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Kushinagar News: युवक का शव घर पहुंचने पर हंगामा, गांव छावनी में तब्दील
Sat, 02 Aug 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:41 AM IST
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इसहाक की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। स्रोत सोशल मीडिया
पडरौना। रविंद्र नगर धूस थाना क्षेत्र के भिसवा सरकारी गांव में बीस दिन पूर्व दो पक्षों में हुई मारपीट के मामले में इलाज के दौरान एक युवक की मौत शुक्रवार को हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव दरवाजे पर पहुंचा तो पुलिस छावनी में गांव तब्दील हो गया।
घर वाले शव को दफनाने से रोक दिए और एंबुलेंस से नहीं उतार रहे थे। इस दौरान पुलिस और घर वालों से नोकझोंक हुआ। नाराज लोगों ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। घर वालों का आरोप है कि पिटाई करने वालों की तहरीर पर उल्टे केस दर्ज कर पुलिस ने युवक के भतीजे और भाई को जेल भेज दिया है। शाम को पहुंचे पडरौना के एसडीएम नाराज लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन घर वाले शव को दरवाजे पर रोके रहे। करीब सात थाने की पुलिस गांव में तैनात रही।
रविंद्र नगर धूस थाना क्षेत्र के भिसवा सरकारी गांव निवासी 40 वर्षीय इसहाक अली को जमीनी विवाद में 11 जुलाई को पड़ोसियों ने पिटाई कर दिया था। इसमें इसहाक अली के सिर में गंभीर चोट लग गई और अचेत हो गया। इलाज के दौरान वह कोमा में चला गया था। उसका इलाज गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
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इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव दरवाजे पर शाम करीब 4.30 बजे पहुंचा। दो समुदाय के बीच का मामला होने के चलते पुलिस अलर्ट हो गई और पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। परिजन आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग करते हुए शव को दफनाने से मना कर दिया।
एंबुलेंस से शव नहीं उतार रहे थे, इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक धक्का मुक्की हुई। महिलाओंं ने रविंद्र नगर पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए एसडीएम पडरौना ऋषभ पुंडीर से कहा विपक्षियों ने बेरहमी से पिटाई किया और पुलिस उल्टे ही केस दर्ज कर मृतक के भतीजे और भाई को जेल भेज दिया।
हम लोगों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं पुलिस वाले हल्का बल का प्रयोग भी किए, लेकिन परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। एसडीएम ऋषभ पुंडीर ने जेल भेजे गए आरोपियों को दो दिन में रिहा कराने और केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने सुबह शव दफनाने की बात कही।
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घर वाले शव को दफनाने से रोक दिए और एंबुलेंस से नहीं उतार रहे थे। इस दौरान पुलिस और घर वालों से नोकझोंक हुआ। नाराज लोगों ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। घर वालों का आरोप है कि पिटाई करने वालों की तहरीर पर उल्टे केस दर्ज कर पुलिस ने युवक के भतीजे और भाई को जेल भेज दिया है। शाम को पहुंचे पडरौना के एसडीएम नाराज लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन घर वाले शव को दरवाजे पर रोके रहे। करीब सात थाने की पुलिस गांव में तैनात रही।
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रविंद्र नगर धूस थाना क्षेत्र के भिसवा सरकारी गांव निवासी 40 वर्षीय इसहाक अली को जमीनी विवाद में 11 जुलाई को पड़ोसियों ने पिटाई कर दिया था। इसमें इसहाक अली के सिर में गंभीर चोट लग गई और अचेत हो गया। इलाज के दौरान वह कोमा में चला गया था। उसका इलाज गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
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इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव दरवाजे पर शाम करीब 4.30 बजे पहुंचा। दो समुदाय के बीच का मामला होने के चलते पुलिस अलर्ट हो गई और पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। परिजन आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग करते हुए शव को दफनाने से मना कर दिया।
एंबुलेंस से शव नहीं उतार रहे थे, इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक धक्का मुक्की हुई। महिलाओंं ने रविंद्र नगर पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए एसडीएम पडरौना ऋषभ पुंडीर से कहा विपक्षियों ने बेरहमी से पिटाई किया और पुलिस उल्टे ही केस दर्ज कर मृतक के भतीजे और भाई को जेल भेज दिया।
हम लोगों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं पुलिस वाले हल्का बल का प्रयोग भी किए, लेकिन परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। एसडीएम ऋषभ पुंडीर ने जेल भेजे गए आरोपियों को दो दिन में रिहा कराने और केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने सुबह शव दफनाने की बात कही।