ पर तीन लोग यूरेनियम की तरह धातु के साथ मौजूद हैं। वहां पर वे किसी ग्राहक के आने का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर एसटीएफ टीम और तमकुहीराज इंस्पेक्टर नीरज राय की मदद से तीनों को पकड़ लिया गया।
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पूछताछ में तीनों की पहचान बिहार के पटना जिले के कंकड़ बाग के मूल निवासी गोपाल शर्मा उर्फ श्रीनिधि कुमार, वहीं के मुकेश कुमार और सारण (छपरा) के पानापुर रसौली इमिलिया टोला निवासी सोनू कुमार तिवारी के रूप में हुई। तीनों ने पुलिस को बताया कि यूरेनियम की तरह दिखने वाली धातु के दो पैकेट उनको बिहार के जमुई निवासी गुड्डू ने दो लाख रुपये में तय करके दिए थे। एक लाख का भुगतान करके वे दोनों पैकेट लेकर गाजीपुर के चंदन के पास जा रहे थे। वहां चंदन की मदद से दोनों पैकेट को पांच लाख रुपये में बेचकर पैसा आपस में बांट लेते। गुड्डू ने ही उन तीनों को बरौनी में पैकेट उपलब्ध कराऐ, जिसे लेकर वे तमकुहीराज पहुंचे।
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तीनों ने पुलिस को बताया कि वे साजिश रचकर यूरेनियम जैसे पदार्थ को लेदर बैग में रख लेते हैं। पैकेट के ऊपर यूरेनियम लिखकर उसे बेच देते हैं। रेडिएशन दिखाने के लिए चिह्न भी बना देते हैं। इससे पैकेट वास्तविक लगता है। इसे अधिक दाम में बेचकर वे लोगों से ठगी करके भाग जाते हैं। चूंकि यूरेनियम कीमती धातु है, जिसका विभिन्न उपयोग होता है।
इस बारे में गोरखपुर एसटीएफ यूनिट के प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके कार्रवाई की जा रही है। बरामद सामान को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। चूंकि जिस वस्तु का नाम लिया जा रहा है, वह एक रेडियोएक्टिव पदार्थ है। इसलिए इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।