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सात मार्च को होगा साहित्य प्रेमियों का जमावड़ा
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सात मार्च को होगा साहित्य प्रेमियों का जमावड़ा
डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी होंगे मुख्य वक्ता
विशिष्ट अतिथि की भूमिका प्रोफेसर रामदेव शुक्ल निभाएंगे
कसया (कुशीनगर)। अज्ञेय की जयंती पर अज्ञेय स्मृति उपवन में सात मार्च को गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘अज्ञेय की सौदर्य दृष्टि’ विषय पर आधारित गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में साहित्य अकादमी नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर रामदेव शुक्ल मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गौरव तिवारी ने बताया कि संगोष्ठी अज्ञेय स्मृति उपवन में दिन के 11 बजे से होगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। संगोष्ठी का आयोजन विद्याश्री न्यास, सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’, भारतीय साहित्य संस्थान न्यास समिति और बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर की तरफ से संयुक्त रूप से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अज्ञेय का जन्म कुशीनगर में सात मार्च 1911 को हुआ था। यद्यपि उनका व्यक्तित्व यायावर था और वे ताउम्र किसी एक जगह टिककर नहीं रहे, लेकिन कुशीनगर से उनका विशेष लगाव था। यहां उनका आगमन कई बार हुआ। भगवान बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली होने के अतिरिक्त साहित्य की दुनिया में कुशीनगर की एक पहचान अज्ञेय की जन्मभूमि होने की भी है। उन्होंने बताया कि यहां प्रत्येक वर्ष गोष्ठी का आयोजन होता है।
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उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति प्रोफेसर चितरंजन मिश्र, हिंदी विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष आचार्य अनंत मिश्र, साहित्यकार अरुणेश नीरन, प्रोफेसर महेश्वर मिश्र, दयानिधि मिश्र आदि मौजूद रहेंगे।
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डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी होंगे मुख्य वक्ता
विशिष्ट अतिथि की भूमिका प्रोफेसर रामदेव शुक्ल निभाएंगे
कसया (कुशीनगर)। अज्ञेय की जयंती पर अज्ञेय स्मृति उपवन में सात मार्च को गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘अज्ञेय की सौदर्य दृष्टि’ विषय पर आधारित गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में साहित्य अकादमी नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर रामदेव शुक्ल मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गौरव तिवारी ने बताया कि संगोष्ठी अज्ञेय स्मृति उपवन में दिन के 11 बजे से होगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। संगोष्ठी का आयोजन विद्याश्री न्यास, सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’, भारतीय साहित्य संस्थान न्यास समिति और बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर की तरफ से संयुक्त रूप से किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि अज्ञेय का जन्म कुशीनगर में सात मार्च 1911 को हुआ था। यद्यपि उनका व्यक्तित्व यायावर था और वे ताउम्र किसी एक जगह टिककर नहीं रहे, लेकिन कुशीनगर से उनका विशेष लगाव था। यहां उनका आगमन कई बार हुआ। भगवान बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली होने के अतिरिक्त साहित्य की दुनिया में कुशीनगर की एक पहचान अज्ञेय की जन्मभूमि होने की भी है। उन्होंने बताया कि यहां प्रत्येक वर्ष गोष्ठी का आयोजन होता है।
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उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति प्रोफेसर चितरंजन मिश्र, हिंदी विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष आचार्य अनंत मिश्र, साहित्यकार अरुणेश नीरन, प्रोफेसर महेश्वर मिश्र, दयानिधि मिश्र आदि मौजूद रहेंगे।