फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Then the water discharge increased, Gandak reached 58 cm above the danger mark

Kushinagar News: फिर तेज हुआ पानी का डिस्चार्ज, गंडक खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर पहुंची

Sun, 10 Aug 2025 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 10 Aug 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
Then the water discharge increased, Gandak reached 58 cm above the danger mark
नरवाजोत बांध पर सुरक्षा कार्य में जुटे मजदूर। संवाद  
तमकुहीरोड/खड्डा। वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी का डिस्चार्ज शनिवार से एक बार फिर बढ़ने लगा है। दोपहर में डिस्चार्ज 1.40 लाख क्यूसेक था। नदी चेतावनी बिंदु से 58 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव को लेकर जहां बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बांध की निगरानी तेज कर दी है, वहीं लोगों में बाढ़ आने का भय बना हुआ है।
विज्ञापन

सेवरही क्षेत्र मेंं नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक लगभग साढ़े 17 किलोमीटर की लम्बाई में गंडक नदी बहती है। यह बांध के किनारे घनी आबादी वाले गांवों से गुजरती है। पिछले कई सालों से नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े के कारण नदी के तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यही कारण है कि जब भी नदी का डिस्चार्ज बढ़ता है तो तटबंधों पर दबाव बढ़ जाता है। चार दिन पहले जब डिस्चार्ज बढ़ कर 1.47 लाख क्यूसेक हो गया था तो बढ़ते जलस्तर को लेकर लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी थी। बाद में यह डिस्चार्ज घट कर 80 हजार क्यूसेक से नीचे आ गया था। शनिवार से यह डिस्चार्ज फिर बढ़ने लगा है। सुबह छह बजे डिस्चार्ज 1.06 लाख क्यूसेक था, जो आठ बजे बढ़कर 1.16 लाख क्यूसेक तो दस बजे 1.30 लाख और दोपहर में बढ़ कर 1.40 लाख क्यूसेक हो गया। आगे भी डिस्चार्ज में वृद्धि होने की संभावना बनी हुई है। जिसके चलते एक बार फिर नरवाजोत, पिपराघाट, चैनपट्टी, विरवट कोन्हवलिया, बाकखाश, बाघा चौर, नोनिया पट्टी, कचहरी टोला सहित अन्य कई जगहों पर पानी का दबाव बनने की स्थिति उत्पन्न होने लगा है। जिसने बांध के किनारे रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, राजेंद्र सिंह, ध्रुव निषाद, बृजकिशोर साहनी आदि का कहना है कि गनीमत है कि नदी में अभी तक कहीं बैकरोलिंग का खतरा नहीं है। अगर ऐसा होता है तो स्थिति बिगड़ते देर नही लगेगी। तटबंधों पर कटान का खतरा बढ़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed